Fri Sep 11, 2026 | 09:17 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

लंच से जुड़ी ये गलतियां बिगाड़ देती हैं सेहत, जानें सुधार के तरीके

लंच में ज्यादा रोटी और बड़ी कटोरी सब्जी सेहत बिगाड़ सकती है। जानें लंच से जुड़ी आम गलत‍ियां और उसे सुधारने के आसान तरीके, जैसे सही मात्रा, सलाद और प्रोटीन जोड़कर कैसे लंच को हेल्दी बना सकते हैं?

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग सुबह का नाश्ता अक्‍सर जल्दी में करते हैं, इसल‍िए लंच को सबसे सेफ मील मान लेते हैं। लेकिन सच यह है कि लंच में की जाने वाली छोटी-छोटी गलतियां धीरे-धीरे सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचाती हैं। दोपहर का खाना सीधे मेटाबॉलिज्म, पाचन, वजन और पूरे दिन की एनर्जी से जुड़ा होता है। अगर लंच बहुत भारी, असंतुलित या गलत तरीके से लिया जाए, तो इसका असर गैस, एसिडिटी, पेट की चर्बी, सुस्ती और थकान के रूप में दिखने लगता है।
कई लोग यह मानकर चलते हैं कि दोपहर में ज्यादा खाने से कमजोरी नहीं होगी, जबकि हकीकत इसके उलट होती है। जरूरत से ज्यादा रोटी, बहुत बड़ी कटोरी की सब्जी और प्रोटीन की कमी शरीर को नुकसान पहुंचाती है। इसलिए लंच को न ज्यादा भारी बनाना सही है और न ही हल्का। इस लेख में जानेंगे लंच से जुड़ी गलत‍ियां जो हम अक्‍सर करते हैं और सुधार के तरीके। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

 

 

 

View this post on Instagram

A post shared by Siddhartha Singh (@officialsiddharthasingh)

लंच से जुड़ी आम गलत‍ियां- Lunch Mistakes To Avoid

  • कुछ लोग लंच के साथ या तुरंत बाद ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक या फ्रिज का पानी पी लेते हैं। इससे पाचन की आग कमजोर हो जाती है और खाना ठीक से नहीं पच पाता। इस गलती से बचें।
  • ऑफिस या काम के दबाव में लोग लंच को बहुत जल्दी-जल्दी खा लेते हैं। तेज खाने से एसिडिटी, गैस, अपच और ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है।
  • अक्सर लोग लंच में सिर्फ रोटी-सब्जी या चावल-सब्जी तक ही सीमित रहते हैं और प्रोटीन जोड़ना भूल जाते हैं। प्रोटीन की कमी से बार-बार भूख लगती है, कमजोरी रहती है और मसल्स कमजोर होने लगते हैं।

यह भी पढ़ें- क्या लंच स्किप करना ब्रेकफास्ट छोड़ने से बेहतर है? न्यूट्रिशनिस्ट बता रही हैं सही तरीका

सब्‍जी को बड़े बाउल में और ज्‍यादा रोट‍ियों के साथ न खाएं

Nutritionist, Neha Sinha ने बताया क‍ि ज्‍यादातर लोग लंच में एक बड़ी कटोरी सब्जी के साथ चार या पांच या उससे ज्‍यादा रोटियां खा लेते हैं। यह कॉम्बिनेशन सुनने में हेल्दी लगता है, लेकिन असल में यह कार्ब्स का ओवरडोज बन जाता है। बहुत ज्यादा रोटी और ज्यादा मात्रा में सब्जी पाचन को धीमा कर देती है। इससे गैस, पेट फूलना, नींद आना और वजन बढ़ना जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। इसके साथ अगर प्रोटीन नहीं लिया गया, तो मसल्स कमजोर होने लगते हैं और शरीर को पूरी एनर्जी नहीं मिल पाती इसल‍िए इस गलती से बचें।

यह भी पढ़ें- लंच के बाद सोने की आदत कैसे बिगाड़ सकती है डाइजेशन? आयुर्वेदाचार्य से जानें कारण

लंच में की गई गलत‍ियों को कैसे सुधारें?- How To Fix Diet Mistakes

how-to-fix-lunch-mistakes

1. एक या दो रोटी ही खाएं- Eat Not More Than Two Chapati

लंच में सिर्फ एक या दो रोटी खाना हेल्‍दी माना जाता है। इससे शरीर को जरूरी कार्बोहाइड्रेट मिल जाता है, लेकिन वजन बढ़ने का खतरा नहीं रहता।

2. छोटी कटोरी सब्जी खाएं- Eat Small Bowl Of Vegetable

छोटा बाउल सब्‍जी लेने से पाचन सही रहता है और पेट पर लोड नहीं पड़ता। सब्जी पोषक तत्व देती है, लेकिन मात्रा संतुलित होनी चाहिए।

यह भी पढ़ें- लंच के बाद सोने की आदत कैसे बिगाड़ सकती है डाइजेशन? आयुर्वेदाचार्य से जानें कारण

3. एक छोटी कटोरी सलाद जरूर खाएं- Add Bowl Of Salad In Diet

लंच में एक छोटा बाउल सलाद को जोड़ने से फाइबर मिलता है, पाचन सुधरता है और पेट देर तक भरा रहता है। इससे ओवरईटिंग भी नहीं होती।

4. प्लेट में प्रोटीन जरूर जोड़ें- Add Protein In Plate

अगर आप ऑफिस में हैं, तो ग्रीक योगर्ट सबसे आसान और हेल्दी विकल्प है, क्योंकि इसे ऑफि‍स में लेकर जाना आसान होता है और यह प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है। घर पर हैं, तो पनीर भी एक अच्छा प्रोटीन सोर्स है। इससे मसल्स मजबूत रहती हैं और लंबे समय तक एनर्जी बनी रहती है।

न‍िष्‍कर्ष:

लंच में गलती करने से वजन बढ़ना, पाचन खराब होना और थकान जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। लेकिन अगर आप सिर्फ रोटी, सब्जी, सलाद और प्रोटीन की मात्रा को सही संतुलन में ले आते हैं, तो बिना डाइटिंग के भी आपकी सेहत सुधर सकती है।

उम्‍मीद करते हैं क‍ि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को शेयर करना न भूलें।

Read Next

63 में भी यंग द‍िखते हैं जावेद जाफरी, बताए स्‍लो एज‍िंग के राज, बोले हेल्‍दी नाश्‍ता है मेरा सीक्रेट

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Dec 06, 2025 12:05 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Dec 06, 2025 12:05 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content