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Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

क्या प्रोटीन डाइट लेने से ज्यादा खाने की इच्छा कम होती है? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर

हाई प्रोटीन डाइट लेना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। हाई प्रोटीन फूड्स लेने से अनहेल्दी खाने की क्रेविंग को कम करने में मदद मिलती है। यह भूख वाले हार्मोन्स को शांत करके बार-बार लगने वाली भूख को कम करता है। 

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आज की व्यस्त जीवनशैली में अनहेल्दी खान-पान और बार-बार कुछ चटपटा या मीठा खाने की क्रेविंग होना एक आम समस्या बन चुकी है। किसी भी वक्त लगने वाली तेज भूख, अक्सर हमारे वजन और सेहत पर बुरा असर डालती है। ऐसे में एक्सपर्ट्स अक्सर क्रेविंग को कंट्रोल करने के लिए हेल्दी डाइट लेने की सलाह देते हैं, जिसमें हाई प्रोटीन फूड्स शामिल करने पर जोर दिया जाता है। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida के अनुसार हाई प्रोटीन डाइट लेने से क्रेविंग को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए, आइए इस लेख में जानते हैं कि हाई प्रोटीन डाइट क्रेविंग कम करने में कैसे फायदेमंद होता है?

क्रेविंग कम करने में हाई प्रोटीन डाइट कैसे फायदेमंद है?

Dr. Akshay Chugh के अनुसार हाई प्रोटीन डाइट लेने से शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, जो सीधे तौर पर अनहेल्दी या किसी भी समय होने वाले क्रेविंग को रोकने में मदद कर सकती है। 

1. भूख वाले हार्मोन्स को शांत करता है

शरीर में घ्रेलिन नाम का हार्मोन होता है, जिसे हंगर हार्मोन के रूप में जाना जाता है। जब आपका पेट खाली होता है तो यह दिमाग को खाने का सिग्नल देता है। जब आप प्रोटीन से भरपूर फूड्स खाते हैं तो यह घ्रेलिन के लेवल को तुरंत नीचे गिरा देता है। साथ ही यह उन हार्मोन्स को एक्टिव कर देता है, जो आपके दिमाग को बताते हैं कि पेट भर चुका है, अब और खाने की जरूरत नहीं है। 

साल 2005 में The American Journal of Clinical Nutrition में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, अन्य पोषक तत्वों की तुलना में प्रोटीन पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करवाने में मदद करता है। इसलिए, जब डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाई जाती है, तो लोग कम कैलोरी का सेवन करने लगते हैं। 

इसे भी पढ़ें: प्रोटीन की कमी को न लें हल्के में, लंबे समय तक नजरअंदाज करने पर हो सकती हैं ये गंभीर समस्याएं

2. ब्लड शुगर लेवल को बढ़ने से रोकना है

जब आप समोसा, बिस्कुट, सफेद ब्रेड या मीठा खाते हैं तो आपका ब्लड शुगर लेवल अचानक बहुत तेजी से ऊपर जाता है। इसके कारण शरीर बहुत सारा इंसुलिन बनाता है, जिससे शुगर अचानक बहुत नीचे गिर जाती है। ब्लड शुगर के इसी अचानक गिरने की समस्या को दिमाग इमरजेंसी मान लेता है और आपको फिर से मीठा खाने की क्रेविंग होने लगती है। ऐसे में प्रोटीन से भरपूर फूड्स खाने से पाचन क्रिया धीमी होती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल अचानक नहीं गिरता और क्रेविंग्स शांत रहती है। 

साल 2003 में The American Journal of Clinical Nutrition में प्रकाशित स्टडी के अनुसार हाई-प्रोटीन डाइट लेने से शरीर में ब्लड शुगर लेवल बेहतर तरीके से कंट्रोल में रहता है। हाई-प्रोटीन डाइट अपनाने वाले लोगों के ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन (HbA1c) के लेवल में 0.8% की गिरावट देखी गई, जबकि नॉर्मल डाइट लेने वालों में यह कमी सिर्फ 0.3% थी।

