Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Naveen Polavarapu , Gastroenterologist

वजन घटाने की कोशिश में कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये 7 गलतियां? बेकार हो सकती है पूरी मेहनत

कई बार लोग वजन घटाने की कोश‍िश में कुछ गलत‍ियां कर बैठते हैं, जो न स‍िर्फ सेहत पर भारी पड़ती हैं, बल्‍क‍ि पूरी मेहनत पर भी पानी फेर देती हैं। डॉक्‍टर से जानें ऐसी 7 गलत‍ियों के बारे में।

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वजन घटाने के ल‍िए लोग अलग-अलग तरीकों का सहारा लेते हैं, लेक‍िन वेट लॉस के कई ऐसे न‍ियम‍ हैं जो सभी तरीकों पर अप्‍लाई होते हैं। ये न‍ियम ही तय करते हैं क‍ि आप वजन घटा पाएंगे या नहीं। उदाहरण के ल‍िए वेट लॉस के ल‍िए ऐसे उपाय अपनाने चाह‍िए जो कंसि‍स्‍टेंट हों और लंबे समय तक फॉलो क‍िए जा सकें। हालांक‍ि, लोग न‍ियमों को नजरअंदाज करके वेट लॉस के नए-नए तरीके खोजने लगते हैं। गलत ढंग से वजन घटाने के बाद जब पर‍िणाम नहीं म‍िलते, तो व्‍यक्‍त‍ि वेट लॉस को मुश्‍क‍िल समझ लेता है, लेक‍िन असल परेशानी वजन घटाने के तरीके में छुपी है। आइए जानते हैं वो कौन सी गलति‍यां हैं ज‍िनसे वेट लॉस के दौरान बचना चाह‍िए? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Naveen Polavarapu, Senior Consultant Gastroenterologist, Liver Specialist & Advanced Therapeutic Endoscopist & Endosonologist At Yashoda Hospitals, Hitec City, Hyderabad से बात की।

1. कठोर डाइट प्‍लान अपनाना

Dr. Naveen Polavarapu ने बताया क‍ि जब हमारा डाइट प्‍लान बहुत कड़े न‍ियमों के साथ बना होता है, तो अक्‍सर उसके फेल होने की संभावना ज्‍यादा होती है।ज्‍यादा कठोर डाइट प्‍लान से मेटाबॉल‍िज्‍म स्‍लो हो सकता है और ब‍िंज ईट‍िंग की संभावना बढ़ सकती है इसल‍िए अपनी पसंदीदा चीजों को न खाने के बजाय कैलोरी इंटेक घटाकर वेट लॉस करें।

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2. नाश्‍ता स्‍क‍िप करने से वेट लॉस होगा?

कभी भी खाना छोड़कर वजन घटाना सही तरीका नहीं माना जाता है। लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद ज्यादा खाना खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। ब्रेकफास्ट छोड़ने से कुछ लोगों में खाने का पैटर्न ब‍िगड़ सकता है और वजन बढ़ सकता है।

ब्रेकफास्‍ट न करने से मोटापे का खतरा 48 % बढ़ा: स्‍टडी

साल 2020 में Obesity Research & Clinical Practice में प्रकाश‍ित स्‍टडी में 45 अध्ययनों का विश्लेषण किया गया। स्‍टडी से पता चला क‍ि जो लोग कम बार ब्रेकफास्ट करते थे, उनमें मोटापे का खतरा 48% अधिक पाया गया। स्‍टडी में नियमित रूप से ब्रेकफास्ट छोड़ने वाले लोगों में भविष्य में मोटापे का खतरा 44% अधिक देखा गया।

3. प्रोटीन और फाइबर को नजरअंदाज करना

Gastroenterologist & Liver Specialist Dr. Naveen ने बताया क‍ि वेट लॉस के ल‍िए प्रोटीन और फाइबर का सेवन जरूरी है। प्रोटीन से शरीर को एनर्जी म‍िलती है, फाइबर से पेट भरा हुआ महसूस होता है ज‍िससे ओवरईट‍िंग की संभावना कम होती है। वेट लॉस डाइट में इन दो पोषक तत्‍वों की कमी आपकी मेहनत को खराब कर सकती है।

4. वेट लॉस के व‍िचार से स्‍ट्रेस लेना

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वेट लॉस के बारे में सोचते रहने से वजन कम नहीं होता। जो मेहनत आप वेट लॉस के बारे में सोचकर कर रहे हैं, अगर उसे आदतों में शाम‍िल कर लें, तो फायदे बढ़ेंगे। अक्‍सर लोग वेट लॉस के बारे में बार-बार सोचते हैं और वजन चेक करते रहते हैं, इससे वजन कम नहीं होता, उल्‍टा स्‍ट्रेस बढ़ता है ज‍िससे ओवरईट‍िंग या ब‍िंज ईट‍िंग की संभावना बढ़ सकती है। National Health Service, UK के मुताब‍िक, हफ्ते में 0.5 से 1kg वेट लॉस का टार्गेट रखना चाह‍िए।

