Thu Oct 1, 2026 | 07:29 PM IST

Medically Reviewed by Dr V Rajasekhar , Senior Consultant – Interventional Cardiology & Electrophysiology | Certified TAVR Operator | Clinical Director

हार्ट ड‍िजीज से बचाव के लिए महिलाएं कराएं ये 5 जरूरी टेस्ट, समय पर जांच से टल सकता है खतरा

महिलाओं में दिल की बीमारियों के खतरे, उम्र के अलग-अलग पड़ावों पर सामने आ सकते हैं जैसे मेनोपॉज या प्रेग्नेंसी। इसलिए समय रहते जरूरी जांच की मदद से हार्ट ड‍िजीज से बच सकती हैं। जानें ऐसे 5 जरूरी टेस्‍ट के बारे में।
हार्ट ड‍िजीज से बचाव के लिए महिलाएं कराएं ये 5 जरूरी टेस्ट, समय पर जांच से टल सकता है खतराहार्ट ड‍िजीज से बचाव के लिए महिलाएं कराएं ये 5 जरूरी टेस्ट, समय पर जांच से टल सकता है खतरा

हार्ट डि‍जीज के खतरे से बचने के ल‍िए मह‍िलाओं को क्र‍िएट‍िन‍िन, eGFR टेस्‍ट, ECG और इकोकार्डियोग्राम, लिपिड प्रोफाइल, HbA1c टेस्ट, सी-रिएक्टिव प्रोटीन टेस्‍ट जैसी जांच करानी चाह‍िए। इसके अलावा वजन और कमर के माप पर भी गौर करना जरूरी है। महिलाओं में मेनोपॉज, हार्मोनल बदलाव, हाई बीपी, डायबिटीज और बढ़ता कोलेस्ट्रॉल हार्ट ड‍िजीज के मुख्‍य जोख‍िम कारक माने जाते हैं। इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान हाई बीपी, डायबिटीज और प्री-एक्लेम्पसिया जैसी समस्याएं भी भविष्य में दिल की बीमारी का खतरा बढ़ा सकती हैं, लेक‍िन हार्ट से संबंध‍ित जांच इस खतरे को कम कर सकती हैं। आइए व‍िस्‍तार से जानते हैं इन जांच के बारे में। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. V Rajasekhar, Cardiologist At Yashoda Hospitals, Hitec City, Hyderabad से बात की।

हार्ट ड‍िजीज के संकेतों काे समझें 

रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के मुताब‍िक, महिलाओं में कई बार हृदय रोग के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। हालांकि, कुछ महिलाओं में ये लक्षण नजर आ सकते हैं-

  • सीने में दर्द या भारीपन
  • जी मिचलाना
  • गर्दन, जबड़े या गले में दर्द
  • उल्टी होना
  • बहुत ज्यादा थकान होना
  • पेट के ऊपरी हिस्से या पीठ में दर्द

ज्‍यादा मह‍िलाओं को यह गलतफहमी होती है क‍ि हार्ट ड‍िजीज केवल पुरुषों को होते हैं। जबक‍ि World Heart Federation के मुताब‍िक, हर साल महिलाओं की कुल मौतों में से लगभग 30% मौतों की वजह द‍िल की बीमारियां होती हैं। द‍िल की बीमारियों से होने वाली मौतों की संख्या कैंसर से होने वाली मौतों की कुल संख्या से भी दोगुना हैं। हार्ट की बीमारियां किसी भी उम्र की महिला को प्रभावित कर सकती हैं।

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महिलाओं में हृदय रोग का खतरा कब बढ़ता है?

मेनोपॉज और हार्ट ड‍िजीज र‍िस्‍क

मेनोपॉज (मासिक धर्म बंद होने) के बाद शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है। इससे ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और शरीर में फैट जमा होने के तरीके में बदलाव आ सकता है और हार्ट ड‍िजीज र‍िस्‍क बढ़ सकता है। इसलिए मेनोपॉज के दौरान महिलाओं की सेहत की जांच करना जरूरी है। इस तरह आप मेनोपॉज के बाद हार्ट ड‍िजीज के खतरे से बच सकती हैं।

प्रेग्नेंसी और हार्ट ड‍िजीज र‍िस्‍क

महिलाओं को अपनी पिछली प्रेग्नेंसी से जुड़ी समस्याओं के बारे में भी डॉक्टर को बताना चाहिए। प्रेग्नेंसी के दौरान डायबिटीज, हाई बीपी, प्री-एक्लेम्पसिया, समय से पहले बच्चे का जन्म या बार-बार गर्भपात जैसी समस्याएं भविष्य में दिल की बीमारी का खतरा बढ़ने का संकेत हो सकती हैं।

European Society Of Cardiology के मुताब‍िक, समय से पहले बच्चे का जन्म, लगातार तीन या उससे ज्यादा बार गर्भपात होना और एक या अधिक बार मृत बच्चे का जन्म होना, महिलाओं में भविष्य में दिल की बीमारी का खतरा लगभग 40% तक बढ़ा सकता है।

हार्ट ड‍िजीज की फैम‍िली ह‍िस्‍ट्री

मेनोपॉज के बाद या परिवार में दिल की बीमारी, डायबिटीज, हाई बीपी और गर्भावस्था से जुड़ी समस्याओं का इतिहास होने पर महिलाओं को डॉक्टर से संपर्क करना चाह‍िए।

