Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Deebanshu Gupta , Cardiologist

एक जैसे नहीं होते महिलाओं और पुरुषों में दिल की बीमारी के लक्षण, डॉक्टर से जानें कैसे करें पहचान?

अगर आपका दिल सेहतमंद है तो आप कई बीमारियों से बच सकते हैं। ऐसे में जरूरी ये है कि आप समय रहते समझें कि महिलाओं और पुरषों में दिल की बीमारी के क्या अलग-अलग लक्षण हो सकते हैं।

Heart Disease Men Vs Women: हम में से ज्यादातर लोग समय रहते यह समझ नहीं पाते कि हमारे शरीर में कौन से बदलाव हो रहे हैं। इसकी वजह से कई प्रकार की समस्याएं होने लगती हैं और उन्हीं समस्याओं से एक गंभीर समस्या है दिल की बीमारी। दरअसल, आजकल कम उम्र में ही लोगों को दिल से जुड़ी बीमारियां हो रही हैं जैसे हाई बीपी, हार्ट अटैक और कोरोनरी आर्टरी डिजीज। ऐसे में जरूरी है कि आप समय रहते इन बीमारियों के बारे में जानें और संकेत मिलते ही डॉक्टर को दिखाएं। ऐसे में आज हम Dr. Deebanshu Gupta, Consultant Interventional Cardiologist, Sarvodaya Hospital, Jalandhar से जानेंगे कि पुरुषों और महिलाओं में दिल की बीमारी के लक्षणों में क्या अंतर होता है?

महिलाओं और पुरषों में दिल की बीमारी के लक्षण

Dr. Deebanshu Gupta NIH की इस स्टडी के बारे में बात करते हुए बताती हैं कि ये एक व्यापक स्वास्थ्य समस्या है और विश्व स्तर पर मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। ये हृदय और रक्त वाहिकाओं के विकार हैं और महिलाओं पुरुषों में इन दोनों से जुड़ी बीमारियों में लक्षणों को लेकर अंतर देखा जा सकता है। ये इसलिए भी क्योंकि

1. पुरुषों के दिल का साइज महिलाओं से बड़ा होता है

पुरुषों और महिलाओं की शारीरिक बनावट और कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम के कामकाज में अंतर होता है। फेफड़ों और मस्तिष्क से लेकर मांसपेशियों और जोड़ों तक में ये अंतर नजर आते हैं। महिलाओं का दिल छोटा होता है और पुरुषों का दिल बड़ा होता है।

2. महिलाओं के ब्लड वेसेल्स सकड़े होते हैं

महिलाओं के ब्लड वेसेल्स काफी सकड़े होते हैं जबकि पुरुषों के ब्लड वेसेल्स काफी चौड़े होते हैं। इससे ब्लड प्रेशर पर भी बदलाव नजर आता है और बीपी भी इससे प्रभावित होने लगती है इसलिए आप इन दोनों में फर्क महसूस कर सकते हैं।

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3. कोलेस्ट्रॉल बिल्डअप पर असर

हार्ट अटैक तब होता है जब धमनियों की दीवारों के अंदर कोलेस्ट्रॉल का प्लाक जमा हो जाता है और मुख्य रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। पुरुषों में आमतौर पर यह प्लाक उन सबसे बड़ी धमनियों में जमा होता है जो हृदय तक रक्त पहुंचाती हैं। महिलाओं में इसके जमा होने की संभावना हृदय की सबसे छोटी रक्त वाहिकाओं में अधिक होती है, जिन्हें माइक्रोवैस्क्युलेचर कहा जाता है।

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4. पुरुषों में हार्ट अटैक के लक्षण अलग होते हैं

पुरुषों में हार्ट अटैक के लक्षण अलग होते हैं। आमतौर पर पुरुष सीने में दर्द की शिकायत लेकर डॉक्टर के पास जाते हैं। पुरुषों का कहना होता है कि उनके सीने में भारीपन महसूस हो रहा है। साथ ही पुरुष
-जी मिचलाना और उल्टी
-पसीना आना
-गर्दन, जबड़े, गले, पेट या पीठ में दर्द महसूस करते हैं।

4. महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण अलग होते हैं

महिलाओं में हार्ट अटैक से पहले शरीर कुछ अलग तरीके से काम करता है। महिलाओं को लगता है मानों उन्हें एसिडिटी हो रही है या ये कोई पेट दर्द है। हार्ट अटैक के लक्षण कई बार दूसरी बीमारियों के रूप में नजर आते हैं और यही बीमारी को समय पहले समझने में गलती हो जाती है। उदाहरण के लिए, महिलाओं में ये समस्याएं ज़्यादा देखी जाती हैं:

-कोरोनरी स्पास्म (Coronary spasm): इसमें रक्त वाहिका (blood vessel) सिकुड़ जाती है और हार्ट अटैक जैसे लक्षण दिखते हैं।
-कोरोनरी डिसेक्शन (Coronary dissection): इसमें रक्त वाहिका की दीवार फट जाती है।
-ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम (Broken heart syndrome): यह एक तरह का केमिकल हार्ट अटैक है, जिसमें खून में एंजाइम और हृदय की मांसपेशियों में बदलाव हार्ट अटैक जैसे ही होते हैं, लेकिन कोरोनरी आर्टरी डिजीज की तरह इसमें धमनियों में कोई रुकावट नहीं होती।

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Heart.org की मानें तो महिलाएं भी छाती के बीच में असहज दबाव, जकड़न, भारीपन या दर्द महसूस कर सकती हैं। यह कुछ मिनटों से ज्यादा समय तक रह सकता है या जा सकता है और फिर वापस आ सकता है। साथ ही महिलाएं हार्ट अटैक के लक्षण के रूप में इन तमाम चीजों को भी महसूस कर सकके हैं। जैसे
-हाथ, पीठ, गर्दन, जबड़ा और पेट में दर्द या बेचैनी होना
-छाती में बेचैनी के साथ या उसके बिना सांस लेने में तकलीफ होना।
-अन्य लक्षण जैसे ठंडा पसीना आना, जी मिचलाना, चक्कर आना या सिर घूमना

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निष्कर्ष:

ऐसे में डॉक्टर का सुझाव है कि आप इनमें से किसी भी लक्षण को महसूस करने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। साथ ही साल में कम से कम 2 बर बॉडी चेकअप लें और हाई बीपी और कोलेस्ट्रॉल जरूर चेक करवाएं।

साथ ही 30 साल के बाद की उम्र वाले पुरुष हों या महिला, किसी को भी हार्ट हेल्थ का खास ख्याल रखना चाहिए ताकि अचानक से कोई दिक्कत न हो। साथ ही सही डाइट लें और एक्सरसाइज करें ताकि आपको दिल से जुड़ी समस्याओं का शिकार न होना पड़े।

FAQ

  • प्री-हार्ट अटैक कैसा लगता है?

    प्री-हार्ट अटैक से पहले आपको लगातार घबराहट महसूस हो सकती है और लगे कि उल्टी आ रही है या मतली हो रही है। साथ आपको अपने शरीर में स्ट्रेस महसूस हो सकता है, तापमान बढ़ सकता है या पेट में तकलीफ हो सकती है।
  • साइलेंट हार्ट अटैक क्या है?

    साइलेंट हार्ट अटैक में सीने में तेज दर्द या बेचैनी महसूस होती है। इसमें अचानक शरीर थप पड़ जाता है यानी कि दिल की मांसपेशियों को खून और ऑक्सीजन मिलना बंद या कम हो जाता है पर व्यक्ति को इसका अहसास नहीं होता।

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Pallavi Kumari

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चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 11, 2026 17:53 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Aug 11, 2026 17:53 IST

    Published By : Pallavi Kumari
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