कई लोग वजन कम करने के लिए लो-कार्ब डाइट का सेवन करते हैं क्योंकि इस डाइट में कार्ब्स की मात्रा सीमित होती है। वहीं कुछ लोग शुगर लेवल मैनेज करने के लिए भी इस डाइट को चुनते हैं। ज्यादातर लो-कार्ब डाइट में प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और स्टार्च रहित सब्जियों पर फोकस किया जाता है। लो-कार्ब डाइट में 130 ग्राम तक कार्ब्स दिया जाता है और कुछ स्पेशल कंडीशन में मरीज की सेहत को मॉनिटर करते हुए डाइट एक्सपर्ट 50 से 60 ग्राम कार्ब डाइट भी देते हैं, लेकिन ऐसा केवल एक्सपर्ट की गाइंंडेंस के साथ किया जाता है। लो-कार्ब डाइट फॉलो करने से पहले आपको यह जानना चाहिए कि क्या यह लंबे समय तक लेने वाली एक सुरक्षित डाइट है? क्या लंबे समय पर कार्ब्स की कम मात्रा शरीर के लिए फायदेमंद है? लंबे समय पर लो-कार्ब डाइट के असर को समझने के लिए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।
लंबे समय तक नहीं लेना चाहिए लो-कार्ब डाइट

Dietitian Smita Singh ने बताया कि लंबे समय तक लो-कार्ब डाइट का सेवन नहींं करना चाहिए। लंबे समय तक कार्ब्स का सेवन न करने से या मात्रा कम करने से कमजोरी महसूस हो सकती है, कुछ पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। कुछ लोग लो-कार्ब डाइट मेंं फैट का ज्यादा सेवन करने लगते हैं जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है और हार्ट पर इसका बुरा असर देखने को मिल सकता है। Smita Singh ने बताया कि ICMR की गाइडलाइन्स के मुताबिक, हर डाइट में कम से कम 100 ग्राम कार्ब्स मौजूद होने चाहिए। हेल्दी कार्ब्स की बात करें, तो मिलेट्स को डाइट का हिस्सा बनाएंं। इसके साथ ताजी सब्जियां और छिलके समेत फलों का सेवन करें। इसमें कॉम्प्लेक्स कार्ब्स पर ज्यादा फोकस किया जाता है और रिफाइंड शुगर और फूड्स का सेवन सीमित करने की सलाह दी जाती है।
यह भी पढ़ें- क्या लो-कार्ब डाइट हार्ट अटैक का खतरा कम कर सकती है? जानें साइंस क्या कहता है
क्या कहती है स्टडी?
2022 में Diabetes, Obesity And Metabolism नामक जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, लो-कार्ब डाइट कम समय में वेट लॉस के लिए असरदार देखी गई, लेकिन स्टडी में लो-कार्ब डाइट का कोई लंबे समय में खास फायदा नहीं देखा गया। साथ ही स्टडी में बताया कि लंबे समय तक लो-कार्ब डाइट का किडनी पर असर से संबंधित भी सीमित जानकारी ही मिली। स्टडी के आधार पर यह कहा जा सकता है कि लो-कार्ब डाइट को लंबे समय तक लेने के कोई खास फायदे नजर नहीं आए।
यह भी पढ़ें- रिफाइंड कार्ब्स खाकर तेजी से बढ़ता है वजन, एक्सपर्ट से जानें कैसे घटाएंं सेवन?
लो-कार्ब डाइट लेते समय किन बातों का ख्याल रखें?
Mayo Clinic के मुताबिक, अगर आप लो-कार्ब डाइट लेते हैं, तो फैट और प्रोटीन के चुनाव पर गौर करें। लो-कार्ब डाइट लेने के दौरान सैचुरेटेड और ट्रांंस फैट वाली चीजों को कम खाएं। मीट या ज्यादा फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन कम करें। इन चीजों को खाने से कोलेस्ट्रॉल लेवल ज्यादा हो सकता है और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ सकता है।
निष्कर्ष:
लंबे समय तक लो-कार्ब डाइट का सेवन करने से थकान, कमजोरी, पोषक तत्वों की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वेट लॉस के लिए लो-कार्ब डाइट अच्छी है, लेकिन दिनभर में आपको कितनी मात्रा में कार्ब्स लेना है? यह तय करने के लिए एक्सपर्ट की सलाह लेना जरूरी है। किसी भी डाइट को फाॅलो करते समय ध्यान रखें कि पूरे दिन में 100 ग्राम कार्ब्स शामिल होने चाहिए।
FAQ
लो-कार्ब डाइट के फायदे क्या हैं?
लो-कार्ब डाइट लेने से वजन कम करने में मदद मिलती है, शुगर लेवल कंट्रोल होता है, भूख भी कंट्रोल होती है। मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए यह फायदेमंद मानी जाती है।किसे नहींं लेना चाहिए लो-कार्ब डाइट?
किडनी डिजीज के मरीजों को लो-कार्ब डाइट न लेने की सलाह दी जाती है क्योंकि इस डाइट में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है। प्रेग्नेंसी में भी डॉक्टर की सलाह के बगैर इस डाइट को नहीं लेना चाहिए।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Apr 28, 2026 16:46 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Apr 28, 2026 16:46 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Smita Singh