Fri Sep 11, 2026 | 09:03 PM IST

Medically Reviewed by Dr M V Jyothsna , Consultant Obstetrician & Gynaecologist

PCOS में पीरियड साइकिल को नियमित कैसे करें? डॉक्टर से जानें

PCOS में अक्सर महिलाओं को पीरियड्स के अनियमित होने जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पीरियड्स को लाने के लिए बैलेंस डाइट लेने और रोज एक्सरसाइज करने जैसे कुछ उपायों को अपनाया जा सकता है।

अक्सर महिलाएं PCOS की समस्या से परेशान रहती हैं। पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) नॉर्मल हार्मोन से जुड़ी एक समस्या है। इस स्थिति में शरीर में हार्मोन का बैलेंस बिगड़ जाता है, जिससे ओवरी के कार्य प्रभावित होते हैं, साथ ही में ओव्यूलेशन यानी अंडों बनने और निकलने की प्रक्रिया ठीक से नहीं हो पाती है। इन समस्याओं में महिलाओं को कई स्वास्थ्य समस्याओं के साथ-साथ पीरियड्स के अनियमित होने या कई बार पीरियड्स का आना बिल्कुल बंद होने की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अक्सर महिलाओं के मन में सवाल आता है कि इस स्थिति में पीरियड्स को समय से कैसे लाएं और अच्छे स्वास्थ्य के लिए क्या करें? ऐसे में Dr. M. V. Jyothsna, Consultant Obstetrician & Gynaecologist, Yashoda Hospitals, Hyderabad का कहना है कि इस स्थिति में हेल्दी डाइट लेने और एक्सरसाइज करने जैसी हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना बेहद जरूरी हो जाता है। 

PCOS में पीरियड साइकिल को नियमित कैसे करें? 

डॉ. एम.वी. ज्योत्सना के अनुसार, "PCOS में मुख्य रूप से शरीर में एंड्रोजन (पुरुष हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या भी होती है, जो ओवरी के कार्यों और पीरियड्स के लिए जरूरी हार्मोनल संकेतों में बाधा डालती है। इसका इलाज इन कारणों को सुधारने पर आधारित होता है, ताकि ओव्यूलेटरी के कार्य फिर से नॉर्मल हो सकें।"

PCOS में पीरियड्स को नियमित करने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव करें

डॉ. एम.वी. ज्योत्सना कहती हैं कि, "PCOS से राहत के लिए सही तरीके से इसको मैनेज करके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है और स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। पीसीओएस का इलाज मुख्य रूप से लाइफस्टाइल में बदलाव और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह के साथ दवाइयों के जरिए किया जा सकता है।"

मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, लाइफस्टाइल में सुधार करने जैसे- सही खानपान और रेगुलर एक्सरसाइज की मदद से PCOS के कारण जूझ रही महिलाओं में पीरियड्स को नियमित करने के साथ मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करता है। 

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वजन को नियंत्रित करें

पीसीओएस में अक्सर महिलाएं वजन बढ़ने की समस्या से परेशान रहती हैं। अगर किसी महिला का वजन ज्यादा है, तो थोड़ा सा वजन कम करने से भी हार्मोन्स को बैलेंस करने, इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करने और ओव्यूलेशन में सुधार करने में मदद मिलती है। 

NHS के अनुसार, अधिक वजन वाली महिलाओं में पीसीओएस के लक्षणों के बढ़ने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को बढ़ावा मिल सकता है। ऐसे में 5% तक वजन कम करके इससे जुड़े खतरों को कम और PCOS के लक्षणों में सुधार किया जा सकता है। इसके लिए नियमित व्यायाम और बैलेंस डाइट से वजन कम किया जा सकता है।  

how to regulate period cycle in pcos in hindi 01 (5)

नियमित एक्सरसाइज करें

पीसीओएस की स्थिति में पीरियड्स को लाने के लिए या पीरियड्स को नियमित करने के लिए रोज 30 मिनट के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसी एक्सरसाइज करें, योग करें और वॉक करें। ऐसा करने से शरीर में हार्मोन्स को बैलेंस करने, वजन कम करने और इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करने में मदद मिलती है। 

2020 में प्रकाशित Frontiers In Physiology के सिस्टमैटिक रिव्यू के अनुसार, PCOS में रेगुलर एक्सरसाइज करना फायदेमंद होता है। इसके लिए हफ्ते में 120 मिनट तक मीडियम से हाई इंटेंसिटी वाली एरोबिक और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग करें। इससे वजन कम करने, इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने और पीरियड्स को नियमित करने में मदद मिलती है।

बैलेंस डाइट लें

पीसीओएस होने पर महिलाओं को फाइबर, लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट्स से भरपूर साबुत अनाज, फल, सब्जियों, पनीर, अंडे, नट्स और सीड्स को डाइट में शामिल करें। बैलेंस डाइट लेने से ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने, इंसुलिन के स्तर को अचानक से बढ़ने से रोकने और एंड्रोजन हार्मोन (पुरुष हार्मोन) के उत्पादन को कम करने में मदद मिलती है, जिससे पीरियड्स को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है। इसके अलावा, पीसीओएस की समस्या में मैदा और व्हाइट ब्रेड जैसे रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, मीठे और शुगर वाले फूड्स का सेवन करने से बचें। ऐसा करने से पीरियड्स को नियमित करने और स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है।

