हार्ट अटैक के बाद मरीज की डाइट में कई तरह के बदलाव किए जाते हैं, ताकि मरीज को हार्ट से जुड़ी समस्याओं से लंबे समय तक बचाया जा सके। हार्ट अटैक के बाद मरीज को समय पर दवाएं लेना, डॉक्टर की सलाह के अनुसार फिजिकल एक्टिविटी करना और स्ट्रेस को मैनेज करना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है कि खाने की प्लेट पर भी ध्यान देना। अक्सर मरीज और उसके परिवार वाले यह जानना चाहते हैं कि हार्ट अटैक के बाद क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए? इस बारे में जानने के लिए हमने Dr. Ujjawal Kumar, Senior Consultant - Cardiology, Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की।
हार्ट अटैक के बाद किन चीजों से बचना चाहिए?
NHLBI और Dr. Ujjawal Kumar ने हार्ट अटैक के बाद मरीजों को डाइट में ये चीजें शामिल न करने की सलाह दी है।
- नमक की मात्रा को बिल्कुल सीमित रखें। ज्यादा नमक ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है।
- बाहर के जंक फूड जैसे नमकीन, बर्गर या चिप्स में काफी ज्यादा नमक होता है, तो इन चीजों से परहेज करना चाहिए।
- चीनी से जुड़े प्रोडक्ट्स को बिल्कुल सीमित करना बेहतर रहता है।
- घी या मक्खन को पूरी तरह से बंद नहीं करना चाहिए, लेकिन इसका इस्तेमाल बहुत सीमित मात्रा में करना चाहिए।
- तला-भुना, प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड खाने से बचना चाहिए।
- स्मोकिंग को बिल्कुल छोड़ दें।
- शराब से दूरी बना लें।
- नारियल के तेल की मात्रा सीमित कर दें।
- नमक और शुगर कम करने के लिए फूड लेबल पढ़ें। कम नमक और शुगर वाले प्रोडक्ट्स ही खरीदें।
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हार्ट अटैक के बाद क्या खाना चाहिए?
American Heart Association के अनुसार, हार्ट को हेल्दी रखने के लिए खान-पान की आदतों में सुधार करना और उसे जीवनभर बनाए रखना बहुत जरूरी है। इसमें सब्जियां, फल, साबुत अनाज, प्रोटीन और अनसैचुरेटेड फैट्स खाने की सलाह दी गई है।
Dr. Ujjawal Kumar का भी कहना है कि किसी एक फूड को सुपरफूड मानने के बजाय पूरे खान-पान के तरीके को सुधारना ज्यादा जरूरी है। National Heart, Lung, and Blood Institute (NHLBI) और Dr. Ujjawal Kumar ने हार्ट अटैक के बाद मरीजों को खाने और स्वस्थ जीवन की सलाह दी है।
- रोजाना अलग-अलग तरह के मौसमी फल और सब्जियों को डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए। हरी पत्तेदार सब्जियों को डाइट में जरूर शामिल करें।
- सेब, केला, संतरा, नाशपाती, अंगूर और आलूबुखारा जैसे फलों को शामिल किया जा सकता है।
- फलों का जूस निकालने के बजाय उसे खाना चाहिए, ताकि फल का पूरा फाइबर मिल सके।
- अगर डायबिटीज का मरीज है, तो उसे फल और सब्जियां लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
- मैदा या रिफाइंड के बजाय दलिया, ब्राउन राइस और साबुत अनाज खाना चाहिए।
- दूध, पनीर या दही लेना है, तो यह फैट-फ्री होना चाहिए।
- साल्मन, टूना और ट्राउट जैसे ओमेगा 3 फैटी एसिड फूड लिए जा सकते हैं।
- शाकाहारी लोगों के लिए राजमा, दालें, छोले, लोबिया और बींस अच्छे हैं। इसमें प्रोटीन और फाइबर दोनों होता है।
- नॉन वेज मरीज लीन चिकन ले सकते हैं। यह ज्यादा फैट या प्रोसेस्ड होने के बजाय लीन लेना बेहतर रहता है।
- प्रोटीन के लिए सीमित मात्रा में अंडे लिए जा सकते हैं।
- मेवे, सीड्स और सोया प्रोडक्ट्स सीमित मात्रा में लिए जा सकते हैं।
- कैनोला, कॉर्न, जैतून, तिल, सूरजमुखी और सोयाबीन का तेल सीमित मात्रा में लिया जा सकता है।
डॉक्टर की सलाह
Dr. Ujjawal Kumar कहते हैं, “कई बार मरीज चाय या कॉफी को लेकर भी सवाल करते हैं, तो इसका जवाब हमेशा यही होता है कि यह काफी हद तक मरीज की मेडिकल कंडीशन पर निर्भर करता है। सबसे जरूरी बात यहब है कि हार्ट अटैक के बाद हर मरीज की एक जैसी डाइट नहीं होती, इसलिए रिकवरी के दौरान और बाद में मरीज की कंडीशन, उम्र, वजन, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और किडनी फंक्शन को देखते हुए ही डाइट दी जाती है।”
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निष्कर्ष
हार्ट अटैक के बाद मरीज डाइट को लेकर काफी परेशान रहता है, लेकिन कई बार अनजाने में वह हेल्दी समझकर पैकेज्ड फूड खाने लगता है। इसमें नमक और चीनी की भरपूर मात्रा होती है। इसलिए हार्ट अटैक के बाद मरीज को रिकवरी के दौरान डाइट पर खास ध्यान देना चाहिए। इसके साथ मरीज को इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि वह दवाएं खुद से न बंद करें और डाइट में कोई बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
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FAQ
क्या हार्ट अटैक के मरीज को पूरी तरह से फैट बंद कर देना चाहिए?
शरीर को हेल्दी फैट्स की जरूरत होती है। सैचुरेटेड फैट और ट्रांस-फैट बंद करें, लेकिन बादाम, अखरोट, अलसी और जैतून के तेल में मिलने वाले अनसैचुरेटेड/ओमेगा-3 फैट्स को सीमित मात्रा में शामिल जरूर करें।दिल के मरीजों को मैदा, सफेद ब्रेड और पॉलिश वाले चावल खाने से क्यों मना किया जाता है?
ये रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट हैं जिनका ग्लाइइसेमिक इंडेक्स (GI) बहुत अधिक होता है। ये तेजी से ट्राइग्लीसराइड्स बढ़ाते हैं, जिससे धमनियों में सूजन और फिर से ब्लॉकेज का रिस्क बढ़ता है।दिल की बीमारी में बाहर का खाना या पैक्ड सूप क्यों नहीं खाना चाहिए?
रेस्टोरेंट और पैकेज्ड सूप में शेल्फ-लाइफ बढ़ाने के लिए मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) और अत्यधिक सोडियम/प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं, जो अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ा सकते हैं।
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Current Version
Aug 21, 2026 19:10 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Ujjawal Kumar

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