पिछले कुछ सालों में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं। सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियोज हैं जिनमें स्वस्थ इंसान हार्ट अटैक के कारण अचानक अपनी जान गवां बैठता है। ये वीडियोज के तेजी से इंटरनेट पर सर्कुलेट होने से लोग अब हार्ट अटैक को गहराई से समझने की कोशिश कर रहे हैं। खासकर वे लोग जिनके परिवार में या किसी परिजन को हार्ट अटैक आया हो। हालांकि, लोगों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि अगर परिवार में किसी को हार्ट अटैक आया हो, तो क्या उन्हें भी इसका खतरा होगा? हार्ट अटैक का खतरा और इसका पारिवारिक इतिहास से संबंध समझने के लिए हमने Dr. V. Rajasekhar, Senior Consultant Interventional Cardiology & Electrophysiology, Certified TAVR Operator & Clinical Director At Yashoda Hospitals, Hitec City से बात की।
क्या हार्ट अटैक आनुवंशिक होता है?

हां, हार्ट अटैक आनुवंशिक हो सकता है। आनुवंशिक कारक जोखिम में 30 से 50 प्रतिशत योगदान करते हैं, जो खराब आहार और धूम्रपान जैसी खराब आदतों के साथ मिलकर बुरा असर डालते हैं। American Heart Association के मुताबिक, परिवार की सुरक्षा के लिए जेनेटिक टेस्टिंग की सलाह दी जा सकती है। यह टेस्टिंग इसलिए की जाती है क्योंकि कुछ ऐसी बीमारियां होती हैं जो कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ा सकती हैं और ये परिवारों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती हैं। यह पता लगाना जरूरी है कि आपके कार्डियक अरेस्ट की वजह क्या थी? अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) समेत कई प्राइवेट हॉस्पिटल में जेनेटिक टेस्टिंग की सुविधा मौजूद है। यह जांच डॉक्टर की सलाह पर ही कराई जा सकती है।
यह भी पढ़ें- क्या केवल वजन घटाने से कम हो जाता है हार्ट की बीमारियों का खतरा? जानें डॉक्टर की राय
किसी करीबी को हार्ट अटैक आने पर खतरा दोगुना हो जाता है
Dr. V. Rajasekhar ने बताया कि अगर किसी करीबी रिश्तेदार को 60 साल की उम्र से पहले हार्ट अटैक आया हो, तो आपके साथ हार्ट अटैक का जोखिम दो गुना तक बढ़ जाता है। परिवार के एक व्यक्ति से दूसरे में जन्म के दौरान जीन्स ट्रांसफर होते हैं जिससे बीमारियां जेनेटिक हो सकती हैं। साथ ही परिवार की खानपान आदतें, लाइफस्टाइल, आसपास का माहौल और दिनचर्या लगभग एक जैसा होता है और यही कारण है कि कोई खास बीमारी परिवार के कई लोगों को हो सकती है।
परिवार में किन लोगों को हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है?
सबसे करीबी पहली श्रेणी के रिश्तेदार जैसे माता-पिता, भाई-बहन, बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा हो सकता है। अगर परिवार में किसी को कम उम्र में ही हार्ट अटैक आया हो, तो उसकी आगे की जनरेशन में इसका जोखिम अधिक देखा जा सकता है।
यह भी पढ़ें- हार्ट अटैक का खतरा किन लोगों में सबसे ज्यादा होता है? समय रहते पहचानें चेतावनी के ये संकेत
कौन से आनुवंशिक कारक हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ाते हैं?
- पारिवारिक हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (ब्लड में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना)
- हाई ट्राइग्लिसराइड्स (ब्लड में मौजूद एक फैट जो शरीर को एनर्जी देता है, इसका ज्यादा स्तर भी हार्ट अटैक का आनुवंशिक कारक बन सकता है)
- ब्लड क्लॉट संबंधित विकार या सूजन
पारिवारिक इतिहास होने पर स्क्रीनिंग कब शुरू करनी चाहिए?
Cardiologist Dr. V. Rajasekhar ने कहा, ‘’परिवार में हार्ट अटैक का पारिवारिक इतिहास हो, तो स्क्रीनिंग या जांच 20 से 30 साल की उम्र में शुरू करना चाहिए। पारिवारिक इतिहास के कारण पुरुषों में हार्ट अटैक का रिस्क 40 की उम्र में ज्यादा हो सकता है और महिलाओं में इसका खतरा 50 की उम्र में ज्यादा हो सकता है।’’
यह भी पढ़ें- हेल्दी हार्ट के लिए काफी नहीं है नमक घटाना, डाइट में इन 5 चीजों की मात्रा भी करें कम
पारिवारिक इतिहास में हार्ट अटैक की समस्या होने पर कौन से टेस्ट कराने चाहिए?
