Tue Nov 3, 2026 | 07:39 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

बार-बार चॉकलेट खाने की ज‍िद्द करता है बच्‍चा, डायटीश‍ियन से जानें लत कैसे छुड़ाएं?

चॉकलेट ज्‍यादातर सभी बच्‍चों को पसंद होती है, लेक‍िन अगर बच्‍चा अध‍िक मात्रा में चॉकलेट का सेवन करें और उसे इसकी लत लग जाए, तो सेहत खराब हो सकती है। जानें बच्‍चों में चॉकलेट की लत को कैसे छुड़ाएं?
बार-बार चॉकलेट खाने की ज‍िद्द करता है बच्‍चा, डायटीश‍ियन से जानें लत कैसे छुड़ाएं?बार-बार चॉकलेट खाने की ज‍िद्द करता है बच्‍चा, डायटीश‍ियन से जानें लत कैसे छुड़ाएं?

बच्चों को चॉकलेट खाना बहुत पसंद होता है, लेक‍िन कई बच्चे दिन में कई चॉकलेट खा लेते हैं। ज‍िन बच्‍चों में चॉकलेट खाने की लत होती है, वे अपनी भूख को नजरअंदाज करते हुए अध‍िक मात्रा में चॉकलेट का सेवन करने लगते हैं। लंबे समय तक रहने वाली चॉकलेट क्रेवि‍ंग धीरे-धीरे स्‍थायी हो जाती है और बच्‍चे का स्‍वास्‍थ्‍य खराब हो सकता है। आइए जानते हैं बच्‍चों को चॉकलेट क्रेव‍िंग्‍स से बचाने के ल‍िए माता-प‍िता क्‍या कदम उठा सकते हैं? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मुताब‍िक,
बच्चों को बचपन से ही कम मीठी चीजें खाने की आदत सिखाई जा सकती है। यह आदत आगे चलकर भी बनी रह सकती है और उन्हें मीठे की क्रेव‍िंग से बचा सकती है। इससे बच्‍चों को भविष्य में मोटापे और अन्य गैर-संचारी बीमारियों से बचाने में मदद मिल सकती है।

रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के मुताब‍िक,
Dietary Guidelines For Americans में बताया गया है क‍ि 11 साल से कम उम्र के बच्चों को एडेड शुगर नहीं देनी चाहिए। किशोरों और वयस्कों को भी चीनी का सेवन सीमित रखना चाहिए। एक बार के भोजन में एडेड शुगर की मात्रा 10 ग्राम से अधिक नहीं होनी चाहिए।

ज्यादा चॉकलेट खाने से बच्चे की सेहत पर क्या असर पड़ता है?

  • ज्‍यादा चॉकलेट खाने से बच्‍चे मोटापा और डायब‍िटीज का श‍िकार हो सकते हैं।
  • चॉकलेट में मौजूद चीनी मुंह में बैक्टीरिया को बढ़ने में मदद करती है। इससे नेमल को नुकसान पहुंचा सकते हैं और दांत में कैव‍िटी हो सकती है।
  • अगर बच्चा पौष्टिक भोजन की जगह चॉकलेट ज्यादा खाता है, तो उसे प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम और अन्य जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।
  • कुछ चॉकलेट में कैफीन होता है और इसे ज्‍यादा खाने से कुछ बच्‍चों में अन‍िद्रा की समस्‍या हो सकती है।
  • कुछ बच्चों को ज्‍यादा चॉकलेट खाने के बाद पेट में दर्द, गैस या असहजता महसूस हो सकती है।
  • एक बार में ज्‍यादा चॉकलेट खाने से कुछ बच्चों को पेट खराब होने या दस्त की शिकायत हो सकती है।

यह भी पढ़ें- बच्चों को क्यों लगती है जल्दी-जल्दी भूख? डॉक्टर से जानें कारण और बच्चों का पेट भरा रखने के डाइट टिप्स

1. चॉकलेट अचानक बंद करने के बजाय मात्रा कम करें

how-to-get-rid-of-chocolate-cravings-in-childrenhow-to-get-rid-of-chocolate-cravings-in-children

अगर बच्चा रोजाना चॉकलेट खाता है, तो उसे एकदम से बंद न करें। शुरुआत में चॉकलेट की मात्रा कम करें। अगर बच्चा रोज एक पूरी चॉकलेट खाता है, तो उसे आधी चॉकलेट दें।

2. चॉकलेट की जगह हेल्दी मीठे विकल्प दें

बच्‍चे को चॉकलेट की जगह हेल्‍दी व‍िकल्‍प दें जैसे फल, क‍िशम‍िश, खजूर, बादाम, काजू, घर पर बना कस्‍टर्ड या फ्रूट सलाद वगैरह। इससे बच्चे को मीठा स्वाद मिलेगा और उसे पोषक तत्व भी मिलेंगे।

