जब भी हार्ट अटैक की बात होती है, तो सबसे पहले इसके लक्षणों में अचानक सीने में दर्द महसूस होना माना जाता है। कई बार लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है, लेकिन अगर सीने में दर्द न हो या दर्द हल्का हो, तो अक्सर लोग इसे हार्ट अटैक नहीं मानते। कई बार लक्षणों की पहचान में देरी होना हार्ट अटैक को गंभीर बना सकता है। World Heart Day 2026 के मौके पर Dr. Ujjawal Kumar, Senior Consultant - Cardiology, Sarvodaya Hospital, Faridabad ने बताया कि इस तरह के हार्ट अटैक को साइलेंट हार्ट अटैक कहा जाता है। इसमें हार्ट की मांसपेशियों को नुकसान पहुंच सकता है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी परेशानी यही होती है कि व्यक्ति को अंदाजा नहीं हो पाता कि उसके दिल पर असर पड़ रहा है। कई बार बाद में ECG या अन्य जांच के दौरान पता चलता है कि पहले कभी हार्ट अटैक आ चुका है।
साइलेंट हार्ट अटैक क्या होता है?
Dr. Ujjawal Kumar कहते हैं, “जब हार्ट की मांसपेशियों तक खून पहुंचाने वाली कोरोनरी आर्टरी में रुकावट आती है और इससे हार्ट की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है, तो इसे हार्ट अटैक कहा जाता है। साइलेंट हार्ट अटैक में भी ऐसा ही नुकसान हो सकता है, लेकिन इसके दौरान सीने का दर्द बहुत हल्का हो सकता है या बिल्कुल महसूस नहीं होता। इसलिए लोगों को ऐसे असामान्य या हल्के लक्षणों को लेकर ज्यादा सतर्क रहना चाहिए। इसमे
डॉ. उज्ज्वल के अनुसार, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल या मोटापे से जूझ रहे लोग, धूम्रपान करने वाले और बुजुर्गों को इसके लक्षणों को लेकर ज्यादा सतर्क रहना चाहिए।”
साइलेंट हार्ट अटैक के 7 लक्षण
Dr. Ujjawal Kumar ने बताया कि साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण हमेशा एक जैसे नहीं होते और कई बार मरीज इन्हें हार्ट अटैक से जोड़कर भी नहीं देखते। इसलिए हार्ट अटैक से जुड़े रिस्क वाले लोगों को इन लक्षणों के बारे में पता चलता है, तो उन्हें तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
- अचानक बहुत ज्यादा थकान महसूस होना
- सामान्य से ज्यादा सांस फूलना
- ठंडा पसीना आना
- मतली या उल्टी जैसा महसूस होना
- चक्कर आना
- अचानक बेचैनी महसूस होना
- गर्दन, जबड़े, पीठ, कंधे या बांह में दर्द या भारीपन
silent heart attack
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किन लोगों में साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा हो सकता है?
Cleveland Clinic के अनुसार, साइलेंट हार्ट अटैक होने का रिस्क इन लोगों को ज्यादा हो सकता है। इसलिए ऐसे लोगों को लक्षणों पर खास ध्यान देना चाहिए।
- बहुत ज्यादा वजन होना
- रेगुलर फिजिकल एक्टिविटीज न करना
- हाई ब्लड प्रेशर होना
- हाई कोलेस्ट्रॉल होना
- ऐसे फूड्स खाना जिसमें कोलेस्ट्रॉल, नमक या अनहेल्दी फैट्स की मात्रा ज्यादा होना
- डायबिटीज की बीमारी होना
- बहुत ज्यादा स्ट्रेस रहना
- स्मोकिंग या गुटका खाना
- प्रेग्नेंसी के दौरान प्री-एक्लिमिया होना
- फैमिली हिस्ट्री होना
डॉक्टर से जानें साइलेंट हार्ट अटैक से जुड़े जरूरी सवाल
Dr. Ujjawal Kumar ने बताया कि मरीजों को साइलेंट हार्ट अटैक से जुड़े सवालों के जवाब जानने चाहिए, ताकि इस हार्ट अटैक के बारे में जागरूकता बढ़ सके।
1. साइलेंट हार्ट अटैक और सामान्य हार्ट अटैक में क्या अंतर है?
जवाब - साइलेंट हार्ट अटैक में सीने में दर्द या बांह में दर्द जैसे लक्षण महसूस नहीं होते, जबकि सामान्य हार्ट अटैक में लक्षण साफ दिखाई देते हैं।
2. अगर किसी को हार्ट अटैक आ चुका है, तो इसका शरीर पर क्या असर पड़ सकता है?
जवाब - मरीज को दर्द तो महसूस नहीं होता, लेकिन हार्ट की पंपिंग क्षमता कमजोर हो सकती है। हार्ट की धड़कन अनियंत्रित हो सकती है और भविष्य में हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ सकता है।
3. साइलेंट हार्ट अटैक की पहचान मुश्किल क्यों होती है?
जवाब - इसका एक बड़ा कारण होता है कि लक्षणों का बहुत हल्का होना और इसे कमजोरी या थकान मान लेना। अगर सांस फूल गई, तो इसे फिटनेस या कमजोरी से जोड़ दिया जाता है। पेट की परेशानी को गैस मान लिया जाता है।
इन लक्षणों को कब इमरजेंसी मानें?
Dr. Ujjawal Kumar कहते हैं कि अगर अचानक सांस फूलने लगे, ठंडा पसीना आ रहा है, चक्कर या बेचैनी हो रही है या गर्दन, जबड़े, पीठ, कंधे या बांह में असामान्य दर्द या भारीपन महसूस हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर ईसीजी, सीटी स्कैन और कार्डियक ब्लड टेस्ट कर सकते हैं, जिससे हार्ट की कंडीशन का पता चल सकता है।
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निष्कर्ष
Dr. Ujjawal Kumar सलाह देते हैं कि हार्ट अटैक के लक्षणों की पहचान के साथ हार्ट को हेल्दी रखना भी जरूरी है। लोगों को ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की रेगुलर चेकअप कराएं और इनमें से कोई भी समस्या है, तो इसे डॉक्टर की सलाह के अनुसार मैनेज करें। इसके अलावा, रोजाना बैलेंस्ड डाइट और फिजिकल एक्टिविटी जरूर करें। अगर किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
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FAQ
महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों से अलग क्यों होते हैं?
महिलाओं में सीने में तेज दर्द के बजाय पीठ के ऊपरी हिस्से या जबड़े में खिंचाव, मतली, सांस फूलना और बहुत ज्यादा सुस्ती जैसे अस्पष्ट लक्षण ज्यादा दिखाई देते हैं, जिन्हें वे अक्सर स्ट्रैस या गैस समझकर नजरअंदाज कर देती हैं।क्या बार-बार खट्टी डकारें या एसिडिटी होना साइलेंट हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है?
हार्ट का निचला हिस्सा पेट और डायफ्राम से सटा होता है। जब इस हिस्से में ब्लड सप्लाई रुकती है, तो इसका असर पेट के ऊपरी हिस्से में जलन, उल्टी जैसा लगना या एसिडिटी के रूप में महसूस हो सकता है।
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Sep 28, 2026 13:43 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Ujjawal Kumar
