Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Anju Suryapani , Senior Consultant – Obstetrics, Gynaecology

40 की उम्र के बाद नहीं घट रहा वजन? जानें पेरिमेनोपॉज में कौन-सी गलतियां रोक रही हैं वेट लॉस

पेरिमेनोपॉज में हार्मनल बदलाव के कारण महिलाओं के शरीर में कई तरह की समस्या हो सकती हैं। ऐसे में वजन बढ़ना भी एक आम समस्या है, जिसे कम करना मुश्किल हो सकता है, खासकर जब आप ये गलतियां करते हैं। 

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पेरिमेनोपॉज, महिलाओं की लाइफ का वह स्टेज होता है, जब शरीर में हार्मोनल बदलाव तेजी से होने लगते हैं। इस समय महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल कम होने के कारण मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है, जिससे कई महिलाओं को अचानक वजन और पेट की चर्बी बढ़ने की समस्या का सामना करना पड़ता है। इस बढ़े हुए वजन को कंट्रोल करने की कोशिश में अक्सर महिलाएं अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठती हैं, जो फायदे की जगह नुकसान पहुंचाती हैं। ऐसे में आइए Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant - Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida से जानते हैं कि पेरिमेनोपॉज में कौन-सी गलतियां वेट लॉस होने से रोकती हैं?

पेरिमेनोपॉज में वजन घटाने की 5 बड़ी गलतियां और उनसे बचने के तरीके

Dr.(Prof.) Anju Suryapani के अनुसार, पेरिमेनोपॉज के दौरान महिला के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन्स के लेवल में उतार-चढ़ाव आते हैं। इसके साथ ही मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और मसल मास कम होने लगता है। ऐसे में इस दौरान वजन कम करते समय कुछ गलतियां हेल्दी वेट पाने में मुश्किल का कारण बन सकता है। 

गलती 1: बहुत कम कैलोरी खाना 

वजन बढ़ने पर अक्सर लोग अपने खाने में कटौती करने लगते हैं। पेरिमेनोपॉज में यह सबसे गलत तरीका होता है वजन कम करने का। StatPearls मेडिकल रिसोर्स के अनुसार, वजन कम करने के लिए खाना छोड़ने से शरीर में भूख बढ़ाने वाला हार्मोन बहुत बढ़ जाता है, जिससे शरीर का नेचुरल संतुलन बिगड़ जाता है। खाना छोड़ने से आपका मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और शरीर फैट बर्न करने के स्थान पर उसे स्टोर करने लगता है। 

सही तरीका क्या है?

Dr. Anju Suryapani के अनुसार, पेरिमेनोपॉज में वजन कम करने के लिए क्रैश डाइट के स्थान पर पौष्टिक और संतुलित डाइट लें। हर मील में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट शामिल करें। 

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गलती 2: सिर्फ कार्डियो एक्सरसाइज करना

कई महिलाएं इस दौरान वजन कम करने के लिए घंटों ट्रेडमिल पर दौड़ती हैं या सिर्फ वॉक करती हैं. कार्डियो दिल के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है, लेकिन यह पेरिमेनोपॉजल फैट को पूरी तरह से खत्म नहीं कर सकता है। साल 2018 में Cold Spring Harbor Perspectives in Medicine में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ शरीर में मांसपेशियों का द्रव्यमान और ताकत कम होने लगती है। अगर आप सिर्फ कार्डियो करते हैं तो आप वजन के साथ-साथ इन जरूरी मांसपेशियों को भी खो सकते हैं। 

सही तरीका क्या है?

अपने रूटीन में हफ्ते में कम से कम 2 से 3 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या रेजिस्टेंस बैंड एक्सरसाइज शामिल करें। मांसपेशियां बनने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है और शरीर आराम की स्थिति में भी फैट बर्न करता है। 

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गलती 3: प्रोटीन की कमी को नजरअंदाज करना

Dr. Anju Suryapani के अनुसार, पेरिमेनोपॉज के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण महिलाएं अक्सर अपने प्लेट में कार्बोहाइड्रेट्स ज्यादा लेते हैं और प्रोटीन बहुत कम, जो वजन बढ़ने का कारण बनता है। प्रोटीन न सिर्फ मांसपेशियों को बनाए रखता है, बल्कि यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है और क्रेविंग्स को कंट्रोल करता है। 

सही तरीका क्या है?

