मेयोनीज को लोग सैंडविच, बर्गर, पिज्जा, मोमोज के साथ बहुत शौक से खाते हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स मानते हैं कि मेयोनीज सेहत के लिए हेल्दी नहीं होती है। कुछ समय पहले तमिलनाडु की राज्य सरकार ने कच्चे अंडे वाली मेयोनीज पर बैन लगाया था। ऐसा इसलिए क्योंकि कच्चे अंडे से बनी चीजों में बैक्टीरिया पनपने का खतरा ज्यादा होता है। खासकर, साल्मोनेला (Salmonella) बैक्टीरिया। ये बैक्टीरिया पेट में पहुंचकर फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है। इससे बुखार, उल्टी, पेट दर्द या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में हालत इतनी बिगड़ जाती है कि अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। लोगों को अक्सर लगता है कि उन्हें मेयोनीज खाकर कुछ नहीं होता इसलिए वह उनके लिए नुकसानदायक नहीं है, लेकिन कई बार इसके नुकसान काफी समय बाद नजर आते हैं इसलिए मेयोनीज से होने वाले नुकसान से सर्तक रहना चाहिए। आगे जानते हैं मेयोनीज सेहत के लिए कैसे हानिकारक है? बेहतर जानकारी के लिए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।
मेयोनीज में अधिक होती है फैट और नमक की मात्रा
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Encyclopedia Of Food And Health नामक किताब में प्रकाशित एक चैप्टर के मुताबिक, मेयोनीज में फैट और नमक की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। मेयोनीज से बने अलग-अलग उत्पादों में तेल की मात्रा 3 से 80 प्रतिशत तक हो सकती है। इस किताब में यह भी बताया गया है कि मेयोनीज को वेजिटेबल ऑयल, अंडे की जर्दी और विनेगर से बनाया जाता है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जरूरी नहीं है हर मेयोनीज में अंडा हो। बाजार में कई कंपनियां वेज मेयोनीज भी बनाती हैं जिसे दूध, स्टार्च और तेल से बनाया जाता है।
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हार्ट, लिवर और वजन के लिए नुकसानदायक है मेयोनीज
Dietitian Smita Singh ने बताया कि मेयोनीज में सैचुरेटेड फैट और कैलोरीज मौजूद होती हैं। इससे हमें हार्ट और लिवर संबंधित समस्याएं जैसे कोरोनरी हार्ट डिजीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, फैटी लिवर और मोटापा जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मेयोनीज खाने से ट्राइग्लिसराइड्स लेवल बढ़ सकता है और हार्ट को नुकसान पहुंच सकता है।
सोयाबीन ऑयल युक्त मेयोनीज से बैड कोलेस्ट्रॉल कम बढ़ा
साल 2016 में Lipids In Health And Disease में प्रकाशित एक अध्ययन में सोयाबीन और पाम ऑयल से बनी मेयोनीज की तुलना की गई। शोध में शामिल लोगों को रोज 20 ग्राम मेयोनीज का सेवन करने के लिए कहा गया। स्टडी में बताया गया कि सोयाबीन ऑयल के साथ बनी मेयोनीज का सेवन करने वाले लोगों में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर, पाम ऑयल वाली मेयोनीज का सेवन करने वाले लोगों के मुकाबले कम बढ़ा। हालांकि, इससे यह साबित नहीं होता कि सोयाबीन ऑयल युक्त मेयोनीज स्वास्थ्य के लिए बेहतर होती है। इसके लिए और स्टडी की जरूरत है।
मेयोनीज से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है
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Dietitian Smita Singh ने बताया कि मेयोनीज में ऑयल, अंडा, नमक और चीनी की मात्रा ज्यादा होती है। इसमें ट्रांस फैट और अधिक कैलोरीज मौजूद होती हैं। इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। डायबिटीज और हाइपरटेंशन के मरीजों को अक्सर मेयोनीज के सेवन से बचने की सलाह दी जाती है।
