Fri Sep 11, 2026 | 08:58 PM IST

Medically Reviewed by Dr Gunjan Sarin , Obstetrics and Gynaecology

PCOS के लक्षण क्या हैं? डॉक्टर से जानें

PCOS महिलाओं में होने वाली एक हार्मोनल बीमारी है, जिसके होने पर महिलाओं में मोटापा, एक्ने आदि लक्षण नजर आते हैं। PCOS के लक्षणों की समय पर पहचान होने से इसे मैनेज किया जा सकता है। 

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पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) महिलाओं में होने वाली एक हार्मोनल कंडीशन है, जो उनके शरीर के प्रजनन और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती है। पीसीओएस के कारण महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, जिसमें एक्ने, अनियमित पीरियड्स, चेहरे पर अनचाहे बाल आदि लक्षण नजर आ सकते हैं। इतना ही नहीं यह उनके प्रजनन स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालता है, जिससे कंसीव करने में मुश्किल हो सकती है। WHO के अनुसार, "PCOS के कारण 10 से 13% रिप्रोडक्टिव उम्र की महिलाएं प्रभावित होती हैं, जिनमें से 70 प्रतिशत महिलाओं को यह पता ही नहीं होता है कि उन्हें यह समस्या है।" ऐसा इसलिए है क्योंकि महिलाएं PCOS के शुरुआती लक्षणों को अक्सर हार्मोनल समस्याएं समझकर नजरअंदाज कर देती हैं।

PCOS शारीरिक और मानसिक दोनों तरीकों से महिलाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। PCOS के लक्षण हर महिला में अलग-अलग नजर आ सकते हैं। कुछ महिलाओं में समस्याएं शुरुआत में ही नजर आने लगती हैं, जबकि कुछ को स्थिति गंभीर होने के बाद इसके बारे में पता चलता है। ऐसे में PCOS के शुरुआती, सामान्य और गंभीर लक्षणों के बारे में दिल्ली के आनंद निकेतन स्थित गायनिका: एवरी वुमन मैटर क्लिनिक की सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन से जानते हैं।

पीसीओएस के प्रकार

PCOS आमतौर पर 4 तरह के होते हैं, जिसमें-

  1. इंसुलिन-रेसिस्टेंट PCOS- यह सबसे आम प्रकार होता है, जिसमें शरीर इंसुलिन का सही तरह से इस्तेमाल नहीं कर पाता है। ऐसे में वजन बढ़ता है और शुगर लेवल बिगड़ने लगता है, जो अक्सर मोटापा और हाई ब्लड शुगर लेवल जैसे लक्षणों के साथ नजर आता है।
  2. पिल-इंड्यूस्ड (Pill-induced) PCOS- बर्थ कंट्रोल पिल्स छोड़ने के बाद कुछ समय के लिए महिलाओं के शरीर में हार्मोनल असंतुलन होता है, जिस कारण महिलाओं में पीरियड्स कुछ समय के लिए अनियमित हो सकते हैं।
  3. इंफ्लेमेटरी PCOS- शरीर में पुरानी सूजन के कारण महिलाओं को सिरदर्द, थकान और स्किन से जुड़ी समस्याएं होती हैं, जो अक्सर थकान और एक्ने के रूप में नजर आते हैं।
  4. एड्रेनल पीसीओएस- यह PCOS महिलाओं में तनाव के कारण होता है। इसमें ओवरी के स्थान पर एड्रेनल ग्लैंड से पुरुष हार्मोन यानी एंड्रोजन बढ़ने लगता है। इस स्थिति में महिलाओं में एंग्जायटी और तनाव बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं।

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PCOS के शुरुआती लक्षण

गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन ने बताया कि PCOS के शुरुआती लक्षण अक्सर महिलाओं में हल्के होते हैं और कई बार महिलाएं इन्हें नॉर्मल हार्मोनल बदलाव समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। इन लक्षणों में शामिल हैं-

1. अनियमित पीरियड्स

NHS के अनुसार, कुछ महिलाओं में सिर्फ पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं होती हैं, जिसमें पीरियड्स का देर से आना, एक महीना छोड़कर दूसरे महीने में पीरियड्स आना, बहुत हल्का या बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होना शामिल है। महिलाओं में पीरियड्स से जुड़ी ये समस्याएं इसलिए होती हैं क्योंकि PCOS में ओव्यूलेशन नियमित रूप से नहीं होता है।

2. एक्ने

PCOS में हार्मोनल असंतुलन के कारण चेहरे, पीठ और सीने पर बार-बार पिंपल्स होने लगते हैं। यह खासतौर पर किशोरावस्था के बाद भी बने रहने वाले एक्ने के रूप में नजर आते हैं। Asian Journal of Research in Dermatological Science (2020) में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, PCOS में एक्ने मुख्य रूप से एंड्रोजन हार्मोन के बढ़ने और इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण होते हैं।

