Fri Sep 11, 2026 | 05:44 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

फुल क्रीम, स्किम्ड या टोंड म‍िल्‍क: इनमें अंतर क्या है और कौन सा दूध सेहतमंद है? डायटीश‍ियन से जानें

फुल क्रीम दूध में फैट कंटेंट सबसे ज्‍यादा होता है जबक‍ि स्‍क‍िम्‍ड दूध में सबसे कम होता है। टोंड म‍िल्‍क में फैट कंटेंट इन दोनों के मध्‍य आता है। जानें तीनों में से सेहत के ल‍िए सबसे अच्‍छा व‍िकल्‍प कौन सा है?

हमारे आस-पास कई तरह के म‍िल्‍क ब्रैंड्स दूध बेचते हैं। अलग-अलग रंग के पैकेट में दूध हमारे घरों तक पहुंचता है ज‍िसमें तीन मुख्‍य प्रकार हैं फुल क्रीम दूध, टोंड और स्‍क‍िम्‍ड दूध। बाजार में म‍िलने वाले सभी तरह के दूध में कैल्‍श‍ियम और प्रोटीन की मात्रा लगभग एक जैसी ही होती है। मात्रा में थोड़ा ही अंतर होता है। इन तीन मुख्‍य प्रकार के दूध में अंतर फैट और कैलोरी का पाया जाता है। लोग अपनी पसंद के अनुसार दूध का चयन करते हैं, लेक‍िन सेहत के ल‍िए सबसे अच्‍छा दूध कौन सा है? इस सवाल का जवाब जानने से पहले आइए पहले इन तीनों प्रकार के दूध के बीच का अंतर समझते हैं। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

फुल क्रीम, स्किम्ड और टोंड मिल्क में अंतर

फैट फुल क्रीम दूध टोंड दूध स्‍क‍िम्‍ड दूध
फैट  सबसे ज्यादा  मध्यम  बहुत कम 
कैलोरी  ज्यादा  फुल क्रीम से कम  सबसे कम 
किसके लिए बेहतर? ज‍िन्‍हें कैलोरी की ज्‍यादा जरूरत हो रोज संतुल‍ित डाइट के ल‍िए ज‍िन्‍हें वेट लॉस करना हो या लो फैट डेयरी प्रोडक्‍ट लेना हो

पैकेट वाला दूध हम तक कैसे पहुंचता है?

दूध के अलग-अलग प्रकार को समझने से पहले जानते हैं क‍ि हम तक पैकेट वाला दूध आख‍िर कैसे पहुंचता है? सबसे पहले दूध को पाश्चुरीकरण प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिसमें दूध को एक निश्चित तापमान तक गर्म करके कुछ समय के लिए रखा जाता है और फिर तेजी से ठंडा किया जाता है। इसका उद्देश्य दूध में मौजूद हानिकारक बैक्‍टीर‍िया को कम करना होता है। इसके बाद दूध को होमोजेनाइज किया जा सकता है। इस प्रक्रिया में दूध में मौजूद फैट के बड़े कणों को छोटे और समान आकार के कणों में बांट दिया जाता है, जिससे फैट दूध में समान रूप से बंट जाए और दूध की बनावट अधिक स्मूद हो जाती है। इसके बाद दूध की फैट मात्रा के आधार पर इसे अलग-अलग प्रकारों में बांट द‍िया किया जाता है।

फैट के आधार पर समझें दूध में अंतर

Indian Food Composition Tables (IFCT) 2017 के मुताब‍िक,

100 ml  फैट कैलोरी
गाय का दूध  4.48 g 73 
भैंस का दूध 6.58 g 107
100 ml Milk Fat %
गाय का दूध लगभग 4.48 
फुल क्रीम दूध लगभग 4 से 5 
टोंड दूध लगभग 1.2 से 2 
स्किम्ड दूध लगभग 0.5 से 0.15 

दूध को फैट के आधार पर मुख्‍य रूप से तीन भागों में बांटा जाता है- फुल क्रीम दूध, स्किम्ड और टोंड म‍िल्‍क। ताजे गाय के दूध में आमतौर पर करीब 3 से 4 प्रतिशत फैट हो सकता है, जबकि फुल क्रीम में आमतौर पर लगभग 4 से 5 प्रतिशत या उससे अधिक फैट हो सकता है। टोंड मिल्क में फैट की मात्रा लगभग 1.2 से 2 प्रतिशत और स्किम्ड मिल्क में लगभग 0.5 से 0.15 प्रतिशत फैट हो सकता है। हालांकि, अलग-अलग ब्रांड और दूध के प्रकार के अनुसार फैट की मात्रा में अंतर हो सकता है।

कौन सा दूध सेहतमंद है?

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किसी एक दूध को हर व्यक्ति के लिए सबसे बेहतर नहीं कहा जा सकता। अगर आपका लक्ष्य कैलोरी और सैचुरेटेड फैट कम रखना है, तो स्किम्ड मिल्क बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, सामान्य डाइट में टोंड मिल्क एक बीच का विकल्प है। फुल क्रीम मिल्क में फैट और कैलोरी अधिक होती हैं, इसलिए इसकी मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है।

वजन घटाने के लिए कौन सा दूध बेहतर है?

जो लोग अपना वजन कंट्रोल करना चाहते हैं, उनके लिए स्किम्ड या लो फैट मिल्क एक बेहतर विकल्प हो सकता है, क्योंकि इसमें फुल क्रीम मिल्क की तुलना में कैलोरी कम होती है। अमेरिका की डाइटरी गाइडलाइंस भी फुल मिल्क की जगह फैट फ्री या लो फैट मिल्क लेने की सलाह देती हैं। इसका एक कारण डाइट में सैचुरेटेड फैट की मात्रा को सीमित रखना भी है।

दूध में सैचुरेटेड फैट ज्‍यादा होता है

साल 2026 में Harvard Medical School में प्रकाश‍ित एक लेख के मुताब‍िक, ऑयल और नट्स में पाए जाने वाले मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट की तुलना में डेयरी प्रोडक्ट्स में मुख्य रूप से सैचुरेटेड फैट पाया जाता है। सैचुरेटेड फैट हार्ट ड‍िजीज के खतरे को बढ़ा सकता है। कई र‍िसर्च में फुल फैट और लो फैट या टोंड डेयरी प्रोडक्ट्स की तुलना करने पर स्वास्थ्य संबंधि‍त नतीजों में कोई खास अंतर नहीं पाया गया है।

इन बातों का ध्‍यान रखें

  • डेयरी प्रोडक्‍ट्स में मौजूद सैचुरेटेड फैट को सीमित रखना चाहिए।
  • रिसर्च में फुल फैट और लो फैट डेयरी प्रोडक्‍ट्स के स्वास्थ्य परिणामों में स्पष्ट अंतर नहीं मिला है।
  • इसलिए सिर्फ दूध का फैट कम करने के बजाय पूरी डाइट को संतुलित और हेल्दी रखना ज्यादा जरूरी है।
  • लो फैट या फुल फैट में से किसी एक को आंख बंद करके बेहतर मानने के बजाय, कुल डाइट में सैचुरेटेड फैट की मात्रा और व्यक्ति की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखकर डेयरी प्रोडक्‍ट या दूध का चुनाव करना चाहिए।

लेख में बताए गए फैट और कैलोरी की मात्रा दूध के ब्रैंड या टाइप के मुताब‍िक अलग हो सकते हैं इसल‍िए डॉक्‍टर या एक्‍सपर्ट की सला‍ह के मुताब‍िक ही अपनी डाइट में दूध के सही व‍िकल्‍प को शाम‍िल करें। यह व्‍यक्‍त‍ि की डाइट और पोषण जरूरतों पर न‍िर्भर करता है।

न‍िष्‍कर्ष:

फुल क्रीम म‍िल्‍क में फैट और कैलोरी की मात्रा ज्‍यादा होती है। अगर आपका लक्ष्‍य वेट लॉस है, तो स्किम्ड या लो फैट मिल्क चुन सकते हैं। टोंड मिल्क में फुल क्रीम की तुलना में फैट कम होता है, इसे संतुल‍ित डाइट का ह‍िस्‍सा बना सकते हैं। सैचुरेटेड फैट को कम करने का लक्ष्‍य है, तो स्किम्ड म‍िल्‍क चुन सकते हैं। तीनों तरह के दूध में कैल्‍शि‍यम और प्रोटीन की मात्रा लगभग एक जैसी होती है। तीनों में फैट और कैलोरी का अंतर होता है। क‍िसी एक को अध‍िक सेहतमंद नहीं क‍हा जा सकता। व्‍यक्‍त‍ि अपनी जरूरत के मुताब‍िक दूध का चयन कर सकता है।

image credit: magnific

FAQ

  • क्या रोज फुल क्रीम दूध पीना सही है?

    फुल क्रीम दूध में फैट और कैलोरी की मात्रा ज्‍यादा होती हैं। इसे एक्‍सपर्ट की सलाह और डाइट की जरूरतों के मुताब‍िक ही डाइट का ह‍िस्‍सा बनाना चाह‍िए।
  • क्या स्किम्ड दूध में कैल्शियम होता है?

    हां, स्किम्ड दूध में भी कैल्शियम होता है। स्किम्ड दूध में फैट की मात्रा को कम क‍िया जाता है। हालांक‍ि, इसमें अन्‍य पोषक तत्‍व मौजूद होते हैं। 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 11, 2026 16:44 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh

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