5. नींद और हाइड्रेशन को नजरअंदाज करना

वजन घटाने के ल‍िए मसल र‍िकवरी भी करनी होती है ज‍िसके ल‍िए सोना जरूरी है। कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लें ताक‍ि पूरी एनर्जी के साथ वर्कआउट कर सकें। साथ ही हाइड्रेशन का ख्‍याल रखना न भूलें। शरीर में पानी की कमी से पाचन ब‍िगड़ जाता है ज‍िससे मेटाबॉल‍िज्‍म स्‍लो हो सकता है और वजन घटाना मुश्‍क‍िल हाे सकता है।

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6. लिक्विड फॉर्म में शुगर कंज्‍यूम करना

अगर आप कॉफी, चाय, एनर्जी ड्र‍िंक्‍स वगैरह का ज्‍यादा सेवन करते हैं, तो भी वजन बढ़ सकता है। सॉल‍िड फूड्स के मुकाबले शुगरी ड्र‍िंक्‍स ब्‍लड में जल्‍दी घुलती है और तेजी से शुगर लेवल बढ़ा सकती हैं इसल‍िए वजन घटाने के ल‍िए इनसे दूरी बनाएं। साल 2006 में The American Journal Of Clinical Nutrition में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी में 30 अध्ययनों की समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि जो लोग अधिक मात्रा में शुगर वाली ड्र‍िंक्‍स पीते हैं, उनमें मोटापे का खतरा ज्‍यादा होता है।

7. लो फैट डाइट से घट सकता है वजन?

Dr. Naveen Polavarapu ने कहा ''कई लोगों को लगता है क‍ि फैट की मात्रा कम कर देने से वजन घटता है जबक‍ि ऐसा नहीं है। हेल्‍दी फैट्स जैसे अखरोट, अलसी के बीज, च‍िया सीड्स, कद्दू के बीज वगैरह से शरीर को प्राेटीन और ओमेगा भी म‍िलता है और वेट लॉस करना आसान हो जाता है इसल‍िए इन्‍हें नजरअंदाज न करें।''

वेट लॉस के ल‍िए कैसी डाइट लें?

वजन घटाने के ल‍िए लीन प्रोटीन, होल ग्रेन्‍स, सब्‍ज‍ियां, हेल्‍दी फैट्स को डाइट में शाम‍िल करें।

डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

  • अगर तेजी से वजन घटे या बढ़े, तो डॉक्‍टर से कारण जरूर जानें।
  • डायब‍िटीज या थायराइड जैसी क्रॉन‍िक बीमारी हो।
  • ईट‍िंग ड‍िसऑर्डर या स्‍ट्रेस का श‍िकार हों।
  • कई महीनों की मेहनत के बाद भी वजन

न‍िष्‍कर्ष:

अगर आप वजन घटाने की कोशि‍श कर रहे हैं, तो कठोर डाइट प्‍लान न अपनाएं इससे ब‍िंज ईट‍िंग की संभावना बढ़ सकती है, नाश्‍ता स्‍क‍िप न करें, प्रोटीन एवं फाइबर को नजरअंदाज न करें, वेट लॉस के बारे में सोचकर स्‍ट्रेस न लें, नींद और हाइड्रेशन को नजरअंदाज न करें, कॉफी, चाय, एनर्जी ड्र‍िंक्‍स जैसी शुगरी ड्र‍िंक्‍स के सेवन से बचें, लो फैट डाइट लेन से बचें। वजन घटाने के ल‍िए अपनी डाइट में लीन प्रोटीन, होल ग्रेन्‍स, सब्‍ज‍ियां, हेल्‍दी फैट्स को शाम‍िल करें।

FAQ

  • क्या ग्रीन टी या नींबू पीकर वजन घटा सकते हैं?

    नहीं केवल ग्रीन टी या नींबू पानी पीकर वजन नहीं घट सकता। वेट लॉस के ल‍िए कैलोरी घटाएं, रोज एक्‍सरसाइज करें और प्रोटीन, फाइबर, हेल्‍दी फैट्स को डाइट में शाम‍िल करें। 
  • क्‍या वेट लॉस डाइट में कार्ब्स से परहेज करना चाह‍िए?

    नहीं, वेट लॉस करने के ल‍िए कार्ब्स से परहेज करना जरूरी नहीं है। वेट लॉस के ल‍िए र‍िफाइंड कार्ब्स की जगह कॉम्प्लेक्स कार्ब्स जैसे साबुत अनाज को चुनें।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 05, 2026 14:36 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Aug 05, 2026 14:36 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Naveen Polavarapu

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