हमारे आस-पास कई तरह के मिल्क ब्रैंड्स दूध बेचते हैं। अलग-अलग रंग के पैकेट में दूध हमारे घरों तक पहुंचता है जिसमें तीन मुख्य प्रकार हैं फुल क्रीम दूध, टोंड और स्किम्ड दूध। बाजार में मिलने वाले सभी तरह के दूध में कैल्शियम और प्रोटीन की मात्रा लगभग एक जैसी ही होती है। मात्रा में थोड़ा ही अंतर होता है। इन तीन मुख्य प्रकार के दूध में अंतर फैट और कैलोरी का पाया जाता है। लोग अपनी पसंद के अनुसार दूध का चयन करते हैं, लेकिन सेहत के लिए सबसे अच्छा दूध कौन सा है? इस सवाल का जवाब जानने से पहले आइए पहले इन तीनों प्रकार के दूध के बीच का अंतर समझते हैं। बेहतर जानकारी के लिए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।
फुल क्रीम, स्किम्ड और टोंड मिल्क में अंतर
| फैट | फुल क्रीम दूध | टोंड दूध | स्किम्ड दूध |
| फैट | सबसे ज्यादा | मध्यम | बहुत कम |
| कैलोरी | ज्यादा | फुल क्रीम से कम | सबसे कम |
| किसके लिए बेहतर? | जिन्हें कैलोरी की ज्यादा जरूरत हो | रोज संतुलित डाइट के लिए | जिन्हें वेट लॉस करना हो या लो फैट डेयरी प्रोडक्ट लेना हो |
पैकेट वाला दूध हम तक कैसे पहुंचता है?
दूध के अलग-अलग प्रकार को समझने से पहले जानते हैं कि हम तक पैकेट वाला दूध आखिर कैसे पहुंचता है? सबसे पहले दूध को पाश्चुरीकरण प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिसमें दूध को एक निश्चित तापमान तक गर्म करके कुछ समय के लिए रखा जाता है और फिर तेजी से ठंडा किया जाता है। इसका उद्देश्य दूध में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को कम करना होता है। इसके बाद दूध को होमोजेनाइज किया जा सकता है। इस प्रक्रिया में दूध में मौजूद फैट के बड़े कणों को छोटे और समान आकार के कणों में बांट दिया जाता है, जिससे फैट दूध में समान रूप से बंट जाए और दूध की बनावट अधिक स्मूद हो जाती है। इसके बाद दूध की फैट मात्रा के आधार पर इसे अलग-अलग प्रकारों में बांट दिया किया जाता है।
फैट के आधार पर समझें दूध में अंतर
Indian Food Composition Tables (IFCT) 2017 के मुताबिक,
| 100 ml | फैट | कैलोरी |
| गाय का दूध | 4.48 g | 73 |
| भैंस का दूध | 6.58 g | 107 |
| 100 ml Milk | Fat % |
| गाय का दूध | लगभग 4.48 |
| फुल क्रीम दूध | लगभग 4 से 5 |
| टोंड दूध | लगभग 1.2 से 2 |
| स्किम्ड दूध | लगभग 0.5 से 0.15 |
दूध को फैट के आधार पर मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा जाता है- फुल क्रीम दूध, स्किम्ड और टोंड मिल्क। ताजे गाय के दूध में आमतौर पर करीब 3 से 4 प्रतिशत फैट हो सकता है, जबकि फुल क्रीम में आमतौर पर लगभग 4 से 5 प्रतिशत या उससे अधिक फैट हो सकता है। टोंड मिल्क में फैट की मात्रा लगभग 1.2 से 2 प्रतिशत और स्किम्ड मिल्क में लगभग 0.5 से 0.15 प्रतिशत फैट हो सकता है। हालांकि, अलग-अलग ब्रांड और दूध के प्रकार के अनुसार फैट की मात्रा में अंतर हो सकता है।
कौन सा दूध सेहतमंद है?

