Why Stroke Risk Increases In Cold Weather In Hindi: सर्दियों में अक्सर लोगों को स्वास्थ्य का खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। सर्दियों में अक्सर लोगों को हार्ट से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है, जिनमें एक स्ट्रोक भी है। इसके कारण अक्सर लोगों को सीने में दर्द होने, जकड़न होने, अत्यधिक थकान होने, चक्कर आने, मतली होने, सांस लेने में परेशानी होने, ठंडा पसीना आने और बांहों में दर्द होने की समस्या हो सकती है, जो हार्ट की समस्या के लक्षण होते हैं। ऐसे में अक्सर लोगों को मन में सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्यों होता है? ऐसे में आइए गुरुग्राम के पारस हेल्थ के कार्डियोलॉजी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. विकास गोयल (Dr.Vikash Goyal, Associate Director, Cardiology, Paras Health, Gurugram) से जानें सर्दियों में स्ट्रोक का खतरा क्यों बढ़ जाता है?
सर्दियों में स्ट्रोक का खतरा क्यों बढ़ जाता है? - Why Does The Risk Of Stroke Increase In Winter?
डॉ. विकास गोयल के अनुसार, “ठंडे मौसम में स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि कम तापमान के संपर्क में आने से ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। साथ ही, खून गाढ़ा हो जाता है और उसमें थक्के जमने की संभावना बढ़ जाती है। ठंडा मौसम दिल पर भी ज्यादा दबाव डालता है और सूजन वाली प्रतिक्रियाओं को ट्रिगर कर सकता है।”
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सिकुड़ जाती हैं रक्त वाहिकाएं
सर्दियों में तापमान के कम होने पर ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिसके कारण ब्लड सर्कुलेशन ठीक से न हो पाने की समस्या होती है, जिसके कारण हार्ट से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
बढ़ सकता है ब्लड प्रेशर
ठंडे मौसम में ब्लड वेसल्स के सिकुड़ने के साथ-साथ ब्लड प्रेशर का स्तर बढ़ने लगता है, जिसके कारण खून के गाढ़ा होने और थक्के जमने की संभावना बढ़ जाती है। जिसके कारण हार्ट पर प्रेशर पड़ने, हार्ट के कार्यों में बाधा आने और सूजन आने की समस्या हो सकती है।
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किन लोगों में सर्दियों में हार्ट स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है? - Which People Are At Increased Risk Of Heart Stroke In Winter?
डॉ. विकास गोयल बताते हैं कि “ठंडा का मौसम में दिल पर दबाव बढ़ने लगता है और सूजन बढ़ाने वाली प्रतिक्रियाओं को ट्रिगर कर सकता है। खासकर ज्यादा उम्र के लोगों और हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या दिल की बीमारी जैसी बीमारियों वाले लोगों में। ये सभी कारण मिलकर ठंडे महीनों में स्ट्रोक की संभावना को काफी बढ़ा देते हैं।”
- हाई ब्लड प्रेशर में
- डायबिटीज के मरीज को
- पहले से दिल की बीमारी में
- किसी मेडिकल कंडीशन में
इस सभी समस्याओं से पीड़ित लोगों में सर्दियों में स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में इन लोगों को अपने स्वास्थ्य का खास ध्यान रखना चाहिए और हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉल करें।
निष्कर्ष
सर्दियों में कम तापमान के कारण ब्लड वेसल्स सिकुड़ने लगती हैं, जिसके कारण खून के गाढ़ा होने, ब्लड प्रेशर का स्तर बढ़ने और हार्ट पर प्रेशर पड़ने लगता है, जिससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। स्ट्रोक का खतरा ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और पहले से हार्ट से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों में ज्यादा होता है। ऐसे में सर्दियों में हार्ट को हेल्दी रखने के लिए नियमित रूप से हेल्दी डाइट लें, शरीर को हाइड्रेट रखने और नियमित एक्सरसाइज करने जैसे हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करें। ध्यान रहे, हार्ट से जुड़ी कोई भी समस्या महसूस होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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FAQ
हृदय रोग के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
हार्ट से जुड़ी समस्या होने पर व्यक्ति को सीने में दर्द होने, सांस लेने में परेशानी होने, बेचैनी होने, उल्टी होने, मतली होने, बांह या पीठ में दर्द होने, गर्दन में दर्द होने चक्कर आने, थकान होने, दिल की धड़कन के तेज होने, दिल की धड़कन के अनियमित होने और पसीना होने की समस्या हो सकती है।हार्ट को मजबूत बनाने के लिए क्या खाएं?
हार्ट को मजबूत बनाए रखने के लिए डाइट में साबुत अनाज, फल, दालें, सब्जियों, ड्राई फ्रूट्स और सीड्स को शामिल किया जा सकता है। इससे बीमारियों से बचाव करने, शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने और हार्ट को मजबूती देने में मदद मिलती है।सर्दियों में कौन सी बीमारियां होती हैं?
सर्दियों में व्यक्ति को सर्दी-जुकाम, फ्लू, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, गले में इंफेक्शन होने, बैक्टीरियल इंफेक्शन से होने, जोड़ों में दर्द होने, श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्या होने, हार्ट स्ट्रोक का खतरा बढ़ने, टखनों और जोड़ों में सूजन बढ़ने, साइनसाइटिस, अस्थमा और स्किन से जुड़ी अधिक समस्या महसूस हो सकती है।
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Current Version
Jan 11, 2026 12:43 IST
Modified By : Priyanka Sharma Jan 11, 2026 12:43 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Vikash Goyal