Fri Sep 11, 2026 | 06:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr V Rajasekhar , Senior Consultant – Interventional Cardiology & Electrophysiology | Certified TAVR Operator | Clinical Director

परिवार में हार्ट अटैक का इतिहास रहा है? डॉक्टर से जानें आपको कितना खतरा हो सकता है

हार्ट अटैक का खतरा उन लोगों में ज्‍यादा होता है ज‍िनके पर‍िवार में क‍िसी को पहले यह बीमारी हुई हो। जानते हैं फैम‍िली ह‍िस्‍ट्री के साथ हार्ट अटैक का र‍िस्‍क क‍ितना बढ़ता है और इससे कैसे बचें?

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प‍िछले कुछ सालों में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं। सोशल मीड‍िया पर कई ऐसे वीड‍ियोज हैं ज‍िनमें स्‍वस्‍थ इंसान हार्ट अटैक के कारण अचानक अपनी जान गवां बैठता है। ये वीड‍ियोज के तेजी से इंटरनेट पर सर्कुलेट होने से लोग अब हार्ट अटैक को गहराई से समझने की कोश‍िश कर रहे हैं। खासकर वे लोग ज‍िनके पर‍िवार में या क‍िसी पर‍िजन को हार्ट अटैक आया हो। हालांकि, लोगों के मन में अक्‍सर यह सवाल आता है क‍ि अगर पर‍िवार में क‍िसी को हार्ट अटैक आया हो, तो क्‍या उन्‍हें भी इसका खतरा होगा? हार्ट अटैक का खतरा और इसका पार‍िवार‍िक इत‍िहास से संबंध समझने के ल‍िए हमने Dr. V. Rajasekhar, Senior Consultant Interventional Cardiology & Electrophysiology, Certified TAVR Operator & Clinical Director At Yashoda Hospitals, Hitec City से बात की।

क्‍या हार्ट अटैक आनुवंशिक होता है?

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हां, हार्ट अटैक आनुवंश‍िक हो सकता है। आनुवंशिक कारक जोखिम में 30 से 50 प्रत‍िशत योगदान करते हैं, जो खराब आहार और धूम्रपान जैसी खराब आदतों के साथ म‍िलकर बुरा असर डालते हैं। American Heart Association के मुताब‍िक, पर‍िवार की सुरक्षा के लिए जेनेटिक टेस्टिंग की सलाह दी जा सकती है। यह टेस्टिंग इसलिए की जाती है क्योंकि कुछ ऐसी बीमारियां होती हैं जो कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ा सकती हैं और ये परिवारों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती हैं। यह पता लगाना जरूरी है कि आपके कार्डियक अरेस्ट की वजह क्या थी? अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) समेत कई प्राइवेट हॉस्‍प‍िटल में जेनेट‍िक टेस्‍ट‍िंग की सुव‍िधा मौजूद है। यह जांच डॉक्‍टर की सलाह पर ही कराई जा सकती है।

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क‍िसी करीबी को हार्ट अटैक आने पर खतरा दोगुना हो जाता है

Dr. V. Rajasekhar ने बताया क‍ि अगर क‍िसी करीबी र‍िश्‍तेदार को 60 साल की उम्र से पहले हार्ट अटैक आया हो, तो आपके साथ हार्ट अटैक का जोख‍िम दो गुना तक बढ़ जाता है। पर‍िवार के एक व्‍यक्‍त‍ि से दूसरे में जन्‍म के दौरान जीन्‍स ट्रांसफर होते हैं ज‍िससे बीमार‍ियां जेनेट‍िक हो सकती हैं। साथ ही पर‍िवार की खानपान आदतें, लाइफस्‍टाइल, आसपास का माहौल और द‍िनचर्या लगभग एक जैसा होता है और यही कारण है क‍ि कोई खास बीमारी पर‍िवार के कई लोगों को हो सकती है।

पर‍िवार में क‍िन लोगों को हार्ट अटैक का खतरा ज्‍यादा होता है?

सबसे करीबी पहली श्रेणी के र‍िश्‍तेदार जैसे माता-प‍िता, भाई-बहन, बच्‍चों को सबसे ज्‍यादा खतरा हो सकता है। अगर पर‍िवार में क‍िसी को कम उम्र में ही हार्ट अटैक आया हो, तो उसकी आगे की जनरेशन में इसका जोख‍िम अध‍िक देखा जा सकता है।

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कौन से आनुवंशिक कारक हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ाते हैं?

  • पारिवारिक हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (ब्‍लड में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना)
  • हाई ट्राइग्लिसराइड्स (ब्‍लड में मौजूद एक फैट जो शरीर को एनर्जी देता है, इसका ज्‍यादा स्‍तर भी हार्ट अटैक का आनुवंश‍िक कारक बन सकता है)
  • ब्‍लड क्‍लॉट संबंध‍ित व‍िकार या सूजन

पारिवारिक इतिहास होने पर स्क्रीनिंग कब शुरू करनी चाहिए?

