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PCOS में क्या पीरियड्स हमेशा के लिए बंद हो सकते हैं? डॉक्टर से जानें

PCOS के कारण महिलाओं को पीरियड्स से जुड़ी कई समस्या होती है, जिसमें अनियमित पीरियड्स, फ्लो का ज्यादा या कम होना या फिर पीरियड देर से आना शामिल है। ऐसे में महिलाओं के मन में कई बार ये सवाल आता है कि क्या PCOD में पीरियड्स पूरी तरह बंद हो सकते हैं?। 

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PCOS के कारण महिलाओं को पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति में हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं, जिससे ओव्यूलेशन सही तरीके से नहीं हो पाता है, जो पीरियड्स में गड़बड़ी का कारण बनता है। PCOS के कारण महिलाओं में अक्सर अनियमित पीरियड्स, देरी से आना, कभी बहुत हल्का और कभी बहुत ज्यादा फ्लो आना या कभी-कभी कई महीनों तक पीरियड्स न आने की समस्या हो सकती है। ऐसे में अक्सर महिलाओं के मन में यह सवाल आता है कि क्या PCOS में पीरियड्स हमेशा के लिए बंद हो सकते हैं? दिल्ली के आनंद निकेतन में स्थित गायनिका: एवरी वुमन मैटर क्लिनिक की सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्स्टेट्रिक्स और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन का कहना है कि PCOS में पीरियड्स अनियमित या कम हो सकते हैं, लेकिन पूरी तरह बंद नहीं होते हैं।

PCOS में क्या पीरियड्स हमेशा के लिए बंद हो सकते हैं?

गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन के अनुसार, PCOS में पीरियड्स का अनियमित होना बहुत आम समस्या है, लेकिन हमेशा के लिए पीरियड्स बंद हो जाना आमतौर पर नहीं होता है। PCOS में पीरियड्स इसलिए प्रभावित होते हैं क्योंकि ओव्यूलेशन नियमित नहीं होता है, एंड्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या हो सकती है। इन कारणों से पीरियड्स लंबे समय तक मिस हो सकते हैं और कभी-कभी 2 से 3 महीने या 6 महीने या उससे भी ज्यादा समय तक मिस हो सकते हैं। ज्यादातर मामलों में पीरियड्स स्थायी रूप से बंद नहीं होते हैं। बल्कि, सही इलाज, लाइफस्टाइल में बदलाव और दवाओं से पीरियड्स दोबारा नियमित हो सकते हैं। हालांकि, अगर आप लंबे समय तक ध्यान नहीं देते हैं तो यह स्थिति और बदतर हो सकती है, लेकिन पूरी तरह बंद नहीं। World Health Organisation के अनुसार, "PCOS अनियमित पीरियड्स का एक बड़ा कारण है और इनफर्टिलिटी के सबसे आम कारणों में से एक है। PCOS से पीड़ित महिलाओं में अनियमित या कभी-कभार होने वाला पीरियड की समस्या बढ़ सकती है।"

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पीरियड्स बंद होने और मिस होने में अंतर कैसे समझें?

गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन का कहना है कि, PCOS की समस्या में महिलाओं को यह समझना जरूरी है कि पीरियड्स मिस होना और पीरियड्स बंद होना एक ही चीज नहीं है। पीरियड्स मिस होने का मतलब है कि पीरियड्स समय पर नहीं आना, लेकिन भविष्य में आने की संभावना बनी रहती है। PCOS में यह सबसे सामान्य समस्या है, जिसमें 28 दिन के बजाय 45 से 60 दिन में पीरियड्स आना और 2-3 महीने तक पीरियड्स न आना शामिल है। यह स्थिति अक्सर हार्मोनल असंतुलन के कारण होती है और इलाज से ठीक हो सकती है। हालांकि, पीरियड्स बंद होने की समस्या तब होती है जब 3 महीने या उससे ज्यादा समय तक पीरियड्स बिल्कुल नहीं आते हैं, जिसे मेडिकल की भाषा में Amenorrhea कहा जाता है। यह आमतौर पर 2 तरह के हो सकते हैं, प्राइमरी एमेनोरिया, जिसमें पीरियड्स कभी शुरू ही नहीं होते हैं। दूसरा सेकेंडरी एमेनोरिया, जिसमें पहले पीरियड्स आते हैं, फिर बंद हो जाते हैं।