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प्रिजर्वेटिव्स के कारण पाचन समस्याएं हो सकती हैं
मेयोनीज की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए इसमें प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं जिससे पाचन खराब हो सकता है। गट हेल्थ के लिए प्रिजर्वेटिव्स अच्छी नहीं माने जाते। ये गट में मौजूद गुड बैक्टीरिया पर बुरा असर डाल सकते हैं।
मेयोनीज में नमक और चीनी की मात्रा कम होनी चाहिए
साल 2022 में Eastern Mediterranean Health Journal में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, कई मेयोनीज के सैंपल में नमक और चीनी की मात्रा ज्यादा पाई गई। साल 2017 और 2019 के बीच कुल 59 मेयोनीज की वैरायटी चेक की गई जिसमें ऐसे ब्रैंड्स लिए गए जिन्हें लोग सुपरमार्केट से सबसे ज्यादा खरीदते थे। इनमें चीनी, नमक और फैट की मात्रा स्टैंडर्ड से अधिक थी और स्टडी ने मेयोनीज में नमक और चीनी को कम करने की सलाह बताई।
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मेयोनीज की जगह ये विकल्प अपनाएं
- मेयोनीज की जगह ग्रीक योगर्ट चुन सकते हैं।
- पनीर की मदद से होममेड मेयोनीज बनाएं।
- दही की मदद से भी स्प्रेड तैयार कर सकते हैं।
- मेयोनीज को कम मात्रा में खाएं।
- एगलेस मेयोनीज विकल्प चुनें।
- उबले हुए काबुली चने से बना हमस (Hummus) खा सकते हैं।
मेयोनीज को सही ढंग से स्टोर करना जरूरी है
मेयोनीज को सही तापमान पर भी स्टोर करना जरूरी है। अगर मेयोनीज को ठंडी जगह पर नहीं रखेंगे, तो बैक्टीरिया पनपने का खतरा रहता है। इसलिए हम मेयाेनीज से बनी कोई डिश, स्ट्रीट फूड या रेस्तरां से लेकर खाते हैं, तो वह हमारी सेहत को ज्यादा नुकसान पहुंचाती है क्योंकि वहां मेयोनीज को सही तापमान पर स्टोर नहीं किया जाता है। न ही ऐसी जगहों पर साफ-सफाई की गारंटी होती है इसलिए मेयोनीज से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों का खतरा बढ़ जाता है।
निष्कर्ष:
मेयोनीज में चीनी, नमक, तेल, अंडे, प्रिजर्वेटिव्स अधिक मात्रा में होते हैं। इसमें फैट कंटेंट भी ज्यादा होता है। जो लोग मेयोनीज का सेवन अधिक मात्रा में करते हैं उनमें मोटापा, हार्ट डिजीज, हाइपरटेंशन, हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। जिन मेयोनीज में कच्चे अंडे मौजूद होते हैं उनमें साल्मोनेला जैसी बैक्टीरिया पनप सकते हैं और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है। मेयोनीज को कम से कम कंज्यूम करने के अलावा उसका सही ढंग से रख-रखाव भी जरूरी है। मेयोनीज को हमेशा ठंडी जगह पर ही स्टोर करें। मेयोनीज की जगह ग्रीक योगर्ट, काबुली चने से बना हमस या एगलेस मेयोनीज जैसे हेल्दी विकल्प चुनें।
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FAQ
मेयोनीज में कितनी कैलोरी होती है?
बाजार में मिलने वाली 100 ग्राम मेयोनीज में करीब 600 से 650 कैलोरी हो सकती हैं। 15 ग्राम में करीब 100 कैलोरी हो सकती हैं। हर ब्रैंड में कैलोरी अलग हो सकती हैं।क्या होममेड मेयोनीज ज्यादा सुरक्षित है?
अगर कम चीनी, नमक, पनीर, तेल के साथ घर पर मेयोनीज बनाई जाए, तो वह बाजार में मिलने वाली मेयोनीज के मुकाबले ज्यादा हेल्दी हो सकती है क्योंकि इसमें प्रिजर्वेटिव्स नहीं होते। हालांकि, सामग्रियों की ज्यादा मात्रा से कैलोरी बढ़ सकती हैं।
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Aug 17, 2026 13:00 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Smita Singh
