Fri Sep 11, 2026 | 09:16 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

खांसी के घरेलू उपाय काम न करें, तो डॉक्‍टर की सलाह पर उठाएं ये 5 जरूरी कदम, जल्‍दी होगी र‍िकवरी

क्‍या आपको भी घरेलू उपाय के बावजूद खांसी से छुटकारा नहीं म‍िल रहा है? ऐसे में डॉक्‍टर से सलाह लें, जरूरी कदम न उठाने पर लक्षण गंंभीर हो सकते हैं और व्‍यक्‍त‍ि को अस्‍थमा, चेस्‍ट या लंग्‍स इंफेक्‍शन भी हो सकता है।

कई बार घरेलू उपाय खांसी को ठीक करने में असरदार सा‍ब‍ित नहीं होते। मुझे द‍िसंबर में खांसी हो गई थी, दवा और घरेलू उपाय अपनाने के बाद भी खांसी पूरी तरह से नहीं गई और लौट आई। इसी तरह लोग खांसी को सामान्‍य समझते हैं और घरेलू उपायों की मदद से खांसी का इलाज करना चाहते हैं। अगर खांसी घरेलू उपायों से ठीक न हो, तो डॉक्‍टर की सलाह पर कुछ जरूरी कदम उठाने जरूरी हो जाते हैं। इनके बारे में आगे जानेंगे। Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana ने बताया क‍ि अगर कफ मुंह या नाक से बाहर आए, तो उसे चेतावनी संकेत समझें। खांसी होने पर दूध के उत्‍पादों का सेवन करने से बचें, देर से खाने से बचें, जंक फूड्स से दूरी बनाएं, खाने के ठीक बाद पानी पीने की आदत से भी बचें वरना खांसी की समस्‍या बढ़ सकती है। अगर कफ का रंग सफेद है, तो उतनी च‍िंता की बात नहीं है लेक‍िन अगर रंग पीला या हरा है, तो यह चेतावनी संकेत है और इससे सावधान रहें।

1. खांसी का प्रकार जानें- Know The Type Of Cough

खांसी दो तरह की होती है। एक ड्राई खांसी और एक बलगम वाली खांसी। दोनों का इलाज, दवाएं और इन्‍हें ठीक करने के उपाय अलग-अलग होते हैं इसल‍िए सही इलाज के ल‍िए पहले यह जान लें क‍ि आपको कौन सी खांसी है। बलगम वाली खांसी अक्‍सर चेस्‍ट या फेफड़ों में इंफेक्‍शन के कारण होती है। ड्राई खांसी में बलगम नहींं बनता और इसका कारण एलर्जी, प्रदूषण या वायरल इंफेक्‍शन हो सकता है।

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2. चेतावनी संंकेतों को पहचानें- Check Warning Symptoms

अगर घरेलू नुस्‍खोंं से खांंसी ठीक नहीं हो रही है, तो चेतावनी संकेतों पर गौर करें। तेज बुखार, चेस्‍ट पेन, सांंस लेने में परेशानी, खांंसी के दौरान ब्‍लीड‍िंंग, अचानक वजन घटना या रात को पसीना आना जैसे असामान्‍य लक्षणोंं पर गौर करें। बच्‍चों और बुजुर्गों में ये लक्षण बहुत जल्‍दी गंभीर हो जाते हैं। अगर खांसी बार-बार आ रही है, तो यह अस्‍थमा के लक्षण हो सकते हैं या लंंग्‍स की बीमारी हो सकती है। ऐसी स्‍थि‍त‍ि में मेड‍िकल सहायता जरूर लें।

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3. खांसी बढ़ाने वाले तत्‍वों से बचें- Avoid Cough Triggers

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धूम्रपान, पैस‍िव स्‍माेकि‍ंग, वायु प्रदूषण, परफ्यूम, धूल और एलर्जी बढ़ाने वाले कणों से बचें। इससे खांसी की समस्‍या बढ़ सकती है। अगर आप प्रदूषण वाली जगह पर रहते हैं, तो सुरक्षा के ल‍िए मास्‍क का इस्‍तेमाल करें। साथ ही घर में सफाई रखें।

4. डॉक्‍टर का बताया ट्रीटमेंट ही फॉलो करें- Follow Prescribed Treatment Only

कई लोगों को यह द‍िक्‍कत होती है क‍ि खांसी के लक्षण जल्‍दी ठीक नहीं होते और खांसी लंबे समय तक चलती है। अगर डॉक्‍टर के बताए इलाज को फॉलो करेंगे, तो जल्‍दी र‍िकवरी हो जाएगी। इसल‍िए डॉक्‍टर की बताई सही डोज लें और आराम करें। इलाज को समय से पहले बंंद न करें वरना खांंसी लंबे समय तक बनी रह सकती है।

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5. डॉक्‍टर से संंपर्क करें- Contact Your Doctor

खांसी अगर दो से तीन हफ्ते से ज्‍यादा रहती है, तो डॉक्‍टर से सलाह लेना न भूलें। चेस्‍ट एक्‍स-रे, एलर्जी टेस्‍ट, लंग्‍स फंंक्‍शन टेस्‍ट करवाएंं ताक‍ि कारण का पता चल सके। र‍िकवरी के ल‍िए समय पर इलाज करवाना जरूरी है। ज‍िन लोगों को पहले से अस्‍थमा, डायब‍िटीज या कोई अन्‍य मेड‍िकल कंडीशन है उन्‍हें डॉक्‍टर की सलाह के साथ सही इलाज करवाना चाह‍िए।

न‍िष्‍कर्ष:

लगातार खांसी आ रही है और घरेलू उपाय से भी काम न बने, तो डॉक्‍टर से चेकअप करवाएं और केवल उनके बताए इलाज को ही फॉलो करें। खांसी बढ़ाने वाले तत्‍वों से बचें और खांसी के प्रकार और चेतावनी संकेतों को पहचानें।

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FAQ

  • खांसी का इलाज क्‍या है?

    खांसी होने पर भाप लें, शहद का सेवन करें, अदरक या काढ़ा पीना भी फायदेमंद हो सकता है। डॉक्‍टर की सलाह लेकर दवाओं का सेवन करें।
  • खांसी के साथ बलगम आने पर क्‍या करें?

    बलगम वाली खांसी में भाप लेना, गुनगुना पानी पीना और शरीर को हाइड्रेट रखना मदद करता है। धूम्रपान, ठंडी चीजें और धूल से बचें। अगर बलगम पीला या हरा हो, तो डॉक्टर से जांच कराएं।
  • खांसी होने पर क्‍या प‍िएं?

    खांसी होने पर गुनगुना पानी प‍िएं, अदरक की चाय का सेवन करें, तुलसी का काढ़ा प‍िएं। इन चीजों से गले को आराम म‍िलता है और कफ को दूर करने में मदद म‍िलती है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 22, 2026 17:14 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jan 22, 2026 17:14 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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