वजन कम करने वाली महिलाओं को अपनी डाइट में प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में शामिल करना चाहिए। पनीर, टोंड मिल्क, दूध, दही, छोले, राजमा या सोयाबीन जैसी अंकुरित अनाज अपनी डेली डाइट में शामिल करें। 

गलती 4: नींद की कमी और हॉट फ्लैशेज को अनदेखा करना

पेरिमेनोपॉज के दौरान रात में अचानक गर्मी लगना, पसीना आना और नींद का बार-बार टूटना बहुत आम समस्या है। वजन कम करने के दौरान अपनी नींद और हॉट फ्लैशेज की समस्या को अनदेखा करने से भी वजन कम न होने में समस्या हो सकती है। साल 2022 में Nutrients Journal में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, नींद में कमी वजन कम करने में बड़ी बाधा बन सकती है क्योंकि यह शरीर के भूख कंट्रोल करने वाले सिस्टम को बिगाड़ देती है। कम नींद से रोजाना कैलोरी इनटेक बढ़ जाता है, जिससे वजन कम करने के स्थान पर बढ़ सकता है। 

सही तरीका क्या है?

वजन कम करने के लिए एक्सरसाइज औ हेल्दी डाइट के साथ अच्छी नींद लेने की भी कोशिश करें। सोने से 1 घंटे पहले स्क्रीन बंद कर दें। बेडरूम का तापमान ठंडा रखें। अगर हॉट फ्लैशेज के कारण नींद नहीं आ रही है तो अपनी डॉक्टर से कंसल्ट करें। 

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गलती 5: तनाव को नजरअंदाज करना

40 से 50 की उम्र में महिलाएं अपने करियर, बढ़ते बच्चों और बुजुर्ग पेरेंट्स की देखभाल को लेकर काफी तनाव से गुजरती हैं। साल 2023 में Frontiers in Endocrinology में प्रकाशित जर्नल के अनुसार, तनाव वजन कम करने की प्रक्रिया में एक बड़ी रुकावट बनता है। इस दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव भी उनमें तनाव की समस्या को बढ़ा सकते हैं, क्योंकि यह कॉम्प्लेक्स बायोकेमिकल बदलाव का कारण बनता है। महिलाओं में तनाव से जुड़ी एंग्जायटी वजन बढ़ा सकते हैं। 

क्या करना चाहिए?

दिन में कम से कम 15 से 20 मिनट के लिए खुद के लिए समय निकालें। योग, मेडिटेशन, गहरी सांस लेने के एक्सरसाइज या अपनी पसंदीदा हॉबी को समय दें। 

निष्कर्ष 

पेरिमेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। इस समय वजन का थोड़ा बहुत वजन बढ़ना नेचुरल है। इसलिए अपने शरीर की जरूरतों को समझने की कोशिश करें। इसके साथ ही वजन कम करने के दौरान कुछ गलतियों को करने से बचें और किसी भी तरह की समस्या होने पर डॉक्टर से कंसल्ट करें। 

Image Credit: Freepik 

FAQ

  • पेरिमेनोपॉज में वजन क्यों बढ़ता है?

    पेरिमेनोपॉज के दौरान वजन बढ़ना हार्मोनल बदलाव, मांसपेशियों का कम होना और धीमा मेटाबॉलिज्म के कारण होता है। 
  • पेरिमेनोपॉज वेट गेन को कैसे रोकें? 

    पेरिमेनोपॉज के दौरान वजन बढ़ने से रोकने के लिए अपनी शारीरिक गतिविधियां बढ़ाएं, हेल्दी रहें और अच्छी नींद लें।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jul 26, 2026 11:15 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Anju Suryapani

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