Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Dr V Rajasekhar , Senior Consultant – Interventional Cardiology & Electrophysiology | Certified TAVR Operator | Clinical Director

पर‍िवार में हाई कोलेस्‍ट्रॉल का इति‍हास? डॉक्‍टर से जानें आपको क‍ितना खतरा है और बचाव के लिए क्या करें

क्‍या आपके भी मम्‍मी-पापा या क‍िसी करीबी र‍िश्‍तेदार को हाई कोलेस्‍ट्रॉल है? इससे स्‍ट्रोक, हार्ट अटैक और अन्‍य हार्ट ड‍िजीज का खतरा बढ़ सकता है। जानें इससे आपको क‍ितना खतरा हो सकता है? 

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कई बीमार‍ियां हमें जीन (आनुवंशिकता) या पर‍िवार की मेड‍िकल ह‍िस्‍ट्री के कारण होती हैं। हाई कोलेस्‍ट्रॉल भी उनमें से एक है। कोलेस्‍ट्रॉल ब्‍लड में मौजूद एक पदार्थ है जो ल‍िवर में बनता है। स्‍वस्‍थ शरीर के ल‍िए कुछ मात्रा में कोलेस्‍ट्रॉल होना जरूरी है, लेक‍िन अगर शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल ज्‍यादा हो जाए, तो यह स्‍थ‍ित‍ि हाई कोलेस्‍ट्रॉल कहलाती है। British Heart Foundation के मुताब‍िक, अगर परिवार में किसी सदस्य को 60 साल की उम्र से पहले ब्‍लड वेसल्‍स के ब्‍लॉक होने से दिल का दौरा या स्ट्रोक आया है, तो इससे आपको भी हाई कोलेस्ट्रॉल होने का खतरा बढ़ सकता है। हाई कोलेस्ट्रॉल के कुछ कारण परिवारों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलते हैं। इनमें फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (Familial Hypercholesterolemia) शामिल है ज‍िसमें जेनेट‍िक कारणों से बचपन में ही हाई कोलेस्‍ट्रॉल की समस्‍या हो जाती है। हाई कोलेस्‍ट्रॉल और फैम‍िली ह‍िस्‍ट्री के बीच का संबंध आगे व‍िस्‍तार से समझेंगे। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. V. Rajasekhar, Cardiologist At Yashoda Hospitals, Hitec City, Hyderabad से बात की।

फैमि‍ली ह‍िस्‍ट्री कोलेस्‍ट्रॉल लेवल पर क‍ितना प्रभाव‍ित करती है?

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  • Dr. V. Rajasekhar ने बताया क‍ि परिवार में हाई कोलेस्ट्रॉल होने से आपका जोखिम बढ़ता है, लेकिन हर व्यक्ति में यह बीमारी या हाई कोलेस्ट्रॉल विकसित हो, ऐसा जरूरी नहीं है। सीडीसी (Center For Disease Control And Prevention) के मुताब‍िक, अगर पर‍िवार में क‍िसी को हाई कोलेस्‍ट्रॉल की समस्‍या है, तो इसका खतरा पुरुष और मह‍िला दोनों को हो सकता है।
  • कुछ लोगों को आनुवंश‍िक बीमारी होती है ज‍िसे फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (FH) कहते हैं। इस वजह से भी कम उम्र में ही LDL कोलेस्‍ट्रॉल ज्‍यादा होता है और इलाज न कराने पर स्‍थ‍ित‍ि गंभीर हो सकती है।

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हार्ट ड‍िजीज का खतरा

अमरीकी चिकित्सा संस्थान Johns Hopkins Medicine के मुताब‍िक, अगर आपके परिवार में लोगों को हार्ट अटैक आया हो, स्टेंट की जरूरत पड़ी हो या बाईपास सर्जरी हुई हो, तो पुरुषों में 55 साल की उम्र से पहले और महिलाओं में 65 साल की उम्र से पहले हार्ट ड‍िजीज का खतरा ज्‍यादा हो सकता है।

फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया क्‍या होता है?

फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया एक आनुवंशिक बीमारी है जिसमें जन्म से ही शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बहुत ज्‍यादा रहता है। इलाज न होने पर कम उम्र में ही हार्ट अटैक और अन्य हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है। सीडीसी के मुताब‍िक, फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (FH) में बीमारी का जल्दी पता लगाकर उसका इलाज कराने से कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा लगभग 80 प्रत‍िशत तक कम हो सकता है। Dr. V. Rajasekhar ने बताया क‍ि फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया के मामले बहुत कम देखे जाते हैं।

इसके अलावा तीन और कंडीशन होती हैं जो फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया से म‍िलती-जुलती हैं-

  • एफसीएचएल (Familial Combined Hyperlipidemia) में बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड दोनों बढ़ जाते हैं या कोई एक ज्‍यादा होता है।
  • एफएचटीडी (Familial Hypertriglyceridemia) में ट्राइग्लिसराइड का लेवल ज्यादा हो सकता है।
  • एफडी (Familial Dysbetalipoproteinemia) में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड दोनों का लेवल बढ़ सकता है।

फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया से कौन सी समस्‍याएं होती है?

  • फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया एक जेनेट‍िक बीमारी है ज‍िससे कम उम्र में कोरोनरी आर्टरी ड‍िजीज होने की संभावना बढ़ सकती है।
  • इस बीमारी के मरीजों में बैड कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल अक्‍सर ज्‍यादा होता है ज‍िसके कारण हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
  • स्‍ट्रोक और पीवीडी (Peripheral Vascular Disease) का खतरा भी बढ़ सकता है।

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आनुवंश‍िक हाई कोलेस्‍ट्रॉल से कैसे बचें?

अगर पर‍िवार में क‍िसी को हाई कोलेस्‍ट्रॉल की समस्‍या है, तो यह मुमक‍िन है क‍ि आपको भी यह समस्‍या हो सकती है। बचाव के ल‍िए ये ट‍िप्‍स अपनाएं-

  1. सैचुरेटेड फैट, ट्रांस फैट, नमक और अतिरिक्त चीनी वाले पेय पदार्थों से दूर रहें।
  2. फाइबर, ताजे फलों और सब्जियों से भरपूर स्वस्थ आहार लें।
  3. ओट्स, फल, दालें और बीन्स जैसे घुलनशील फाइबर वाले खाद्य पदार्थ खाएं।
  4. मछली, अखरोट और अलसी जैसे ओमेगा-3 से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें।
  5. मक्खन और घी की जगह ऑलिव ऑयल, एवोकाडो और अन्य हेल्दी फैट चुनें।
  6. हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट मीड‍ियम स्‍पीड वाली एक्सरसाइज करें।
  7. अल्‍कोहल और धूम्रपान से परहेज करें।
  8. कोलेस्ट्रॉल और बीपी की जांच करें और सही संतुल‍न बनाए रखें।
  9. डायब‍िटीज है, तो शुगर लेवल को कंट्रोल में रखें।

कोलेस्ट्रॉल की जांच कितनी बार करानी चाहिए?

अगर परिवार में हाई कोलेस्ट्रॉल का इतिहास है, तो कम उम्र से ही नियमित जांच कराना चाह‍िए। सामान्य तौर पर हर एक से दो साल में लिपिड प्रोफाइल कराना उचित माना जाता है। अगर कोलेस्ट्रॉल पहले से बढ़ा हुआ है या आप इसकी दवा ले रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच कराएं।

किन गलतियों से बचें?

  • परिवार में हाई कोलेस्ट्रॉल का इतिहास होने के बावजूद जांच न कराना।
  • समय पर लिपिड प्रोफाइल या स्क्रीनिंग में देरी करना।
  • अगर समस्या आनुवंशिक (जेनेटिक) है, तो केवल डाइट और एक्सरसाइज पर निर्भर रहना और डॉक्टर की दवा न लेना।
  • परिवार के अन्य सदस्यों (जैसे भाई-बहन और बच्चों) की जांच न कराना, जबकि उन्हें भी जोखिम हो सकता है।

डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

  • सीने में दर्द या दबाव महसूस हो।
  • सांस लेने में तकलीफ हो।
  • परिवार में कम उम्र (पुरुष 55 वर्ष से पहले, महिलाएं 65 वर्ष से पहले) में हार्ट अटैक या हृदय रोग का इतिहास हो।
  • 50 वर्ष से कम उम्र में सीने में दर्द, सांस फूलना या अन्य हार्ट र‍िलेटेड लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

नि‍ष्‍कर्ष:

पर‍िवार में क‍िसी को पहले से हाई कोलेस्‍ट्रॉल की समस्‍या रही है, तो आपको भी इसका खतरा हो सकता है। जब जेनेट‍िक कारणों से बचपन में ही हाई कोलेस्‍ट्रॉल हो जाता है, तो उस कंडीशन को फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया कहा जाता है। अगर पर‍िवार में यह समस्‍या है, तो हर 1 से 5 साल के बीच डॉक्‍टर की सलाह से कोलेस्‍ट्रॉल लेवल की जांंच जरूर कराना चाह‍िए। अगर डायब‍िटीज या थायराइड के मरीज हैं, तो हर साल जांच कराएं।

FAQ

  • क‍िन चीजों को खाने से कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ सकता है?

    सैचुरेटेड फैट से भरपूर चीजें, प्रोसेस्ड फूड, बेकरी आइटम, तली-भुनी चीजें, फुल-फैट डेयरी उत्‍पाद वगैरह का सेवन से बैड कोलेस्‍ट्रॉल लेवल बढ़ सकता है।
  • हाई कोलेस्ट्रॉल की जांच कब करानी चाहिए?

    अगर परि‍वार में हाई कोलेस्‍ट्रॉल का इति‍हास है और आपको डायब‍िटीज, थायराइड जैसी मेड‍िकल कंडीशन है, तो हर एक से पांच साल में कोलेस्‍ट्रॉल लेवल की जांच कराएं। 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 31, 2026 19:08 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr V Rajasekhar

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