3. यह पेट को लंबे समय तक भरा रखता है

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि प्रोटीन को पचाने में हमारे पाचन तंत्र को कार्बोहाइड्रेट या फैट की तुलना में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और समय भी ज्यादा लग सकता है। इसके कारण मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है और आपको घंटों तक दोबारा भूख नहीं लगती है। हाई-प्रोटीन डाइट लेने से पाचन क्रिया धीमी हो जाती है और पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है।

क्रेविंग कम करने के लिए हाई प्रोटीन डाइट लेने के टिप्स 

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि क्रेविंग कम करने लिए प्रोटीन डाइट लेते समय आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए- 

1. सुबह की शुरुआत प्रोटीन से करें 

अपनी सुबह की शुरुआत प्रोटीन से भरपूर नाश्ते से करें। जब आप सुबह हाई-प्रोटीन ब्रेकफास्ट करते हैं तो शरीर में घ्रेलिन यानी भूख बढ़ाने वाले हार्मोन का लेवल कम हो सकता है। इससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और दोपहर तक आपको भूख नहीं लगती है। इसलिए, आप अपने ब्रेकफास्ट में 2 से 3 उबले अंडे, अंकुरित मूंग या चने का सलाद, 100 ग्राम पनीर ग्रिल्ड करके या बेसन और मूंग दाल का चीला शामिल कर सकते हैं। 

2. हर मील में थोड़ा प्रोटीन शामिल करें

सिर्फ अपने सुबह के नाश्ते में ही नहीं, बल्कि दोपहर और रात के खाने में भी प्रोटीन शामिल करना बहुत जरूरी है। यह आपके ब्लड शुगर लेवल को स्थिर करने में मदद कर सकता है। जब ब्लड शुगर लेवल अचानक गिरता नहीं है तो मीठा या जंक फूड खाने की क्रेविंग नहीं होती है। इसलिए, आप अपने लंच और डिनर में एक कटोरी दाल, राजमा, छोले, दही, पनीर की सब्जी या लीन मीट शामिल करें। 

3. शाम के नाश्ते को बदलें

शाम को 4 से 6 बजे के बीच शरीर में एनर्जी का लेवल कम होने लगता है, जिस कारण कई लोग बिस्कुट या तला-भुना खाते हैं। रिफाइंड कार्ब्स खाने से कुछ देर बाद फिर तेज भूख लगती है। ऐसे में आप अनहेल्दी स्नैक्स की जगह कुछ हेल्दी अपने शाम के स्नैक्स में शामिल कर सकते हैं। इसलिए, आप एक मुट्ठी भुने मखाने, मुट्ठी भर भिगोए हुए बादाम और अखरोट या भुने चने खा सकते हैं। 

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4. भरपूर मात्रा में पानी पिएं और नींद पूरी करें

कई बार हमारा दिमाग प्यास को भूख समझ लेता है, जिसके कारण प्यास लगने पर भी हम उसे भूख समझ लेते हैं और कुछ खाने लगते हैं। इसलिए, दिनभर में भरपूर मात्रा में 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लें। नींद पूरी न होने पर कोर्टिसोल लेवल बढ़ता है, जिससे मीठा और हाई-कैलोरी फूड खाने की क्रेविंग ज्यादा हो जाती है। 

निष्कर्ष 

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि रोजाना के खाने में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन शामिल करने से क्रेविंग की समस्या को कम किया जा सकता है। यह न सिर्फ आपके पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, बल्कि हार्मोनल संतुलन और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में भी मदद करता है। 

Image Credit: Freepik 

FAQ

  • प्रोटीन की कमी होने पर क्या खाएं?

    प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए शाकाहारी लोग पनीर, सोयाबीन, मूंग दाल, टोफू, ताजा दही और मूंगफली का सेवन कर सकते हैं। वहीं नॉनवेज खाने वाले लोग अंडे, चिकन ब्रेस्ट, मछली और लीन मीट भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। 
  • प्रोटीन की कमी के क्या लक्षण हैं?

    शरीर में प्रोटीन की कमी होने पर बाल तेजी से झड़ने लगते हैं, नाखून कमजोर होकर टूटने और स्किन में रूखापन बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, मांसपेशियों में कमजोरी और दर्द रहना, हर समय थकान होना और बार-बार अनहेल्दी खाने की क्रेविंग हो सकती है। 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jul 24, 2026 16:22 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh

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