Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Kapil Sharma , Group Director - Gastroenterology & Advanced Endoscopy

एक जैसे लग सकते हैं पेट में अल्सर और पेट के कैंसर के संकेत, डॉक्‍टर से जानें कैसे पहचानें अंतर

पेट में अल्‍सर और कैंसर दोनों बीमार‍ियों की स्‍थ‍िति‍ में पेट में दर्द होता है और अर्ली स्‍टेज में लक्षणों का पता नहीं चलता है, ऐसे में यह समझना बहुत जरूरी है क‍ि आख‍िर कैसे अंतर क‍िया जाए ताक‍ि समय रहते बीमारी का इलाज हो सके। डॉक्‍टर से जानते हैं दोनों में क्‍या अंतर है?

अक्‍सर लोग पेट के अल्‍सर और पेट के कैंसर के बीच कंफ्यूज रहते हैं। पेट की अंदरूनी परत पर बनने वाले घाव को पेट का अल्‍सर कहा जाता है। जबक‍ि पेट की कोश‍िकाओं की असामान्‍य ग्रोथ को पेट का कैंसर कहा जाता है। पेट का अल्‍सर H. pylori बैक्‍टीर‍िया के कारण होता है। वहीं धूम्रपान और तंबाकू करने वाले लोग या ज‍िनके पर‍िवार में कैंसर का इत‍िहास रहा है, उन्‍हें पेट का कैंसर हो सकता है। कुछ एक्‍सपर्ट्स ऐसा मानते हैं क‍ि H. pylori बैक्‍टीर‍िया अल्‍सर और भव‍िष्‍य में कैंसर दोनों का कारण बन सकता है। ज‍िन लोगों की उम्र 50 साल या उससे ज्‍यादा है या जो लोग लंबे समय से पेट की बीमार‍ियों का श‍िकार हैं, उनमें ये दोनों बीमार‍ियां ज्‍यादा देखने को म‍िलती हैं। पेट के अल्‍सर और कैंसर में लक्षण एक जैसे ही द‍िखते हैं, लेक‍िन फ‍िर भी दोनों में अंतर होता है। दोनों के बीच का अंतर समझने के ल‍िए हमने Dr. Kapil Sharma, Gastroenterologist At Yatharth Super Speciality Hospital, Faridabad से बात की।

पेट में अल्सर vs कैंसर के लक्षणों में अंतर होता है

लक्षण पेट में अल्सर पेट का कैंसर
 पेट दर्द  ऊपरी पेट में जलन या दर्द।  लगातार या बढ़ता हुआ पेट दर्द।
 वजन  वजन में बड़ा बदलाव नहीं होता।  बिना कारण तेजी से वजन कम होना।
 उल्टी  मतली या कभी-कभी उल्टी।  बार-बार उल्टी, कभी-कभी खून के साथ।
 मल का रंग  गंभीर अल्सर में काला मल आ सकता है।  काला मल या मल के साथ खून आना।
इलाज का असर  दवा से अक्सर कुछ सप्ताह में सुधार हो जाता है।  सामान्य दवाओं से लक्षण बने रह सकते हैं।

अल्‍सर

जब पेट में अल्‍सर होता है, तो पेट के बीच में जलन का एहसास होता है। खाते समय यह दर्द बढ़ सकता है। पेट दर्द ब्रेस्‍टबोन और बेली बटन के बीच में होता है। बेली बटन के ठीक ऊपर अपर एब्‍डॉम‍िन एर‍िया में अल्‍सर का दर्द होता है।

कैंसर

पेट में कैंसर होने पर स‍िर्फ पेट दर्द नहीं होता, बल्‍क‍ि उसके साथ वेट लॉस और उल्‍टी जैसे लक्षण भी नजर आते हैं। American Cancer Society के मुता‍ब‍िक, और भी कई लक्षण हैं जो पेट में कैंसर के लक्षण माने जाते हैं जैसे-

  • भूख कम होना।
  • वजन कम होना।
  • कम खाकर भी पेट भर जाना।
  • जी म‍िचलाना।
  • हार्टबर्न या अपच होना।
  • उल्‍टी होना या उल्‍टी के साथ ब्‍लड न‍िकलना।
  • पेट में सूजन।
  • स्‍टूल में ब्‍लड आना।
  • खाना न‍िगलने में परेशानी होना।