3. बच्चे के खानपान का सही रूटीन बनाएं

कई बार बच्चे भूख लगने पर चॉकलेट मांगने लगते हैं। ऐसे में उन्हें समय पर पौष्टिक नाश्ता, दोपहर का खाना और शाम का स्नैक्स दें। डाइट में फल, दूध, दही, नट्स और घर के बने स्नैक्स शामिल करें। इससे बच्चे मीठे की क्रेव‍िंग्‍स से बच सकते हैं।

4. बच्चे को फूड लेबल पढ़ना सिखाएं

बच्चे को पैकेट वाली चॉकलेट में मौजूद चीनी के बारे में आसान भाषा में बताएं। उसे दूसरे स्नैक्स के पैकेट पर भी चीनी की मात्रा दिखाएं। इससे बच्चा धीरे-धीरे समझने लगेगा कि हर मीठी चीज रोज खाना सेहत के लिए अच्छा नहीं है।

5. एक निश्चित समय पर ही बच्‍चे को चॉकलेट दें

बच्चे को दिनभर कभी भी चॉकलेट खाने की अनुमति न दें। इसके बजाय कभी-कभार खाने के बाद थोड़ी मात्रा में चॉकलेट देने का नियम बनाएं। इससे बच्चा चॉकलेट को हर समय मांगने के बजाय सीमित मात्रा में खाना सीख सकता है।

यह भी पढ़ें- बार-बार खाने की क्रेव‍िंग होती है तो खाएं ये 5 हेल्दी फूड्स, लंबे समय तक भरा रहेगा पेट

चॉकलेट की जगह बच्चों को दें ये 4 स्वादिष्ट और हेल्दी विकल्प

होममेड ओट्स कुकीज

ओट्स, केला और थोड़े से सूखे मेवे मिलाकर घर पर कुकीज बना सकते हैं। इनमें चीनी का इस्‍तेमाल न करें।

मूंगफली और गुड़ की चिक्की

मूंगफली में प्रोटीन और हेल्दी फैट्स होते हैं। बच्‍चों को कभी-कभी थोड़ी मात्रा में मूंगफली और गुड़ से बनी चिक्की दी जा सकती है।

केले की स्‍मूदी

केला प्राकृतिक रूप से मीठा होता है। इसमें पोटैशियम, विटामिन B6 और फाइबर पाया जाता है। केले की स्‍मूदी बनाकर बच्‍चे को दे सकते हैं।

घर पर बनी दूध की खीर

दूध, ड्राई फ्रूट्स और इलायची से स्वादिष्ट खीर तैयार करें। इसमें चीनी कम डालें और मिठास के लिए काजू या बादाम का पेस्‍ट या क‍िशम‍िश डाल सकते हैं।

न‍िष्‍कर्ष:

बच्‍चे की चॉकलेट की लत छुड़ाने के ल‍िए चॉकलेट अचानक से बंद न करें। चॉकलेट की मात्रा को धीरे-धीरे कम करें। बच्‍चे को चॉकलेट की जगह फल, क‍िशम‍िश, खजूर, बादाम, काजू, घर पर बना कस्‍टर्ड या फ्रूट सलाद जैसे हेल्‍दी व‍िकल्‍प दे सकते हैं। कई बार बच्चे भूख लगने पर चॉकलेट मांगने लगते हैं। ऐसे में उन्हें समय पर पौष्टिक नाश्ता, दोपहर का खाना और शाम का स्नैक्स दें। बच्चे को पैकेट वाली चॉकलेट में मौजूद चीनी के बारे में बताएं और एक निश्चित समय पर ही बच्‍चे को चॉकलेट दें। बच्‍चे को चॉकलेट की जगह होममेड ओट्स कुकीज, मूंगफली और गुड़ की चिक्की, केले की स्‍मूदी, घर पर बनी दूध की खीर वगैरह ख‍िला सकते हैं। ज्‍यादा चॉकलेट खाने से बच्‍चों में मोटापा, डायब‍िटीज, कैव‍िटी, पोषक तत्‍वों की कमी, पाचन समस्‍याओं का खतरा बढ़ सकता है।

image credit: magnific

FAQ

  • बच्चों को चॉकलेट खाने की क्रेविंग क्यों होती है?

    चॉकलेट में मौजूद चीनी और फैट इसे स्वादिष्ट बनाते हैं। इसके अलावा, बच्चों को चॉकलेट इनाम के रूप में देने या बार-बार ख‍िलाने से भी इसे खाने की इच्‍छा बढ़ सकती है।
  • क्या तनाव के कारण बच्चों को ज्यादा खाने का मन करता है?

    हां, स्कूल का दबाव, पढ़ाई या घर का तनाव बच्चों के खानपान को प्रभावित कर सकता है। कुछ बच्चे तनाव में ज्यादा खाने लगते हैं, जबकि कुछ की भूख कम भी हो सकती है। 

Read Next

→ हरी, पीली या काली किशमिश, डायटिशियन से जानें किसमें होता है सबसे ज्यादा आयरन?

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Nov 03, 2026 17:55 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh