Sun Oct 11, 2026 | 01:40 PM IST

Medically Reviewed by Dr Nitu Pandey , Radiation Oncologist

शुरुआती प्रोस्टेट कैंसर की मॉनिटरिंग के लिए MRI से कहीं बेहतर है यूरिन टेस्ट: स्टडी

पुरुषों में होने वाला प्रोस्टेट कैंसर एक गंभीर समस्या है, जिसका अगर समय से इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। नई स्टडी से पता चला है कि शुरुआती प्रोस्टेट कैंसर की मॉनिटरिंग के लिए यूरिन टेस्ट बेहतर होता है।
शुरुआती प्रोस्टेट कैंसर की मॉनिटरिंग के लिए MRI से कहीं बेहतर है यूरिन टेस्ट: स्टडीशुरुआती प्रोस्टेट कैंसर की मॉनिटरिंग के लिए MRI से कहीं बेहतर है यूरिन टेस्ट: स्टडी

पुरुषों में उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट कैंसर का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। हालांकि. शुरुआती स्टेज में यह कैंसर अक्सर धीमी गति से बढ़ता है, लेकिन समय रहते इसकी सही मॉनिटरिंग बेहद जरूरी होती है। यदि कैंसर की स्थिति पर लगातार नजर न रखी जाए, तो यह गंभीर रूप ले सकता है और मरीज की जान के लिए खतरा बन सकता है। अब तक प्रोस्टेट कैंसर की मॉनिटरिंग के लिए MRI स्कैन, PSA ब्लड टेस्ट और बार-बार बायोप्सी को सबसे सही तरीका माना जाता था लेकिन बायोप्सी एक दर्दनाक प्रक्रिया है और कई बार इसके कारण इंफेक्शन, ब्लीडिंग और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। वहीं MRI जांच महंगी होने के साथ हर जगह आसानी से उपलब्ध भी नहीं होती। हाल ही में सामने आई एक नई स्टडी के मुताबिक, यूरिन टेस्ट शुरुआती प्रोस्टेट कैंसर की मॉनिटरिंग में MRI से बेहतर साबित हो सकता है।

प्रोस्टेट कैंसर की मॉनिटरिंग से जुड़ी इस स्टडी में क्या है?

साल 2026 में American Urological Association के The Journal of Urology में प्रकाशित हुई स्टडी में दावा किया गया है कि यूरिन टेस्ट MRI की तुलना में प्रोस्टेट कैंसर की मॉनिटरिंग के लिए ज्यादा सटीक और कम दर्दनाक विकल्प साबित हो सकता है। रिसर्चर्स ने ''मायप्रोस्टेटस्कोर 2.0 - एक्टिव सर्विलांस'' यानी MPS2-AS नामक बायोमार्कर मॉडल विकसित किया है। यह टेस्ट पेशाब के नमूने के जरिए यह पता लगाने में मदद करता है कि मरीज का कैंसर ज्यादा गंभीर ग्रेड में बदल रहा है या नहीं। इस स्टडी में खास तौर पर Grade Group (GG)≥3 और GG≥2 कैंसर अपग्रेडिंग का पता लगाने की क्षमता को जांचा गया।

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यह स्टडी 11 अलग-अलग चिकित्सा संस्थानों में की गई, जिससे इसके रिजल्ट को व्यापक और भरोसेमंद माना जा रहा है। इसमें उन मरीजों को शामिल किया गया जो पहले से GG1 यानी कम जोखिम वाले प्रोस्टेट कैंसर के साथ एक्टिव सर्विलांस कार्यक्रम में थे। इस स्टडी में कुल 330 मरीज शामिल थे। इस रिसर्च के अनुसार, MPS2-AS टेस्ट ने MRI की तुलना में ज्यादा सटीक रिजल्ट दिए। GG≥3 कैंसर अपग्रेडिंग का पता लगाने में इस टेस्ट का AUC स्कोर 0.82 रहा, जबकि MRI का स्कोर 0.73 था। इसी तरह GG≥2 के लिए MPS2-AS का स्कोर 0.74 और MRI का 0.64 रहा।

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पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के क्या लक्षण हैं?

नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग की कंसल्टेंट डॉक्टर नीतू पांडे (Dr. Neetu Pandey, Consultant, Radiation Oncology, Fortis Hospital, Noida) बताती हैं कि प्रोस्टेट कैंसर शुरुआती स्टेज में अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित होता है लेकिन जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, कुछ संकेत दिखाई देने लगते हैं।

  • रात के समय बार-बार पेशाब लगना प्रोस्टेट समस्या का संकेत हो सकता है।
  • पेशाब करते समय फ्लो का सही न होना भी प्रोस्टेट कैंसर का लक्षण हो सकता है।
  • पेशाब से खून आना भी प्रोस्टेट कैंसर का लक्षण है।
  • कैंसर बढ़ने पर दर्द शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल सकता है, जिससे कमर, कूल्हों या हड्डियों में दर्द महसूस हो सकता है।
  • इरेक्टाइल डिसफंक्शन भी प्रोस्टेट कैंसर से जुड़ा एक लक्षण हो सकता है।

निष्कर्ष

प्रोस्टेट कैंसर की मॉनिटरिंग में MPS2-AS यूरिन टेस्ट न केवल MRI और बायोप्सी जैसी गंभीर प्रक्रियाओं का एक सरल विकल्प है, बल्कि कैंसर के बढ़ने की सटीक जानकारी देने में भी ज्यादा सही पाया गया है।

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FAQ

  • क्या प्रोस्टेट कैंसर का इलाज संभव है?

    अगर बीमारी शुरुआती स्टेड में पकड़ में आ जाए तो प्रोस्टेट कैंसर का इलाज संभव है।
  • प्रोस्टेट कैंसर क्या होता है?

    प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों की प्रोस्टेट ग्रंथि में विकसित होने वाला कैंसर है।
  • प्रोस्टेट कैंसर से बचने के लिए क्या करें?

    प्रोस्टेट कैंसर से बचने के लिए नियमित हेल्थ चेकअप, टेस्ट और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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