PCOS में पीरियड्स में गड़बड़ी के कारण

गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन ने बताया कि, PCOS में पीरियड्स रुकने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसमें-

1. हार्मोनल असंतुलन

PCOS में शरीर में एंड्रोजन का लेवल बढ़ जाता है, जो अक्सर ओव्यूलेशन को रोकता है, एग रिलीज नहीं होता है, जिस कारण पीरियड्स नहीं आते हैं।

2. ओव्यूलेशन न होना

आमतौर पर महिला के शरीर में हर महीने एक अंडा रिलीज होता है, जिससे पीरियड्स आते हैं। PCOS में अंडाशय में कई छोटे सिस्ट बन जाते हैं, अंडा पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता है और ओव्यूलेशन नहीं होता है, जिसके कारण पीरियड्स मिस हो जाते हैं।

3. इंसुलिन रेजिस्टेंस

PCOS में कई महिलाओं को इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या हो सकती है। इस स्थिति में शरीर इंसुलिन का सही तरह से इस्तेमाल नहीं कर पाता है। इस स्थिति में ब्लड शुगर लेवल बढ़ने के साथ एंड्रोजन हार्मोन भी ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे पीरियड्स और ज्यादा अनियमित हो जाते हैं।

4. वजन बढ़ना

ज्यादा वजन के कारण PCOS की समस्या ज्यादा खराब हो सकती है। दरअसल, वजन बढ़ने से फैट टिश्यू हार्मोन को प्रभावित कर सकते हैं और एस्ट्रोजन हार्मोन असंतुलित हो सकते हैं, जिससे पीरियड्स रुक सकते हैं। 2022 में Current Problems in Pediatric and Adolescent Health Care में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, मोटापा होने से शरीर में हार्मोनल असंतुलन के कारण पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं। इसी कारण महिलाओं में पीरियड्स के दौरान तेज दर्द, ज्यादा ब्लीडिंग और तनाव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

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5. तनाव

मानसिक तनाव के कारण भी PCOS से पीड़ित महिलाओं में पीरियड्स असंतुलित होने की समस्या हो सकती है। कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ने के कारण शरीर में हार्मोन संतुलन बिगड़ सकता है, जिसके कारण पीरियड्स मिस हो सकते हैं।

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PCOS में पीरियड्स को नॉर्मल रखने के लिए क्या करें? 

PCOS में पीरियड्स को नॉर्मल करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन नामुमकिन नहीं। सही लाइफस्टाइल, डाइट और डॉक्टर की सलाह पर आप अपने पीरियड्स को नियमित और सामान्य रख सकते हैं। इसके लिए जरूरी है-

1. लाइफस्टाइल में बदलाव

जीवनशैली में हेल्दी बदलाव करना PCOS के इलाज का एक बहुत ही अहम हिस्सा होता है। इसलिए, अगर आपका वजन ज्यादा है तो कुछ वजन का सिर्फ 5 से 10 प्रतिशत कम करने से ओव्यूलेशन शुरू हो सकता है और पीरियड्स नियमित हो सकते हैं। इसके अलावा, रोजाना कम से कम 30 मिनट ब्रिस्क वॉक, योग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने से भी इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम किया जा सकता है।

2. हेल्दी डाइट

खानपान में बदलाव और संतुलित डाइट की मदद से भी आप पीरियड्स को संतुुलित कर सकते हैं। लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स डाइट जैसे साबुत अनाज, दालें और हरी सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करें। प्रोटीन से भरपूर पनीर, अंडे, दालें और सोया का भी सेवन करें और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर अखरोट, अलसी के बीज और चिया सीड्स का सेवन करें। इसके साथ ही मीठी चीजों, मैदा आदि से परेहज करें।

