Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

बार-बार खाने की क्रेव‍िंग होती है तो खाएं ये 5 हेल्दी फूड्स, लंबे समय तक भरा रहेगा पेट

बार-बार क्रेविंग होने से लोग जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेने लगते हैं जिससे वजन बढ़ने और अनहेल्दी ईटिंग की समस्या हो सकती है। जानें पांच हेल्‍दी व‍िकल्‍प जो भूख को कंट्रोल करेंगे और पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करेंगे।

आजकल कई लोग बार-बार कुछ न कुछ खाने की इच्छा यानी फूड क्रेविंग से परेशान रहते हैं। कभी मीठा खाने का मन करता है, तो कभी चिप्स, बिस्किट या जंक फूड खाने की इच्छा होने लगती है। यह समस्या केवल स्वाद से जुड़ी नहीं होती बल्कि कई बार गलत खानपान, प्रोटीन की कमी, नींद की कमी, तनाव और अनियमित खाने की आदतों के कारण भी होती है। अगर डाइट में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स की कमी हो, तो पेट जल्दी खाली महसूस होता है और बार-बार भूख लगने लगती है। ऐसे में कुछ हेल्दी फूड्स लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकते हैं। ऐसे पांच फूड्स के बारे में जानने के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

1. बादाम

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शाम को अक्‍सर भूख लगने पर हम अनहेल्‍दी स्‍नैक्‍स खा लेते हैं, इसके बजाय तीन से चार बादाम खाएं। बादाम खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है। इसमें फाइबर, प्रोटीन और हेल्‍दी फैट्स की भरपूर मात्रा होती है। शुगर क्रेव‍िंग को कंट्रोल करने के ल‍िए बादाम का सेवन एक हेल्‍दी व‍िकल्‍प है।

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2. अंडा

अंडा प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। प्रोटीन फूड्स खाकर पेट लंबे समय तक भरा रहता है और इससे बार-बार स्नैकिंग की इच्छा कम हो जाती है। सुबह नाश्‍ते में अंडे खाने से द‍िनभर एनर्जेट‍िक भी महसूस होता है। इसमें प्रोटीन और हेल्‍दी फैट्स की भरपूर मात्रा होती है। उबले अंडे ज्‍यादा पौष्‍ट‍िक माने जाते हैं।

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3. ओट्स

ओट्स फाइबर से भरपूर होते हैं और धीरे-धीरे पचते हैं। ओट्स खाने के बाद लंबे समय तक भूख कम लगती है। इसमें मौजूद सॉल्युबल फाइबर पेट को भरा रखने में मदद करता है और बार-बार खाने की इच्छा को कम कर सकता है। ओट्स को दूध, दही या फलों के साथ मिलाकर हेल्दी ब्रेकफास्ट बनाया जा सकता है।

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4. दही

दही प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स का अच्छा स्रोत है। यह पाचन को बेहतर रखने के साथ पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकता है। गर्मियों में दही खाने से शरीर को ठंडक भी मिलती है। सादा दही में फल या चिया सीड्स मिलाकर हेल्दी स्नैक तैयार कर सकते हैं। ज्यादा शुगर वाले फ्लेवर्ड योगर्ट से बचें वरना शरीर में कैलोरीज बढ़ सकती हैं।

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5. सेब

सेब में फाइबर और पानी दोनों अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। यह पेट भरने में मदद करता है और अचानक लगने वाली भूख को कम कर सकता है। सेब को छिलके सहित खाने से ज्यादा फाइबर मिलता है। यह एक आसान और हेल्दी स्नैक है जिसे कहीं भी खाया जा सकता है।

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क्रेविंग कम करने के लिए क्या करें?

  • पर्याप्त पानी पिएं क्योंकि कई बार प्यास को लोग भूख समझ लेते हैं।
  • हर मील में प्रोटीन और फाइबर शामिल करें।
  • लंबे समय तक खाली पेट न रहें।
  • पर्याप्त नींद लें क्योंकि नींद की कमी से भूख बढ़ाने वाले हार्मोन प्रभावित हो सकते हैं।
  • स्‍ट्रेस कम करने की कोशिश करें क्योंकि स्ट्रेस ईटिंग भी क्रेविंग बढ़ा सकती है।

न‍िष्‍कर्ष:

बार-बार खाने की क्रेव‍िंग होने पर बादाम, अंडा, सेब, दही, ओट्स जैसे हेल्‍दी व‍िकल्‍प चुनें। पर्याप्‍त मात्रा में पानी प‍िएं, स्‍ट्रेस कम करें और नींद पूरी करें। इस तरह आप बार-बार होने वाली फूड क्रेव‍िंग्‍स से बच सकते हैं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 11, 2026 21:27 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • May 11, 2026 21:27 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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