Fri Sep 11, 2026 | 08:19 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

हर समय भूख लगती है और वजन नहीं घट रहा? ये कारण हैं ज‍िम्‍मेदार

वजन कम न होने का दोष डाइट को न दें। कई ऐसे कारण हैं ज‍िनकी वजह से भूख ज्‍यादा लगती है और वजन घटाना मुश्‍क‍िल हो जाता है। ऐसे ही कुछ कारणों पर बात करेंगे।

कई लोगों को हर समय भूख लगती है और उनके ल‍िए वजन घटाना एक बड़ी चुनौती बन जाती है। डाइट और एक्‍सरसाइज के बाद भी ऐसे लोग वजन जल्‍दी कम नहीं कर पाते और न‍िराश होकर ज्‍यादा खाने लगते हैं। ऐसा नहीं है क‍ि केवल एक्‍सरसाइज करके या डाइटि‍ंग करके ही वजन कम होता है या भूख कंट्रोल होती है। कुछ ऐसे कारण हैं जो भूख को बढ़ाते हैं और वेट लॉस को एक मुश्‍क‍िल चैलेंज बना देते हैं। ऐसे कुछ कारणों के बारे में आगे जानेंगे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

1. लो प्रोटीन इंटेक- Low Protein Intake

लो प्रोटीन इंटेक के कारण ही हर समय भूख लगती है और व्‍यक्‍त‍ि वजन नहीं घटा पाता। लो प्रोटीन के कारण मेटाबॉल‍िज्‍म भी धीमा रहता है और वजन घटाने में मुश्‍क‍िल होती है। डाइट में अंडे, दाल, पनीर, दही या नट्स वगैरह को शाम‍िल करें। डॉक्‍टर की सलाह पर प्रोटीन सप्‍लीमेंट्स भी ले सकते हैं।

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2. र‍िफाइंड कार्ब्स या शुगरी फूड्स ज्‍यादा खाना- Eating Too Many Carbs And Refined Sugar

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रि‍फाइंड शुगर या कार्ब्स का ज्‍यादा सेवन करने के कारण भी वजन तेजी से बढ़ता है और हर वक्‍त भूख लगने का एहसास होता रहता है। Nutritionist Neha Sinha ने बताया क‍ि सफेद चावल, सफेद ब्रेड, म‍िठाई, कोल्‍ड ड्र‍िंक्‍स, पैकेज्‍ड फूड्स वगैरह का सेवन न करें। इन चीजों का सेवन करने से ब्‍लड शुगर लेवल भी असंतुल‍िन हो सकता है। होल ग्रेन्‍स, ताजे फल या सब्‍ज‍ियों का सेवन कर सकते हैं।

3. स्‍ट्रेस लेवल और नींंद ब‍िगड़ना- Poor Sleep And High Stress Level

नींद की कमी और स्‍ट्रेस के बढ़ने के कारण व्‍यक्‍त‍ि को बार-बार भूख लग सकती है। जब आप पर्याप्‍त नींद नहीं लेते हैं, तो शरीर हंगर हार्मोन ज्‍यादा बनाता है ज‍िससे आपको बेवजह भूख लगती है। स्‍ट्रेस के कारण कोर्ट‍िसोल का लेवल बढ़ जाता है और ज्‍यादा कैलोरी वाली चीजों को खाने की क्रेव‍िंंग होती है।

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4. प्‍यास को भूख समझना- Dehydration Mistaken For Hunger

  • कई बार हमें प्‍यास लगती है और हम उसे भूख समझ लेते हैं। ऐसे में व्‍यक्‍त‍ि जरूरत से ज्‍यादा खाने लगता है।
  • Nutritionist Neha Sinha ने बताया क‍ि अगर आपको भूख महसूस हो रही है, तो एक ग‍िलास पानी प‍िएं और कुछ देर रुककर नोट‍िस करें क‍ि भूख शांत हुई है या नहीं। पूरे द‍िन हाइड्रेटेड रहेंगे, तो भूख कंट्रोल होगी और जल्‍दी-जल्‍दी भूख नहीं लगेगी।

5. हार्मोनल समस्‍याएं- Hormonal Issues

कभी-कभी लगातार लगने वाली भूख का संबंध हार्मोनल समस्‍याओं से होता है। Nutritionist Neha Sinha ने बताया क‍ि इंसुल‍िन रेजि‍स्‍टेंस, पीसीओएस या स्‍लो मेटाबॉल‍िज्‍म के कारण ये समस्‍याएं हो सकती हैं। ब्‍लड टेस्‍ट के जर‍िए इसकी जांच हो सकती है। जब हार्मोनल समस्‍याएं दूर हो जाएंगी, वजन आसानी से कम कर पाएंगे।

न‍िष्‍कर्ष:

लो प्रोटीन इंटेक, र‍िफाइंड कार्ब्स या शुगरी फूड्स का ज्‍यादा सेवन, स्‍ट्रेस लेवल ज्‍यादा होना, नींद के ब‍िगड़ने या हार्मोनल समस्‍याओं के कारण हर समय भूख लगने और वजन न घटने की समस्‍या हो सकती है।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 22, 2026 19:36 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jan 22, 2026 19:36 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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