Fri Sep 11, 2026 | 08:18 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

लंबे समय तक भूखे रहने के बाद ज्यादा खाना डाइजेशन पर कैसे असर डालता है?

कई लोग लंबे समय तक भूखे रहने के बाद अचानक से ओवरईट‍िंग कर लेते हैं। यह आदत सेहत और डाइजेशन को खराब कर सकती है। खाली पेट ओवरईटि‍ंग करने से पेट में गैस, अपच जैसी पाचन समस्‍याएं हो सकती हैं। एक्‍सपर्ट से जानते हैं क‍ि भूख के बाद ज्‍यादा की आदत नुकसानदायक क्‍यों होती है?

रमजान के महीने में अक्‍सर ऐसा होता है क‍ि लोग लंबे समय तक भूखा रहने के बाद सहरी के दौरान रोजा खत्‍म करके खाते हैं। वहीं जो लोग उपवास या व्रत रखते हैं, वह भी लंबे समय तक भूखा रहने के बाद खाते हैं। भूखा रहने के बाद खाना सेहत को नुकसान नहीं पहुंचाता, लेक‍िन भूखा रहने के बाद ओवरईट‍िंग करने से सेहत को नुकसान हो सकता है। भूख के बाद जब अचानक ढेर सारा खाना खाएंगे, तो पेट पर ज्‍यादा जोर पड़ेगा। भूख के बाद ओवरईट‍िंग करने से पाचन समस्‍याएं बढ़ सकती हैं।
Science Direct के मुताब‍िक, जरूरत से ज्‍यादा खाने से मोटापा बढ़ सकता है। ज्‍यादा वजन के कारण शरीर की एनर्जी कम हो जाती है। लो एनर्जी के कारण व्‍यक्‍त‍ि आलस महसूस करता है। ओवरईट‍िंग के कारण होने वाली पाचन समस्‍याओं के बारे में आगे व‍िस्‍तार से जानेंगे।

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1. अपच और पेट फूलना- Indigestion And Bloating

लंंबे समय तक भूखा रहने के बाद अगर आप अचानक खाएंगे, तो पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ सकता है। खाली पेट में एस‍िड बनता है। पेट में गैस, फूलना, भारीपन जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। तला-भुना या मसालेदार खाने से यह समस्‍या और भी ज्‍यादा बढ़ सकती है।

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2. एसिडिटी और सीने में जलन- Acidity And Heartburn

Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow ने बताया क‍ि लंबे समय तक खाली पेट रहने से पेट में गैस्‍ट्र‍िक एस‍िड जमा हो जाता है। ज्‍यादा खाने से पेट का एस‍िड, भोजन के साथ म‍िलकर एस‍िड र‍िफ्लक्‍स की समस्‍या पैदा कर सकता है। इससे सीने में जलन, खट्टी डकार, गले में जलन जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।

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3. ब्‍लड शुगर में उतार-चढ़ाव होना- Fluctuations In Blood Sugar Level

लंबे समय तक भूखा रहने के कारण ब्‍लड शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव देखने को म‍िल सकता है। इसके बाद जब अचानक से आप ज्‍यादा खा लेते हैं, तो शुगर लेवल बढ़ सकता है। इससे थकान, चक्‍कर, च‍िड़चिड़ापन जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। शुगर लेवल ग‍िरने से मेटाबॉल‍िक समस्‍याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। लंबे समय तक भूखा रहने के बाद संतुल‍ित और हल्‍का भोजन खाना चाह‍िए।

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4. पेट में ऐंठन और दर्द- Stomach Cramps And Pain

लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद ऐंठन और दर्द महसूस हो सकता है। जब आप ज्‍यादा मात्रा में खाते हैं, तो उसे आगे बढ़ाने के ल‍िए आंतों को ज्‍यादा संकुचन (Contraction) करना पड़ सकता है। इससे पेट दर्द और असहजता महसूस हो सकती है। खासकर अगर भोजन तला-भुना या मसालेदार होगा, तो पेट की समस्‍याएं बढ़ सकती हैं।

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5. डायरि‍या- Diarrhoea

देर तक भूखा रहने के बाद जब अचानक आप ज्‍यादा भोजन कर लेते हैं, तो दस्‍त की समस्‍या हो सकती है। यह खासकर तब होता है जब भोजन में ज्‍यादा फैट, मसाला या चीनी मौजूद हो। अचानक ज्‍यादा मात्रा में खाने से पाचन एंजाइम का संतुलन खराब हो जाता है ज‍िससे भोजन पूरी तरह से पच नहीं पाता है और मल ढीला हो जाता है ज‍िससे डायरि‍या होता है और कमजोरी महसूस होती है।

न‍िष्‍कर्ष:

कई लोग लंबे समय तक भूखा रहने के बाद अचानक ज्‍यादा खाने लगता है ज‍िससे सेहत खराब हो सकती है। लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद ओवरईट‍िंग करने से अपच, पेट फूलना, एस‍िड‍िटी, सीने में जलन, ब्‍लड शुगर में उतार-चढ़ाव, पेट में ऐंठन, दर्द और डायर‍िया जैसी पाचन समस्‍याएं हो सकती हैं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Mar 04, 2026 14:58 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Mar 04, 2026 14:58 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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