किसी एक दूध को हर व्यक्ति के लिए सबसे बेहतर नहीं कहा जा सकता। अगर आपका लक्ष्य कैलोरी और सैचुरेटेड फैट कम रखना है, तो स्किम्ड मिल्क बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, सामान्य डाइट में टोंड मिल्क एक बीच का विकल्प है। फुल क्रीम मिल्क में फैट और कैलोरी अधिक होती हैं, इसलिए इसकी मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है।
वजन घटाने के लिए कौन सा दूध बेहतर है?
जो लोग अपना वजन कंट्रोल करना चाहते हैं, उनके लिए स्किम्ड या लो फैट मिल्क एक बेहतर विकल्प हो सकता है, क्योंकि इसमें फुल क्रीम मिल्क की तुलना में कैलोरी कम होती है। अमेरिका की डाइटरी गाइडलाइंस भी फुल मिल्क की जगह फैट फ्री या लो फैट मिल्क लेने की सलाह देती हैं। इसका एक कारण डाइट में सैचुरेटेड फैट की मात्रा को सीमित रखना भी है।
दूध में सैचुरेटेड फैट ज्यादा होता है
साल 2026 में Harvard Medical School में प्रकाशित एक लेख के मुताबिक, ऑयल और नट्स में पाए जाने वाले मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट की तुलना में डेयरी प्रोडक्ट्स में मुख्य रूप से सैचुरेटेड फैट पाया जाता है। सैचुरेटेड फैट हार्ट डिजीज के खतरे को बढ़ा सकता है। कई रिसर्च में फुल फैट और लो फैट या टोंड डेयरी प्रोडक्ट्स की तुलना करने पर स्वास्थ्य संबंधित नतीजों में कोई खास अंतर नहीं पाया गया है।
इन बातों का ध्यान रखें
- डेयरी प्रोडक्ट्स में मौजूद सैचुरेटेड फैट को सीमित रखना चाहिए।
- रिसर्च में फुल फैट और लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स के स्वास्थ्य परिणामों में स्पष्ट अंतर नहीं मिला है।
- इसलिए सिर्फ दूध का फैट कम करने के बजाय पूरी डाइट को संतुलित और हेल्दी रखना ज्यादा जरूरी है।
- लो फैट या फुल फैट में से किसी एक को आंख बंद करके बेहतर मानने के बजाय, कुल डाइट में सैचुरेटेड फैट की मात्रा और व्यक्ति की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखकर डेयरी प्रोडक्ट या दूध का चुनाव करना चाहिए।
लेख में बताए गए फैट और कैलोरी की मात्रा दूध के ब्रैंड या टाइप के मुताबिक अलग हो सकते हैं इसलिए डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह के मुताबिक ही अपनी डाइट में दूध के सही विकल्प को शामिल करें। यह व्यक्ति की डाइट और पोषण जरूरतों पर निर्भर करता है।
निष्कर्ष:
फुल क्रीम मिल्क में फैट और कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है। अगर आपका लक्ष्य वेट लॉस है, तो स्किम्ड या लो फैट मिल्क चुन सकते हैं। टोंड मिल्क में फुल क्रीम की तुलना में फैट कम होता है, इसे संतुलित डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। सैचुरेटेड फैट को कम करने का लक्ष्य है, तो स्किम्ड मिल्क चुन सकते हैं। तीनों तरह के दूध में कैल्शियम और प्रोटीन की मात्रा लगभग एक जैसी होती है। तीनों में फैट और कैलोरी का अंतर होता है। किसी एक को अधिक सेहतमंद नहीं कहा जा सकता। व्यक्ति अपनी जरूरत के मुताबिक दूध का चयन कर सकता है।
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FAQ
क्या रोज फुल क्रीम दूध पीना सही है?
फुल क्रीम दूध में फैट और कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती हैं। इसे एक्सपर्ट की सलाह और डाइट की जरूरतों के मुताबिक ही डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए।क्या स्किम्ड दूध में कैल्शियम होता है?
हां, स्किम्ड दूध में भी कैल्शियम होता है। स्किम्ड दूध में फैट की मात्रा को कम किया जाता है। हालांकि, इसमें अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं।
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Current Version
Sep 11, 2026 16:44 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Smita Singh