गैस्ट्राइटिस, पैंक्रियाटाइटिस या गॉलब्‍लैडर ड‍िजीज में भी ये लक्षण नजर आ सकते हैं।

पेट में अल्सर और कैंसर की जांच अलग होती है

stomach-ulcer-vs-cancer

पेट का अल्सर होने पर-

  • ब्लड टेस्ट,
  • स्टूल टेस्ट,
  • अपर GI एंडोस्कोपी वगैरह की जाती है।

पेट का कैंसर होने पर-

  • बायोप्सी के साथ अपर GI एंडोस्कोपी,
  • सीटी स्कैन,
  • बायोप्सी सैंपल का इस्तेमाल करके बायोमार्कर टेस्टिंग की जाती है।

इलाज में भी अंतर होता है

पेट में अल्‍सर

पेट में अल्‍सर होने के पीछे का कारण ज्‍यादातर लोगों में H. pylori बैक्टीरिया होता है। इसके कारण होने वाले अल्‍सर के ल‍िए एंटीबायोट‍िक्‍स दी जाती हैं। एंटास‍िड की मदद से भी लक्षणों से राहत द‍िलाने में मदद म‍िलती है।

पेट में कैंसर

पेट का कैंसर होने पर कैंसर की स्‍टेज, कैंसर का टाइप वगैरह का ध्‍यान रखकर सर्जरी, कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी या रेडिएशन थेरेपी कराने की सलाह दी जाती है।

क्या पेट का अल्सर कैंसर में बदल सकता है?

पेट का अल्‍सर कैंसर में नहीं बदल सकता है। हालांक‍ि, लंबे समय तक H. pylori इंफेक्‍शन रहने पर पेट के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। साल 2022 में Cancers नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, ज‍िन लोगों को पेट का अल्‍सर था उनमें पेट के कैंसर का खतरा ज्‍यादा था। पेट के कैंसर का खतरा, सामान्‍य लोगों के मुकाबले, अल्‍सर के मरीजों में 3.04 गुना ज्‍यादा पाया गया।

डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

  • अगर पेट दर्द लंबे समय तक बना रहे, तो डॉक्‍टर से सलाह लें।
  • पेट दर्द के साथ बुखार होना।
  • पेट दर्द के साथ उल्‍टी, वजन कम हाना, खाना न‍िगलने में कठ‍िनाई होना।
  • अगर पर‍िवार में क्रॉन‍िक सूजन, पेट के कैंसर का इत‍िहास रहा है या H. pylori इंफेक्‍शन हो, तो समय-समय पर जांच कराएं और डॉक्‍टर के संपर्क में रहें।

न‍िष्‍कर्ष:

पेट में अल्‍सर होने पर पेट के ऊपरी ह‍िस्‍से में जलन और दर्द होता है, वहीं कैंसर होने पर दर्द तीव्र हो जाता है। कैंसर में पेट दर्द के साथ वेट लॉस और उल्‍टी जैसे लक्षण भी नजर आते हैं। अल्‍सर में एंटास‍िड या एंटीबायोट‍िक्‍स की मदद से इलाज क‍िया जाता है जबक‍ि पेट के कैंसर में सर्जरी, कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी वगैरह की मदद ली जाती है।

FAQ

  • क्या पेट का कैंसर पूरी तरह ठीक हो सकता है?

    शुरुआती स्‍टेज में कैंसर का पता चल जाए, तो इलाज संभव है। ब‍िना वजह वजन घटना, खाना न‍िगलने में परेशानी होना, काला मल नजर आना या खून की उल्‍टी जैसे लक्षण गंभीर माने जाते हैं और ऐसी स्‍थ‍ित‍ि में तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क चाह‍िए।
  • पेट के अल्‍सर और कैंसर में पेट दर्द एक जैसा होता है?

    अल्‍सर होने पर दर्द ऊपरी पेट में जलन पैदा करता है, जबक‍ि कैंसर का दर्द लगातार बना रहता है और समय के साथ गंभीर हो जाता है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 13, 2026 18:59 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Kapil Sharma

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