3. बाल झड़ना

PCOS में महिलाओं के शरीर में पुरुष हार्मोन बढ़ने के कारण सिर के बाल पतले होने लगते हैं। इसे फीमेल पैटर्न हेयर लॉस भी कहा जाता है। Journal of the American Academy of Dermatology (2020) की एक स्टडी के मुताबिक, "जनवरी 2017 से जून 2019 के बीच, 472 महिलाओं में 'फीमेल पैटर्न हेयर लॉस' का पता चला, जिनमें से 38 यानी 8% महिलाओं ने बताया कि उन्हें पहले से ही PCOS होने का पता था।"

4. चेहरे या शरीर पर ज्यादा बाल

कुछ महिलाओं में चेहरे, ठुड्डी, पेट या छाती पर ज्यादा बाल उगने लगते हैं, जिसे हिर्सुटिज्म कहा जाता है। Diagnostics 2022 की स्टडी के अनुसार, आम महिलाओं में अनचाहे बालों (Hirsutism) की समस्या सिर्फ 4 से 11% होती है, लेकिन PCOS से पीड़ित 65 से 75% महिलाओं में यह ज्यादा देखने को मिलती है। इसकी गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि महिला के शरीर में एंड्रोजन हार्मोन कितना ज्यादा है।

5. वजन बढ़ना

PCOS में मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है, जिसके कारण महिलाओं का वजन तेजी से बढ़ने लगता है, खासकर पेट के आसपास चर्बी बढ़ने लगती है। Sage Journals (2019) की स्टडी के अनुसार, "मोटापे और PCOS के बीच गहरा संबंध है। PCOS से पीड़ित ज्यादातर महिलाएं या तो ज्यादा वजन वाली होती हैं या मोटी। सभी उम्र की महिलाओं में बॉडी मास इंडेक्स (BMI) और PCOS के लक्षणों के बीच एक अहम कनेक्शन है।"

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PCOS के सामान्य लक्षण

गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन का कहना है कि अगर PCOS की पहचान शुरुआती चरणों में पता नहीं चलती है और यह लंबे समय तक बना रहता है तो कुछ सामान्य और साफ लक्षण नजर आ सकते हैं, जिसमें-

1. त्वचा का काला पड़ना

PCOS से पीड़ित महिलाओं में इसके लक्षणों के रूप में गर्दन, हाथों के बगल या जांघों के आसपास की स्किन काली पड़ सकती है, जो अक्सर इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़ी हो सकती है।

2. थकान और एनर्जी की कमी

PCOS के कारण कई महिलाओं में लगातार थकान की समस्या बनी रह सकती है और उनमें एनर्जी की कमी भी नजर आ सकती है। ये समस्याएं हार्मोनल असंतुलन, इंसुलिन रेजिस्टेंस और नींद की समस्या के कारण होती हैं।

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3. मूड स्विंग और डिप्रेशन

PCOS मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है, जिसके कारण महिलाओं में एंग्जायटी, तनाव और डिप्रेशन जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। Frontiers in Neuroendocrinology (2025) की एक स्टडी के अनुसार, "PCOS और डिप्रेशन के बीच का कनेक्शन काफी कॉम्प्लेक्स है, जिसमें HPA एक्सिस का असंतुलन, सूजन, इंसुलिन रेजिस्टेंस और गट माइक्रोबायोम में बदलाव शामिल हैं।"

PCOS के गंभीर लक्षण

गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन ने कहा कि अगर PCOS का सही समय पर इलाज न हो या इसे मैनेज न किया जाए तो यह कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है, जैसे-

1. टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम

PCOS वाली महिलाओं में टाइप 2 डायबिटीज होने का जोखिम ज्यादा होता है और इसका कारण इंसुलिन रेजिस्टेंस होता है। Cureus Journal of Medical Science (2023) की स्टडी के अनुसार PCOS के साथ आमतौर पर गंभीर इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या होती है, जो टाइप 2 डायबिटीज का कारण बन सकता है।

2. हाई ब्लड प्रेशर

PCOS से पीड़ित महिलाओं में दिल से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है जिसके कारण हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्या हो सकती है। Endocrine Connections (2021) स्टडी के अनुसार, PCOS से पीड़ित महिलाओं का ब्लड प्रेशर, नॉर्मल महिलाओं की तुलना में ज्यादा होता है।