3. मेडिकल ट्रीटमेंट लें

अगर लाइफस्टाइल में सुधार करने के बाद भी पीरियड्स को नियमित नहीं होते हैं तो आप डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। गर्भनिरोधक गोलियां आपके शरीर के हार्मोन्स को बैलेंस करने में मदद कर सकती हैं, जो पीरियड्स को समय पर लाती हैं। इसके अलावा प्रोजेस्टेरोन थेरेपी भी पीरियड्स को नियमित करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इन ट्रीटमेंट्स और दवाओं को हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए।

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डॉक्टर से कब मिलें?

PCOS में पीरियड्स न आना एक कॉमन समस्या है, लेकिन इसके बढ़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है। इसलिए, अगर 2 महीने से ज्यादा समय तक पीरियड्स न आएं, बहुत ज्यादा या बहुत कम ब्लीडिंग हो, चेहरे पर अचानक बाल बढ़ने और तेजी से वजन बढ़ने या कंसीव करने में समस्या होने लगे तो डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करना चाहिए।

ध्यान रखें जब PCOS में ओव्युलेशन देर से होता है और पीरियड्स लंबे समय तक नहीं आते, तो गर्भाशय की दीवार मोटी होती जाती है, जो Endometrial Hyperplasia और लंबे समय में एंडोमेट्रियल कैंसर का खतरा बढ़ाती है।

निष्कर्ष

PCOS में पीरियड्स का अनियमित होना एक नॉर्मल प्रॉब्लम है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पीरियड्स हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे। ज्यादातर मामलों में यह स्थिति अस्थायी होती है और सही इलाज और लाइफस्टाइल में बदलाव की मदद से ठीक की जा सकती है। पीरियड्स मिस होना और बंद होना दोनों अलग-अलग स्थितियां होती हैं, जिन्हें समझना बहुत जरूरी है। लंबे समय तक पीरियड्स न आना शरीर में चल रही कई तरह की हार्मोनल समस्याओं का संकेत हो सकता है। इसलिए, इन समस्याओं को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

Image Credit: Freepik 

FAQ

  • पीसीओएस के साथ पीरियड कैसा होता है?

    PCOS में हार्मोनल असंतुलन के कारण अनियमित पीरियड , बहुत हल्के, या बहुत भारी फ्लो हो सकते हैं। कई महिलाओं को 3 से 4 महीने या उससे ज्यादा समय तक पीरियड नहीं आते हैं और कभी-कभी 7 दिनों से ज्यादा समय तक लगातार ब्लीडिंग की भी समस्या हो सकती है।
  • PCOS के साथ आपको कितनी बार पीरियड आता है?

    PCOS से पीड़ित महिलाओं में पीरियड्स आमतौर पर अनियमित हो जाते हैं, जिससे साल में 9 से कम बार या 35 दिनों से ज्यादा समय पर पीरियड्स आते हैं। यह समस्या हार्मोनल असंतुलन और ओव्यूलेशन न होने के कारण होती है।
  • PCOS दर्द कहां होता है?

    PCOS में दर्द आमतौर पर पेट के निचले हिस्से और पेल्विक एरिया में महसूस होता है। यह दर्द अंडाशय में सिस्ट के कारण होता है और पीठ के निचले हिस्से में भी महसूस हो सकता है।
  • पीसीओएस की पहचान कैसे करें?

    PCOS में पीरियड्स अक्सर अनियमित होते हैं। शरीर में ज्यादा एंड्रोजन के लक्षण और अल्ट्रासाउंड में अंडाशय में सिस्ट के आधार पर पहचान की जाती है। डॉक्टर पीरियड्स से जुड़े लक्षणों के आधार पर ब्लड टेस्ट और पेल्विक अल्ट्रासाउंड से इसकी पहचान कर सकते हैं।

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Disclaimer

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Modified By : Katyayani Tiwari
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