Fri Sep 11, 2026 | 08:59 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

क्या लो-कार्ब डाइट हार्ट अटैक का खतरा कम कर सकती है? जानें साइंस क्या कहता है

आजकल फिटनेस के लिए लो-कार्ब डाइट काफी फेमस हो चुकी है, कई लोग दावा करते हैं कि इससे न सिर्फ वजन तेजी से घटता है, बल्कि दिल की सेहत भी बेहतर होती है, लेकिन क्या वाकई लो-कार्ब डाइट हार्ट अटैक का खतरा कम करती है?

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में दिल की बीमारी अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में हर कोई अपने दिल को हेल्दी रखने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहा है, कोई जिम जॉइन कर रहा है, कोई योग अपना रहा है, तो कोई लो-कार्ब डाइट ले रहा है। सोशल मीडिया से लेकर फिटनेस एक्सपर्ट्स तक, हर जगह यह दावा किया जा रहा है कि कार्बोहाइड्रेट कम करके आप न सिर्फ वजन घटा सकते हैं, बल्कि दिल की बीमारियों का खतरा भी कम कर सकते हैं। कहा जाता है कि जब हम रोटी, चावल, मिठाई और मैदा जैसे कार्ब कम कर देते हैं, तो शरीर फैट को एनर्जी के रूप में इस्तेमाल करने लगता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या वाकई सिर्फ कार्ब कम कर देने से हार्ट अटैक का खतरा घट जाता है? इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए हमने, जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से बात की-

क्या लो-कार्ब डाइट सच में हार्ट अटैक का खतरा कम करती है?

डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, हम जो कार्बोहाइड्रेट खाते हैं, वे शरीर में ग्लूकोज में बदल जाते हैं। ज्यादा मात्रा में रिफाइंड कार्ब जैसे मैदा, सफेद ब्रेड, मिठाई लेने से ब्लड शुगर और इंसुलिन का लेवल बढ़ता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर मोटापा, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है, जो हार्ट अटैक के प्रमुख कारण हैं।

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डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि बैलेंस लो-कार्ब डाइट अपनाने से ट्राइग्लिसराइड्स कम हो सकते हैं और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) का लेवल बढ़ सकता है। इससे दिल की सेहत में सुधार देखा जा सकता है। इसके अलावा, वजन कम होना भी हार्ट हेल्थ के लिए पॉजिटिव माना जाता है। मोटापा कम होने से ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल कंट्रोल में रहते हैं, जिससे हार्ट अटैक का खतरा घट सकता है, लेकिन डाइटिशियन अर्चना जैन सलाह देती हैं कि यदि लो-कार्ब डाइट के नाम पर लोग ज्यादा मात्रा में सैचुरेटेड फैट, रेड मीट या प्रोसेस्ड फूड लेने लगते हैं, तो खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। इससे दिल की बीमारी का खतरा कम होने की बजाय बढ़ भी सकता है।

हेल्दी लो-कार्ब डाइट में क्या होना चाहिए?

डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, हेल्दी लो-कार्ब डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें और बीन्स, नट्स और बीज, मछली और लीन प्रोटीन, ऑलिव ऑयल और अन्य हेल्दी फैट का सेवन करें और ट्रांस फैट, ज्यादा तले-भुने भोजन से बचना जरूरी है। यानी लो-कार्ब डाइट तभी फायदेमंद है जब वह बैलेंस और पोषण से भरपूर हो।

does low carb diet reduce heart attack risk

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रिसर्च क्या कहती है?

NIH की रिसर्च के अनुसार, कम कार्बोहाइड्रेट वाला आहार (low-carb diet) न केवल वजन कम करने में प्रभावी है, बल्कि यह हार्ट डिजीज के जोखिम कारकों (cardiovascular risk factors) में भी सुधार करता है। रिसर्च के अनुसार, यह डाइट एचडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में मदद करता है। हालांकि, हार्ट हेल्थ के लिए कार्बोहाइड्रेट की जगह हेल्दी सोर्स जैसे मछली, पोल्ट्री, हरी सब्जियों और वनस्पति तेलों का चयन करना जरूरी है, न कि रेड मीट का। यह आहार पारंपरिक कम वसा वाले आहार का एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

निष्कर्ष

लो-कार्ब डाइट कुछ लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है, खासकर यदि वे मोटापा, डायबिटीज या मेटाबोलिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। यह वजन घटाने और कुछ हार्ट रिस्क फैक्टर्स को कंट्रोल करने में मदद कर सकती है लेकिन यह मान लेना कि केवल कार्ब कम करने से हार्ट अटैक का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाएगा, सही नहीं है।

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FAQ

  • हार्ट अटैक का खतरा किन लोगों में ज्यादा होता है?

    हार्ट अटैक का खतरा हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को, डायबिटीज के मरीज, धूम्रपान करने वाले, मोटापा या हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों को ज्यादा होता है, इसके अलावा तनावपूर्ण लाइफस्टाइल और एक्टिव न होना भी जोखिम बढ़ाता है।
  • हार्ट अटैक ना आए इसके लिए क्या करें?

    हेल्दी डाइट, रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज, धूम्रपान और शराब से दूरी, ब्लड प्रेशर कंट्रोल, शुगर की नियमित जांच और तनाव कम करने के उपाय अपनाएं।
  • हार्ट अटैक आने पर तुरंत क्या करना चाहिए?

    मरीज को आराम से बैठाएं या लिटाएं, तुरंत इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें, यदि डॉक्टर ने पहले से सलाह दी हो तो एस्पिरिन दें।

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Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Mar 03, 2026 15:33 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Mar 03, 2026 15:33 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Archana Jain

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