Fri Sep 11, 2026 | 08:18 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

क्या रेड मीट बढ़ाता है हार्ट अटैक का खतरा? एक्‍सपर्ट से जानें

रेड मीट और हार्ट हेल्थ को लेकर लोगों में कई सवाल हैं। बदलती डाइट और बढ़ती दिल की बीमारियों के बीच यह जानना जरूरी है कि रेड मीट का सेवन करने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है या नहीं?

आज की व्‍यस्‍त द‍िनचर्या और गलत खानपान के कारण द‍िल की बीमार‍ियों (Heart Diseases) का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। लोगों में मन में यह सवाल उठता है रोजमर्रा की डाइट, खासकर नॉनवेज और रेड मीट, द‍िल की सेहत पर क्‍या असर डालता है? रेड मीट कई लोगों के ल‍िए प्रोटीन का अहम स्रोत है, लेक‍िन इसे लेकर कई लोगों के मन में यह सवाल भी है क‍ि क्‍या इससे हार्ट की समस्‍या हो सकती है? तो चल‍िए इस लेख में जानेंगे क‍ि क्‍या वाकई रेड मीट का सेवन करने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है? इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietician At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

क्या रेड मीट बढ़ाता है हार्ट अटैक का खतरा?- Can Red Meat Cause Heart Attack

kya-ared-meat-khane-se-heart-attack-aata-hai

Dietician Smita Singh ने बताया क‍ि ज्यादा रेड मीट, खासकर प्रोसेस्ड रेड मीट, हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकता है। रेड मीट में मौजूद सैचुरेटेड फैट एलडीएल कोलेस्ट्रॉल यानी बैड कोलेस्‍ट्रॉल को बढ़ाता है। ज्यादा कोलेस्ट्रॉल के कारण नसों में प्लाक जमने लगता है। रेड मीट में मौजूद हेम आयरन शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को बढ़ाता है। प्रोसेस्ड मीट में मौजूद नाइट्रेट या नाइट्राइट नसों को नुकसान पहुंचाते हैं। रेड मीट से बनने वाला टीएमएओ (ट्राइमेथिलैमाइन एन-ऑक्साइड) नसों के सख्त होने की प्रक्रिया को तेज करता है। इसल‍िए यह कह सकते हैं कि‍ प्रोसेस्‍ड रेड मीट का सेवन करने से हार्ट र‍िस्‍क का खतरा बढ़ जाता है।

यह भी पढ़ें- क्या लाल मीट के सेवन से आयरन लेवल में सुधार हो सकता है? जानें स्टडी और एक्सपर्ट की राय

रेड मीट से हृदय रोग का जोखिम बढ़ता है: स्‍टडी

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेड‍िस‍िन के एक अध्यय के मुताब‍िक, रेड मीट (Red Meat) खाने से हृदय रोग (Cardiovascular Disease) का जोखिम बढ़ सकता है और प्रोसेस्‍ड रेड मीट का प्रभाव ज्‍यादा होता है। रेड मीट के असर को कम करने के ल‍िए डाइट में नट्स, होल ग्रेन्‍स या लो-फैट डेयरी प्रोडक्‍ट्स का सेवन कर सकते हैं। इस अध्ययन में 1,48506 लोगों को शामिल किया गया था, जिनमें 17,804 महिलाएं थीं। अध्ययन की शुरुआत में किसी को भी कैंसर, डायबिटीज या दिल की बीमारी नहीं थी। लोगों से यह जानकारी ली गई कि वे कितना रेड मीट खाते हैं? इसके बाद हार्ट अटैक, स्ट्रोक और दिल से होने वाली मौतों का रिकार्ड सरकारी डेटा के माध्यम से देखा गया।

निष्कर्ष:

बार-बार और ज्यादा मात्रा में प्रोसेस्ड रेड मीट खाने से दिल की बीमारि‍यों और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। रेड मीट खाते समय संयम और सीमित मात्रा का सेवन करना जरूरी है।

उम्‍मीद करते हैं क‍ि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को शेयर करना न भूलें।

Read Next

बेहतर पाचन के ल‍िए करें इन 8 प्रोटीन र‍िच फूड्स का सेवन, पेट की समस्‍याओं से म‍िलेगी राहत

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jan 06, 2026 14:47 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jan 06, 2026 14:47 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content