Cardiologist Dr. V. Rajasekhar ने कहा, ‘’पर‍िवार में हार्ट अटैक का पार‍िवार‍िक इत‍िहास हो, तो स्‍क्रीन‍िंग या जांच 20 से 30 साल की उम्र में शुरू करना चाह‍िए। पार‍िवार‍िक इत‍िहास के कारण पुरुषों में हार्ट अटैक का र‍िस्‍क 40 की उम्र में ज्‍यादा हो सकता है और मह‍िलाओं में इसका खतरा 50 की उम्र में ज्‍यादा हो सकता है।’’

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पारिवारिक इतिहास में हार्ट अटैक की समस्‍या होने पर कौन से टेस्‍ट कराने चाह‍िए?

  • ल‍िप‍िड प्रोफाइल टेस्‍ट
  • ब्‍लड प्रेशर की जांच
  • ईसीजी
  • स्‍ट्रेस टेस्‍ट
  • कोरोनरी कैल्‍श‍ियम स्‍कैन
  • जेनेट‍िक टेस्‍ट‍िंग (पारिवारिक हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया की स्‍थ‍ित‍ि में)

जांच कि‍तनी बार करानी चाह‍िए?

हार्ट अटैक के खतरे के आधार पर हर एक से पांच साल में टेस्‍ट करा सकते हैं। हाई कोलेस्ट्रॉल या अन्य कारकों के मामले में हर साल जांच करानी चाह‍िए।

क्या हाई कोलेस्ट्रॉल भी आनुवंशिक हो सकता है?

Cardiologist Dr. V. Rajasekhar ने कहा, "हां, पारिवारिक हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (FH or Familial Hypercholesterolemia) आनुवंशिक होता है। पारिवारिक हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया एक आनुवांशिक (जेनेटिक) बीमारी है, जिसमें शरीर में बैड कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल जन्म से ही बहुत ज्‍यादा होता है। यह समस्‍या उन्‍हें माता-पिता में से किसी एक या दोनों से विरासत में मिल सकती है।"

हार्ट अटैक के खतरे से बचने के ट‍िप्‍स

  • सैचुरेटेड फैट्स और शुगर का सेवन कम करें।
  • नमक का सेवन ज्‍यादा न करें।
  • हर हफ्ते कम से कम 150 म‍िनट एक्‍सरसाइज करें।
  • वजन मेनटेन करें।
  • बीपी और हाई कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल करें।
  • अल्‍कोहल और धूम्रपान से परहेज करें।
  • डाइट में ओट्स और नट्स को शामि‍ल करें।
  • फाइबर के ल‍िए फल और सब्‍ज‍ियां खाने पर जोर दें, इससे बैड कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।

क्‍या मेडिटेरेनियन डाइट से हार्ट अटैक का र‍िस्‍क कम होता है?

मेडिटेरेनियन डाइट की मदद से हार्ट अटैक के खतरे को कम करने में मदद म‍िल सकती है। American Heart Association में प्रकाश‍ित एक लेख के मुताब‍िक, मेडिटेरेनियन डाइट दिल की बीमारियों और स्ट्रोक से बचाव करने में, साथ ही मोटापा, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर जैसे जोखिम कारकों को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है। कुछ ऐसे भी सबूत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि वर्जिन ऑलिव ऑयल से भरपूर मेडिटेरेनियन डाइट शरीर को धमनियों से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल हटाने में मदद कर सकती है।

डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

सीने में दर्द, सांस लेने में पर‍ेशानी, हार्ट अटैक का पार‍िवार‍िक इत‍िहास के साथ हाई कोलेस्‍ट्रॉल या हाई बीपी होना या 40 साल की उम्र से पहले हार्ट की समस्‍याओं के लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए।

न‍िष्‍कर्ष:

हार्ट अटैक आनुवंश‍िक हो सकता है। अगर क‍िसी करीबी र‍िश्‍तेदार को 60 साल की उम्र से पहले हार्ट अटैक आया हो, तो आपके साथ हार्ट अटैक का जोख‍िम दो गुना तक बढ़ जाता है। सबसे करीबी पहली श्रेणी के र‍िश्‍तेदार जैसे माता-प‍िता, भाई-बहन, बच्‍चों को सबसे ज्‍यादा खतरा हो सकता है। पारिवारिक इतिहास में हार्ट अटैक की समस्‍या होने पर ल‍िप‍िड प्रोफाइल टेस्‍ट, ब्‍लड प्रेशर की जांच, ईसीजी वगैरह डॉक्‍टर की सलाह पर करा सकते हैं।

FAQ

  • क्या हार्ट अटैक का पारिवारिक इतिहास होने पर धूम्रपान ज्‍यादा खतरनाक होता है?

    हां, ज‍िन लोगो में आनुवंश‍िक रूप से हार्ट अटैक की संभावना होती है, उनमें धूम्रपान धमन‍ियों को तेजी से नुकसान पहुंचाकर हार्ट अटैक के जोख‍िम को दोगुना कर देता है।
  • हार्ट अटैक का पारिवारिक इतिहास होने का खतरा बच्‍चों में भी होता है?

    हां, अगर पर‍िवार में क‍िसी को हार्ट अटैक आया हो, तो इसका खतरा बच्‍चों को भी हो सकता है। उनमें भी हाई कोलेस्‍ट्रॉल एक र‍िस्‍क फैक्‍टर बन सकता है। ऐसे बच्‍चों में समय-समय पर स्‍क्रीन‍िंग जरूरी है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 27, 2026 19:59 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr V Rajasekhar

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