पेट में दर्द, जलन या बार-बार होने वाली एसिडिटी को कई लोग सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन कुछ मामलों में यह पेट के अल्सर का संकेत हो सकता है। अच्छी बात यह है कि आज के समय में ज्यादातर अल्सर का इलाज दवाओं और खानपान में बदलाव से संभव है। फिर भी कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या पेट के अल्सर में ऑपरेशन की जरूरत पड़ सकती है?
यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, फरीदाबाद के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, डॉ. कपिल शर्मा बताते हैं कि पहले पेट के अल्सर के इलाज में सर्जरी का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता था, लेकिन मॉडर्न मेडिसिन और बेहतर इलाज के ऑप्शन के कारण अब ज्यादातर मरीजों को ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि, कुछ गंभीर परिस्थितियों में सर्जरी आज भी की जाती है।
पेट के अल्सर के लिए सर्जरी की जरूरत कब होती है?
डॉ. कपिल शर्मा बताते हैं कि पहले के समय में पेट के अल्सर के इलाज में सर्जरी ज्यादा आम थी, लेकिन अब बेहतर दवाओं और जांच की सुविधाओं के कारण ज्यादातर मरीज बिना ऑपरेशन के ठीक हो जाते हैं। आज के समय में पेट के ज्यादातर अल्सर का इलाज बिना ऑपरेशन के संभव है लेकिन अगर अल्सर से गंभीर समस्याएं होने लगें, जैसे ज्यादा ब्लीडिंग, पेट में छेद होना या दवाओं से समस्या कंट्रोल न होना, तो सर्जरी की जा सकती है।
1. अल्सर से ब्लीडिंग होना
डॉ. कपिल शर्मा बताते हैं कि अगर अल्सर से लगातार या ज्यादा ब्लीडिंग हो रही हो और एंडोस्कोपी या अन्य इलाज से इसे कंट्रोल नहीं किया जा पा रहा है, तो सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। अल्सर के कारण अगर व्यक्ति को ब्लीडिंग हो रही है तो कुछ संकेत नजर आते हैं जैसे कि काले रंग का मल आना, उल्टी में खून आना कमजोरी और चक्कर महसूस होना।
2. पेट या आंत में छेद होना
डॉ. कपिल शर्मा बताते हैं कि कभी-कभी अल्सर इतना गहरा हो सकता है कि पेट या आंत की दीवार में छेद हो जाए। इससे पेट के अंदर एसिड और अन्य पदार्थ फैल सकते हैं, जो गंभीर इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं। यह एक मेडिकल इमरजेंसी होती है और इसमें तुरंत इलाज की जरूरत होती है।
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3. दवाओं से ठीक न होने वाला अल्सर
कुछ मामलों में लंबे समय तक इलाज के बावजूद अल्सर ठीक नहीं होता या बार-बार वापस आ जाता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर सर्जरी पर विचार कर सकते हैं लेकिन यह भी व्यक्ति की कंडीशन पर निर्भर करता है।
4. पेट के रास्ते में रुकावट होना
कुछ पुराने अल्सर के कारण पेट से भोजन आगे जाने के रास्ते में संकुचन हो सकता है। इससे खाना पचने में परेशानी, उल्टी या पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है। ऐसी स्थिति में भी सर्जरी की जरूरत हो सकती है।

The American Surgeon में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, पेट के अल्सर के इलाज में 'वेगोटॉमी और पाइलोरोप्लास्टी' (छोटा ऑपरेशन) और 'गैस्ट्रिक रिसेक्शन' (पेट का बड़ा ऑपरेशन) दोनों के लंबे समय में एक जैसे और बेहतरीन नतीजे मिलते हैं।
- 20 साल की इस स्टडी में लगभग 92% मरीज पूरी तरह ठीक हुए और सिर्फ 4% मामलों में ही अल्सर दोबारा हुआ।
- स्टडी में यह भी पाया गया कि योजना बनाकर की गई सर्जरी बेहद सुरक्षित होती है, जबकि आपातकालीन यानी इमरजेंसी सर्जरी, ज्यादा उम्र और दिल की बीमारियों वाले मरीजों में जोखिम काफी ज्यादा होता है।
- सही समय पर सही ऑपरेशन ही इसका सबसे अच्छा इलाज है।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
डॉ. कपिल शर्मा सलाह देते हैं कि अगर आपको तेज और अचानक पेट दर्द हो, उल्टी में खून दिखे, काला मल हो, लगातार उल्टी होने लगे, अचानक वजन कम हो या बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो तो ये अल्सर की गंभीर समस्याओं के संकेत हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए औ उचित इलाज को फॉलो करना चाहिए।
निष्कर्ष
पेट के अल्सर में हर मरीज को सर्जरी की जरूरत नहीं होती। ज्यादातर मामलों में दवाओं और सही लाइ से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। लेकिन यदि अल्सर से गंभीर ब्लीडिंग, पेट में छेद, बार-बार समस्या या इलाज के बावजूद सुधार न हो, तो सर्जरी जरूरी हो सकती है। इसलिए पेट की लगातार समस्या, दर्द या असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज करने की बजाय समय पर डॉक्टर से जांच कराना बेहतर होता है।
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FAQ
क्या पेट का अल्सर दोबारा हो सकता है?
अगर अल्सर के कारण जैसे H. pylori इंफेक्शन, दवाओं का गलत इस्तेमाल या लाइफस्टाइल की समस्याएं दूर नहीं की जातीं, तो यह दोबारा हो सकता है।क्या बिना दर्द के भी अल्सर गंभीर हो सकता है?
कुछ लोगों में अल्सर होने के बावजूद ज्यादा दर्द महसूस नहीं होता, लेकिन अंदरूनी समस्याएं विकसित हो सकती हैं।क्या पेट का अल्सर कैंसर में बदल सकता है?
हर अल्सर कैंसर नहीं बनता लेकिन कुछ असामान्य अल्सर की जांच जरूरी होती है ताकि सही कारण पता लगाया जा सके।
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Aug 06, 2026 18:57 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Kapil Sharma