Fri Sep 11, 2026 | 08:23 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vikash Goyal , Cardiologist

क्या दिन की 1-2 सिगरेट भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकती हैं? जानें कार्डियोलॉजिस्ट से

लोग अक्सर यह मान लेते हैं कि ज्यादा सिगरेट पीना ही सेहत के लिए खतरनाक होता है, जबकि दिन में सिर्फ 1 या 2 सिगरेट पीने से कोई बड़ा नुकसान नहीं होता। यहां जानिए, क्या दिन की 1-2 सिगरेट भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकती हैं? 

आज के समय में सिगरेट पीना कई लोगों के लिए आदत नहीं, बल्कि रूटीन बन चुका है। ऑफिस ब्रेक हो, दोस्तों के साथ चाय की चुस्की हो या तनाव से राहत पाने का तरीका, कई लोग दिन में 1-2 सिगरेट को पूरी तरह सुरक्षित मान लेते हैं। उनका मानना होता है कि जब वे ज्यादा स्मोकिंग नहीं करते, तो दिल को कोई बड़ा खतरा नहीं हो सकता लेकिन क्या वाकई कम मात्रा में सिगरेट पीना दिल के लिए सुरक्षित है? ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि क्या वाकई लाइट स्मोकिंग सुरक्षित है या यह भी हार्ट अटैक की एक छुपी हुई वजह बन सकती है। इस लेख में Dr.Vikash Goyal, Associate Director, Cardiology, Paras Health, Gurugram से जानिए, क्या दिन की 1-2 सिगरेट भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकती हैं?

Can One Cigarette Aause a Heart Attack

डॉ. विकास गोयल के अनुसार, सिगरेट में मौजूद निकोटिन, कार्बन मोनोऑक्साइड और अन्य जहरीले केमिकल्स सीधे हार्ट और ब्लड वेसल्स पर असर डालते हैं। सिगरेट पीते ही ब्लड वेसल्स सिकुड़ने लगती हैं, जिससे ब्लड फ्लो कम हो जाता है। इससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और हार्ट रेट व ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकते हैं। डॉ. विकास गोयल साफ कहते हैं, ''सिगरेट की कोई भी मात्रा सुरक्षित नहीं होती।''

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  • रिसर्च के अनुसार, दिन में सिर्फ 1-2 सिगरेट पीने से भी हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा 30-50% तक बढ़ सकता है।
  • लाइट स्मोकिंग करने वाले लोग अक्सर यह गलती करते हैं कि वे खुद को नॉन-स्मोकर के करीब मान लेते हैं, जबकि हकीकत में उनका जोखिम काफी हद तक बढ़ चुका होता है।
  • सिगरेट खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम कर देती है और प्लेटलेट्स को ज्यादा चिपचिपा बना देती है। इससे ब्लड क्लॉट बनने का खतरा बढ़ जाता है।
  • डॉ. विकास गोयल बताते हैं कि यही क्लॉट जब हार्ट की आर्टरी में फंस जाता है, तो हार्ट अटैक की स्थिति बन जाती है।
  • यह खतरा तब और बढ़ जाता है जब व्यक्ति को पहले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो।

क्या पैसिव स्मोकिंग आपके लिए खराब है?

डॉ. विकास गोयल बताते हैं कि सिर्फ खुद सिगरेट पीना ही नहीं, बल्कि दूसरों की सिगरेट का धुआं लेना भी दिल के लिए खतरनाक है। पैसिव स्मोकिंग से भी ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है, खासकर महिलाओं और बच्चों में।

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Can One Cigarette Cause a Heart Attack

अगर आप अचानक सिगरेट पीना बंद कर दें तो क्या होगा?

सिगरेट छोड़ते ही शरीर रिकवरी शुरू कर देता है। डॉ. गोयल के अनुसार, 24 घंटे में हार्ट अटैक का खतरा कम होने लगता है और 1 साल में जोखिम लगभग आधा हो सकता है। 5-10 साल में दिल की बीमारी का खतरा काफी हद तक नॉन-स्मोकर जैसा हो सकता है, यानी सिगरेट छोड़ने का फैसला कभी भी देर से नहीं होता।

दिल को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?

डॉ. विकास गोयल सलाह देते हैं कि सिगरेट पूरी तरह छोड़ें और रोज कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें। इसके अलावा तनाव को कंट्रोल करें, नमक और जंक फूड कम लें, साथ ही हार्ट हेल्थ की नियमित जांच कराएं।

निष्कर्ष

यह मान लेना कि दिन में 1-2 सिगरेट पीना सुरक्षित है, एक खतरनाक गलतफहमी हो सकती है। डॉक्टर के अनुसार, सिगरेट की कोई भी मात्रा दिल के लिए सुरक्षित नहीं है। भले ही आप लाइट स्मोकर हों, लेकिन हार्ट अटैक का खतरा फिर भी बढ़ जाता है। अगर आप अपने दिल को लंबे समय तक हेल्दी रखना चाहते हैं, तो सिगरेट को पूरी तरह अलविदा कहना ही सबसे सही और सुरक्षित विकल्प है।

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FAQ

  • हार्ट अटैक से पहले शरीर क्या संकेत देता है?

    सीने में दर्द या दबाव, बाएं हाथ में दर्द, सांस फूलना, पसीना आना, चक्कर और घबराहट इसके आम लक्षण हैं।
  • हार्ट अटैक के समय क्या करना चाहिए?

    तुरंत मेडिकल इमरजेंसी कॉल करें, मरीज को आराम से बैठाएं और बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न दें।
  • हार्ट अटैक ना आए इसके लिए क्या करें?

    स्मोकिंग छोड़ना, हेल्दी डाइट, नियमित एक्सरसाइज, तनाव कम करना और समय-समय पर हार्ट चेकअप कराना सबसे जरूरी है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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