- लिपिड प्रोफाइल टेस्ट
- ब्लड प्रेशर की जांच
- ईसीजी
- स्ट्रेस टेस्ट
- कोरोनरी कैल्शियम स्कैन
- जेनेटिक टेस्टिंग (पारिवारिक हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया की स्थिति में)
जांच कितनी बार करानी चाहिए?
हार्ट अटैक के खतरे के आधार पर हर एक से पांच साल में टेस्ट करा सकते हैं। हाई कोलेस्ट्रॉल या अन्य कारकों के मामले में हर साल जांच करानी चाहिए।
क्या हाई कोलेस्ट्रॉल भी आनुवंशिक हो सकता है?
Cardiologist Dr. V. Rajasekhar ने कहा, "हां, पारिवारिक हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (FH or Familial Hypercholesterolemia) आनुवंशिक होता है। पारिवारिक हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया एक आनुवांशिक (जेनेटिक) बीमारी है, जिसमें शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल जन्म से ही बहुत ज्यादा होता है। यह समस्या उन्हें माता-पिता में से किसी एक या दोनों से विरासत में मिल सकती है।"
हार्ट अटैक के खतरे से बचने के टिप्स
- सैचुरेटेड फैट्स और शुगर का सेवन कम करें।
- नमक का सेवन ज्यादा न करें।
- हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट एक्सरसाइज करें।
- वजन मेनटेन करें।
- बीपी और हाई कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करें।
- अल्कोहल और धूम्रपान से परहेज करें।
- डाइट में ओट्स और नट्स को शामिल करें।
- फाइबर के लिए फल और सब्जियां खाने पर जोर दें, इससे बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
क्या मेडिटेरेनियन डाइट से हार्ट अटैक का रिस्क कम होता है?
मेडिटेरेनियन डाइट की मदद से हार्ट अटैक के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है। American Heart Association में प्रकाशित एक लेख के मुताबिक, मेडिटेरेनियन डाइट दिल की बीमारियों और स्ट्रोक से बचाव करने में, साथ ही मोटापा, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर जैसे जोखिम कारकों को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है। कुछ ऐसे भी सबूत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि वर्जिन ऑलिव ऑयल से भरपूर मेडिटेरेनियन डाइट शरीर को धमनियों से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल हटाने में मदद कर सकती है।
डॉक्टर से संपर्क कब करें?
सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, हार्ट अटैक का पारिवारिक इतिहास के साथ हाई कोलेस्ट्रॉल या हाई बीपी होना या 40 साल की उम्र से पहले हार्ट की समस्याओं के लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
निष्कर्ष:
हार्ट अटैक आनुवंशिक हो सकता है। अगर किसी करीबी रिश्तेदार को 60 साल की उम्र से पहले हार्ट अटैक आया हो, तो आपके साथ हार्ट अटैक का जोखिम दो गुना तक बढ़ जाता है। सबसे करीबी पहली श्रेणी के रिश्तेदार जैसे माता-पिता, भाई-बहन, बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा हो सकता है। पारिवारिक इतिहास में हार्ट अटैक की समस्या होने पर लिपिड प्रोफाइल टेस्ट, ब्लड प्रेशर की जांच, ईसीजी वगैरह डॉक्टर की सलाह पर करा सकते हैं।
FAQ
क्या हार्ट अटैक का पारिवारिक इतिहास होने पर धूम्रपान ज्यादा खतरनाक होता है?
हां, जिन लोगो में आनुवंशिक रूप से हार्ट अटैक की संभावना होती है, उनमें धूम्रपान धमनियों को तेजी से नुकसान पहुंचाकर हार्ट अटैक के जोखिम को दोगुना कर देता है।हार्ट अटैक का पारिवारिक इतिहास होने का खतरा बच्चों में भी होता है?
हां, अगर परिवार में किसी को हार्ट अटैक आया हो, तो इसका खतरा बच्चों को भी हो सकता है। उनमें भी हाई कोलेस्ट्रॉल एक रिस्क फैक्टर बन सकता है। ऐसे बच्चों में समय-समय पर स्क्रीनिंग जरूरी है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jul 27, 2026 19:59 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr V Rajasekhar