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महिलाओं की हार्ट हेल्‍थ के लि‍ए 5 जरूरी जांच

अगर आप एक महि‍ला हैं, तो हार्ट ड‍िजीज से बचने के ल‍िए कुछ जरूरी जांच कराएं। कुछ जांचें, तो घर बैठे भी सैंपल देकर लैब से कराई जा सकती हैं। हार्ट ड‍िजीज से बचाव के ल‍िए ये 5 जांच कराएं-

1. क्रिएटिनिन और eGFR टेस्‍ट

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किडनी की कार्यक्षमता की जांच करना भी जरूरी है क्योंकि किडनी ठीक से काम न करे, तो दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसके लिए क्रिएटिनिन और eGFR जैसे टेस्ट किए जाते हैं।

2. ECG और इकोकार्डियोग्राम

ECG टेस्ट

इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) से दिल की धड़कन की जांच की जाती है। इससे दिल की धड़कन अनियमित होने, दिल तक ब्‍लड की आपूर्ति कम होने और पहले हार्ट अटैक आने के कुछ संकेतों का पता चल सकता है। इसलिए हार्ट डिजीज की आशंका होने पर यह जांच जरूरी होती है।

इकोकार्डियोग्राम

इकोकार्डियोग्राम से दिल की बनावट, मांसपेशियों और वाल्व की स्थिति का पता चलता है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि दिल कितनी अच्छी तरह ब्‍लड पंप कर रहा है? हार्ट फेलियर या दिल की मांसपेशियों में गड़बड़ी का पता लगाने के लिए यह जांच जरूरी मानी जाती है।

ECG टेस्ट और इकोकार्डियोग्राम को खुद से नहीं करवा सकते हैं। केवल डॉक्‍टर की सलाह पर ही इन दो जांचों को क‍िया जाता है।

3. लिपिड प्रोफाइल

इस टेस्ट की मदद से ब्‍लड में टोटल कोलेस्ट्रॉल, बैड और गुड कोलेस्‍ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल पता चलता है। बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल बढ़ने से धमनियों में फैट जमा होने और हार्ट ड‍िजीज का खतरा बढ़ सकता है।

4. HbA1c टेस्ट

HbA1c टेस्ट से पिछले 2 से 3 महीनों के औसत ब्लड शुगर लेवल का पता चलता है। इससे प्री-डायबिटीज और डायबिटीज की पहचान करने में मदद मिलती है।

5. सी-रिएक्टिव प्रोटीन टेस्‍ट

सी-रिएक्टिव प्रोटीन (CRP) टेस्‍ट, शरीर में सूजन का पता लगाने में मदद करता है। इसका एक विशेष रूप, हाई-सेंसिटिविटी CRP, कुछ महिलाओं में दिल की बीमारी के खतरे का आंकलन करने के लिए किया जा सकता है।

वजन और कमर की माप भी जरूरी है

नियमित रूप से वजन और कमर की माप लेना भी जरूरी है। कई बार शरीर का कुल वजन सामान्य होने के बावजूद पेट के आस-पास ज्यादा चर्बी जमा हो सकती है। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस, हाई बीपी और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा हो सकता है जो आगे जाकर हार्ट ड‍िजीज में भी बदल सकता है।

हार्ट ड‍िजीज से कैसे बचें?

समय पर जांच, संतुलित आहार, नियमित एक्‍सरसाइज, पर्याप्त नींद और सही इलाज से दिल की बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम करने में मदद मिल सकती है।

न‍िष्‍कर्ष:

मह‍िलाओं में मेनोपॉज के बाद, प्रेग्नेंसी के दौरान, पोस्‍ट प्रेग्नेंसी, हार्ट ड‍िजीज की फैम‍िली ह‍िस्‍ट्री होने पर हार्ट ड‍िजीज का खतरा बढ़ सकता है। हार्ट ड‍िजीज के खतरे से बचने के ल‍िए मह‍िलाएं क्र‍िएट‍िन‍िन, eGFR टेस्‍ट, ECG और इकोकार्डियोग्राम, लिपिड प्रोफाइल, HbA1c टेस्ट, सी-रिएक्टिव प्रोटीन टेस्‍ट जैसे टेस्‍ट करवा सकती हैं। बचाव के ल‍िए समय पर जांच, संतुल‍ित आहार, एक्‍स्‍रसाइज, नींद और सही इलाज जरूरी है।

image credit: magnific

FAQ

  • क्या PMOS से महिलाओं में हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ता है?

    हां, PMOS से पीड़ित महिलाओं में इंसुलिन रेजिस्टेंस, मोटापा, हाई बीपी और कोलेस्ट्रॉल संबंधि‍त समस्याएं होने की आशंका बढ़ सकती है।
  • क्या डायबिटीज से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है?

    हां, डायबिटीज से ब्‍लड वेसल्‍स को नुकसान पहुंच सकता है और हार्ट ड‍िजीज का र‍िस्‍क बढ़ सकता है। हाई ब्‍लड शुगर के मरीजों में इसका खतरा ज्‍यादा होता है।

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Disclaimer

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Yashaswi Mathur

Health Journalist

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े।

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    Oct 01, 2026 18:17 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr V Rajasekhar