3. कंसीव करने में मुश्किल होना

PCOS में हार्मोनल असंतुलन का असर सीधे उनके प्रजनन स्वास्थ्य पर पड़ता है। Obesity Medicine (2025) में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, “पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) एक कॉम्प्लेक्स एंडोक्राइन डिसऑर्डर है, जो महिलाओं में इनफर्टिलिटी का कारण बनता है। यह रिप्रोडक्टिव उम्र की 6 से 10% महिलाओं को प्रभावित करता है।”

PCOD और PCOS में अंतर

PCOD और PCOS एक दूसरे से अलग होते हैं-

  • PCOD पाचन या लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्या है, जबकि PCOS एक गंभीर हार्मोनल बीमारी है।
  • PCOD में ओवरीज बहुत सारे अंडे बनाती हैं, जो सिस्ट बन जाते हैं, जबकि PCOS में हार्मोनल असंतुलन के कारण ओवुलेशन अनियमित हो जाता है और एंड्रोजन (पुरुष हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है।
  • PCOD में महिलाएं ओव्यूलेट कर सकती हैं और कंसीव कर सकती हैं, लेकिन PCOS में ओव्यूलेशन न होने के कारण महिलाओं को कंसीव करने में काफी मुश्किल आती है।
  • PCOD में महिलाओं को पीरियड्स में हल्की गड़बड़ी हो सकती है और वजन बढ़ सकता है, जबकि PCOS की समस्या में महिलाओं के चेहरे पर अनचाहे बाल, एक्ने और डायबिटीज जैसे जोखिम ज्यादा होते हैं।

PCOS की जांच कैसे की जाती है?

PCOS की जांच के लिए डॉक्टर आमतौर पर शारीरिक लक्षणों को देखकर, ब्लड टेस्ट के जरिए महिलाओं के शरीर में टेस्टोस्टेरोन, इंसुलिन और अन्य हार्मोन के लेवल की जांच करते हैं और पेल्विर अल्ट्रासाउंड किया जाता है, जो ओवरी में छोटी गांठों और उसके आकार की जांच करता है।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीनकी मानें तो अगर महिलाओं में 2-3 महीने तक पीरियड्स नहीं आते, चेहरे पर अचानक बाल ज्यादा उगने लगते हैं, वजन तेजी से बढ़ने लगता है और लगातार एक्ने की समस्या होती है या ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण नजर आते हैं तो बिना देर किए डॉक्टर से कंसल्ट करें। समय रहते PCOS की पहचान करके आप इसे बढ़ने से रोक सकती हैं और मैनेज कर सकती हैं।

निष्कर्ष

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम एक नॉर्मल लेकिन हार्मोन्स से जुड़ी समस्या है, जो महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य, मेटाबॉलिज्म और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। इसके शुरुआती, सामान्य और गंभीर लक्षण अलग-अलग होते हैं। इन लक्षणों की शुरुआत में पहचान करके और समय पर इसका इलाज करके आप अपनी स्थिति को सुधार सकती हैं।

Image Credit: Freepik 

FAQ

  • पीसीओएस की पहचान कैसे करें?

    PCOS की पहचान शरीर में नजर आने वाले कई संकेतों द्वारा कर सकते हैं, जिसमें अनियमित पीरियड्स, चेहरे पर अनचाहे बाल, एक्ने और अल्ट्रासाउंड में ओवरी पर छोटी सिस्ट दिखने लगते हैं।
  • पीसीओएस का मुख्य कारण क्या है?

    PCOS होने का मुख्य कारण हार्मोनल असंतुलन और इंसुलिन रेजिस्टेंस होता है। इसके अलावा, जेनेटिक, खराब लाइफस्टाइल, तनाव और शरीर में एंड्रोजन हार्मोन का बढ़ना भी इस समस्या का कारण बन सकता है।
  • पीसीओएस के लक्षण कब शुरू होते हैं?

    PCOS के लक्षण आमतौर पर प्यूबर्टी या पहले पीरियड्स के तुरंत बाद यानी किशोरावस्था के शुरुआती दौर में शुरू होते हैं। कुछ मामलों में ये लक्षण बाद में 20 से 30 साल की उम्र में भी हो सकते हैं।
  • पीसीओएस के चेतावनी संकेत क्या हैं?

    PCOS होने पर आपका शरीर कई तरह के चेतावनी संकेत देता है, जिसमें अनियमित पीरियड्स, चेहरे या शरीर पर अनचाहे बाल, एक्ने और बिना कारण वजन बढ़ने की समस्या शामिल हैं।
  • PCOS में क्या नहीं खाना चाहिए?

    PCOS में हार्मोनल संतुलन और हेल्दी वजन को बनाए रखने के लिए प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट, शुगर से भरपूर फूड्स, तले हुए स्नैक्स, फास्ट फूड और हाई फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करने से परहेज करना चाहिए।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Apr 06, 2026 19:18 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
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