महिलाओं में हार्मोनल अंसतुलन एक बड़ा कारण है जिसकी वजह से उन्हें खुलकर पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं होती हैं। ऐसे में Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bangaluru सुझाव है कि महिलाएं अगर रोज अपनी डाइट में 1 बॉउल पपीता खाएं तो सेहत से जुड़ी कई समस्याओं से बच सकती है। इसके अलावा Ms. Aditi Prasad Apte, Senior - Clinical Nutritionist, Aster RV Hospital, Bangalueu कहती हैं कि पपीते में विटामिन ए, सी और कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो कि आपको सेहत से जुड़ी कई समस्याओं से बचा सकते हैं।
पपीता पीरियड्स को रेगुलर करने में कैसे मदद करता है?
डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि पपीते में 'पपेन' नाम का एंजाइम होता है, जो पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को कम करने के लिए गर्भाशय की मांसपेशियों के संकुचन को आराम देता है। इसके अलावा पपीते का विटामिन C शरीर को आयरन को सोखने में मदद करता है, जिससे पीरियड्स के दौरान खून की कमी से चक्कर नहीं आते। इसके अलावा पपीते का पोटैशियम पीरियड्स के दौरान शरीर में तरल पदार्थ जमा होने और ब्लॉटिंग की समस्या से रोकने में मददगार है।
Indonesian Journal of Obstetrics and Gynecology में प्रकाशित स्टडी की मानें तो लगातार पका हुआ पपीता खाने से मासिक धर्म के पैटर्न को नियमित करने में मदद मिल सकती है, खासकर उन महिलाओं के लिए जिन्हें अनियमितता की समस्या है।
पपीता महिलाओं में आयरन की कमी को दूर करता है
Aditi Prasad Apte कहती हैं कि पपीता महिलाओं की डाइट में एक पौष्टिक चीज हो सकती है क्योंकि इसमें विटामिन C होता है। विटामिन सी इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है और शरीर को पौधों से मिलने वाले खाने से आयरन सोखने में मदद करता है। यह उन महिलाओं के लिए फायदेमंद हो सकता है जिनमें आयरन की कमी होने का खतरा रहता है।
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पाचन के लिए कैसे फायदेमंद है पपीता?
आगे डाइट एक्सपर्ट कहती हैं कि पपीते में विटामिन A, फोलेट, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं और इसमें कैलोरी भी कम होती है। इसमें मौजूद फाइबर पेट साफ रखने और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इससे महिलाओं को पीरियड्स से पहले कब्ज और ब्लोटिंग की समस्या नहीं होती है। इसके अलावा पपीते में पानी की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे पाचन ठीक रहता है और कब्ज या गैस की समस्या नहीं होती।
महिलाओं के लिए पपीता खाने का सही समय और मात्रा
डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि महिलाओं को पपीता नाश्ते के बाद और लंच से पहले खाना चाहिए। आप दिन में 10 से 12 बजे के बीच इसका सेवन कर सकती हैं और एक दिन में 100 ग्राम से ज्यादा पपीता नहीं खाना चाहिए।
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किन स्थितियों में महिलाओं को पपीता खाने से बचना चाहिए?
डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि अगर आप प्रेग्नेंट हैं तो आपको पपीता खाने से बचना चाहिए। इसके अलावा अगर
- आपको पेट से जुड़ी कोई बीमारी है तो पपीता खाने से बचना चाहिए। पपीते का पपेन एक ऐसा पदार्थ है जो गर्भाशय में संकुचन या समय से पहले प्रसव (लेबर) शुरू कर सकता है।
- पथरी की बीमारी में भी पपीता खाने से बचें। ऐसा इसलिए कि पपीते में विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है, जिसे आपका शरीर ऑक्सालेट में बदल सकता है, जिससे कैल्शियम ऑक्सालेट स्टोन का खतरा बढ़ जाता है और पथरी की बीमारी बढ़ सकती है।
- साथ ही हाइपोथायराइड के मरीजों को भी इसके सेवन से बचना चाहिए क्योंकि इसमें ऐसे तत्व होते हैं जो थायराइड के आयोडीन सोखने की प्रक्रिया में बाधा डाल सकते हैं, जिससे आपके हार्मोन का स्तर बिगड़ सकता है।
- दिल की धड़कन से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को ज्यादा मात्रा में पपीता खाने से बचना चाहिए क्योंकि इसमें सायनोजेनिक ग्लाइकोसाइड्स होते हैं, जो थोड़ी मात्रा में हाइड्रोजन सायनाइड छोड़ सकते हैं और दिल की धड़कन की अनियमितता और बढ़ सकती है।
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निष्कर्ष:
अंत में डाइट एक्सपर्ट कहती हैं कि इस फल में पानी की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में भी मदद कर सकता है। हालांकि, ऑनलाइन किए जाने वाले दावों के बावजूद, पपीता हार्मोनल समस्याओं, बांझपन, अनियमित पीरियड्स या महिलाओं से जुड़ी अन्य बीमारियों का इलाज नहीं है। गर्भवती महिलाओं को भी इलाज या उपाय के तौर पर कच्चे पपीते पर निर्भर नहीं रहना चाहिए और खान-पान से जुड़ी बातों के बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
FAQ
क्या पपीता ठंडा होता है या गर्म?
पपीता गर्म प्रकृति वाला होता है जिसे खाने से पाचन अग्नि बढ़ती है और पाचन तंत्र का काम काज बेहतर होता है।पपीता खाने से कौन सा रोग दूर होता है?
पपीता खाने से कब्ज, अपच और मोटापे जैसी बीमारियों को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप अपनी डाइट में पपीता कैसे शामिल करते हैं।
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Current Version
Sep 30, 2026 21:22 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Edwina Raj
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