NHS के अनुसार, PCOS में बैलेंस डाइट लेनी चाहिए। इस दौरान भरपूर मात्रा में फल और सब्जियों (दिन में कम से कम 5 पोर्शन), होलमील ब्रेड, होलग्रेन सीरियल और ब्राउन राइस जैसे साबुत अनाज, लो फैट वाली मछली, मांस और चिकन को शामिल करें।

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पर्याप्त नींद लें और स्ट्रेस कम करें

पीसीओएस में पीरियड्स को नियमित करने के लिए 7-8 घंटों की पर्याप्त नींद लेना और स्ट्रेस को कम करना जरूरी है। ऐसा करने से हार्मोन्स को बैलेंस करने में भी मदद मिलती है। बता दें, ज्यादा स्ट्रेस में रहने और कम नींद लेने से हार्मोन सिस्टम प्रभावित होता है और पीरियड्स अधिक अनियमित होते हैं। ऐसे में स्ट्रेस को कम करने के लिए मेडिटेशन करें, योग करें और प्राणायाम करें। 

पीरियड्स को ट्रैक करें

डॉ. एम.वी. ज्योत्सना कहती हैं, "PCOS की समस्या से पीड़ित महिलाओं को अपने पीरियड्स को नियमित रूप से ट्रैक करना बहुत जरूरी है, ताकि इलाज और लाइफस्टाइल के बदलाव को समझा जा सके कि ये फायदेमंद है या नहीं।"

डॉक्टर से सलाह कब लें?

डॉ. एम.वी. ज्योत्सना कहती हैं कि, "अगर लाइफस्टाइल में बदलाव के बाद भी पीरियड्स में सुधार नहीं होता है, तो डॉक्टर से सलाह लें और उनकी सलाह के साथ दवाइयों की जरूरत पड़ सकती है।"

पीरियड्स को नियमित करने के लिए डॉक्टर की सलाह के साथ हार्मोन्स को बैलेंस करने के लिए दवाइयों का सेवन करें, जिससे पीरियड्स को नियमित करने में भी मदद मिलती है। 

इंसुलिन रेसिस्टेंस को कम करने वाली दवाइयां भी ओव्यूलेशन में सुधार कर सकती है, क्योंकि इससे इंसुलिन और एंड्रोजन का स्तर भी कम होता है।

डॉ. ज्योत्सना बताती हैं कि, "जो महिलाएं कंसीव करना चाहती हैं, उनके लिए डॉक्टर की देखरेख में ओव्यूलेशन बढ़ाने वाली दवाइयां दी जा सकती हैं। हर महिला के लक्षण, शरीर की स्थिति कंसीव करने की इच्छा अलग होती है, इसलिए इलाज भी उसी के अनुसार तय किया जाना चाहिए। ऐसे में डॉक्टर इन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए मरीज का इलाज तय करते हैं।"

निष्कर्ष 

पीसीओएस एक आम लेकिन हार्मोनल समस्या है, जो महिलाओं के पीरियड्स और फर्टिलिटी के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। ऐसे में पीरियड्स को नियमित करने के लिए वजन कम करें, नियमित एक्सरसाइज करें, बैलैंस डाइट लें, पर्याप्त नींद लें, स्ट्रेस कम करें और पीरियड्स को ट्रैक करें। ध्यान रहे, अगर ऐसा करने से सुधार नहीं होता है, तो जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयां लें, जिनसे पीसीओएस के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है। बता दें, समय से पहचान करने, लाइफस्टाइल में सुधार करने और सही इलाज लेने से स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • PCOS में पीरियड्स नहीं आ रहे हैं तो क्या करें?

    PCOS में पीरियड्स नहीं आ रहे हैं तो इस स्थिति को नजरअंदाज न करते हुए डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इसके अलावा, पीरियड्स को नियमित करने के लिए योग करें, एक्सरसाइज करें, स्ट्रेस कम करें, भरपूर नींद लें, फाइबर और प्रोटीन से युक्त फूड्स को डाइट में शामिल करें।
  • पीसीओएस वाली महिला बिना पीरियड के कब तक जा सकती है?

    पीसीओएस की स्थिति में महिलाओं को 3-6 महीनों तक पीरियड्स ना आने की समस्या का सामना करना पड़ता है। इस दौरान ओव्यूलेशन के अनियमित होने के कारण 40-90 दिन तक महिलाओं के पीरियड्स लेट हो सकते हैं। पीरियड्स के लेट होने की स्थिति को नजरअंदाज न करें।
  • क्या बिना पीरियड के 6 महीने जाना नॉर्मल है?

    6 महीने तक पीरियड्स न आना नॉर्मल नहीं हैं लेकिन कई बार PCOS मरीजों में ऐसा हो सकता है। इसलिए अगर पीरियड्स ज्यादा दिनों तक न आएं, तो डॉक्टर से समय पर सलाह लें। इस स्थिति को सेकेंडरी एमेनोरिया (Secondary Amenorrhea) कहा जाता है। यह स्थिति पीसीओएस, थायराइड, हार्मोन्स के असंतुलित होने और अधिक स्ट्रेस में रहने के कारण हो सकती है।
  • पीसीओएस पीरियड ब्लड कैसा दिखता है?

    PCOS की स्थिति में पीरियड ब्लड कई बार नॉर्मल से गाढ़ा होने और गहरा लाल, भूरा या काला रंग हो सकता है। इस दौरान महिलाओं को हैवी ब्लीडिंग होने, कम ब्लीडिंग होने और बड़े थक्के होने की समस्या हो सकती है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 12, 2026 17:11 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
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    Published By : Priyanka Sharma
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