मानसून सीजन में अक्सर बच्चों को सर्दी-जुकाम और खांसी की समस्या होती है। खांसी आने पर माता-पिता डॉक्टर की सलाह के बगैर घरेलू इलाज शुरू कर देते हैं जिससे स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है। डॉक्टरों से मिली जानकारी के आधार पर पता चलता है कि ओपीडी में अक्सर माता-पिता सर्दी-जुकाम से ज्यादा उसके लिए किए गए घरेलू उपाय के साइड इफेक्ट्स होने पर अस्पताल आते हैं। इसलिए डॉक्टर हमेशा सलाह देते हैं कि किसी भी घरेलू उपाय को एक्सपर्ट की सलाह के बगैर नहीं अपनाना चाहिए खासकर जब बच्चों की सेहत इससे जुड़ी हो। आइए आपको बताते हैं खांसी आने पर कौन से घरेलू उपाय बच्चों की सेहत के लिए सुरक्षित हो सकते हैं और किन घरेलू उपायों से बचना जरूरी है। बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।
बच्चे को खांसी होने पर ये उपाय आएंगे काम

1. गुनगुना दूध
खांसी से राहत के लिए बच्चे को गुनगुना दूध पिला सकते हैं। इससे गले को राहत मिलेगी और अच्छी नींद आएगी। चिकन सूप या सब्जियों का सूप बनाकर पिलाने से भी गले की खराश से राहत मिल सकती है। ध्यान रहे कि बच्चों की ड्रिंक्स गुनगुनी हों, अधिक गर्म ड्रिंक्स से बचें।
2. नमक के पानी से गरारे कराएं
बच्चे को खांसी होने पर नमक के पानी से गरारे करा सकते हैं। इससे सूजन कम करने में मदद मिलेगी, बलगम कम होगा और गले में इरिटेशन से राहत मिलेगी। ध्यान रहे कि बच्चे की उम्र 6 साल से अधिक हो और उसे गरारे करने का तरीका पता हो, तभी यह उपाय अपनाएं। एक गिलास हल्के गर्म पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर दे सकते हैं।
3. शहद और नींबू का इस्तेमाल
खांसी से राहत के लिए बच्चे को एक गिलास गुनगुने पानी में शहद और नींबू का रस मिलाकर दे सकते हैं। शहद में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं जिससे गले की जलन और इरिटेशन दूर करने में मदद मिलेगी। इसके फायदे बढ़ाने के लिए नींबू का रस भी मिला सकते हैं। कई माता-पिता एक साल से कम उम्र के बच्चे को खांसी के इलाज के तौर पर शहद देते हैं, लेकिन इससे बचना चाहिए। यह उपाय केवल एक साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
4. भाप दिलाएं
भाप की मदद से सर्दी-जुकाम और खांसी का इलाज किया जाता है, लेकिन बच्चों के मामले में तापमान का ख्याल रखना जरूरी है। अधिक गर्म तापमान से बच्चों की त्वचा में जलन हो सकती है। कई लोग पानी में मेंथॉल वाले उत्पाद मिलाकर बच्चे को भाप दिलाते हैं, लेकिन इससे चेहरे और त्वचा पर इरिटेशन महसूस हो सकता है। डॉक्टर की सलाह के बगैर भाप के पानी में कुछ भी डालने से बचें और पानी का तापमान चेक करके बच्चे को भाप दे सकते हैं। इससे गले की खराश में आराम मिलेगा।
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अस्थमा के संकेत पहचानें
गले में खराश अक्सर सर्दी-जुकाम या फ्लू जैसी वायरल बीमारियों के कारण होता है। बच्चों में सर्दी-जुकाम या खांसी ज्यादातर दो हफ्तों में ठीक हो जाती है। National Health Service, UK के मुताबिक, अगर खांसी लंबे समय तक बनी रहती है, रात में बढ़ जाती है या बच्चे के दौड़ने-भागने पर शुरू हो जाती है, तो यह अस्थमा का संकेत हो सकता है। अगर आपका बच्चा सामान्य रूप से दूध पी रहा है, पानी पी रहा है, खाना खा रहा है और सांस ले रहा है और सांस लेते समय घरघराहट की आवाज नहीं आ रही है, तो खांसी आमतौर पर चिंता की बात नहीं है।
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बच्चे की खांसी में इन घरेलू उपायों से बचें
हर घरेलू नुस्खा बच्चों की सेहत के लिए सुरक्षित नहीं होता है। कई ऐसे उपाय हैं जिनके कारण बच्चों को एलर्जी, जलन, दम घुटना और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं जैसे-
अदरक और काली मिर्च
घरेलू उपाय के तौर पर बच्चों को अदरक और काली मिर्च का सेवन भी नहीं कराना चाहिए। इससे गले और पेट में जलन हो सकती है।
नाक में तेल डालना
बच्चे को खांसी होने पर नाक में तेल डालने से भी बचें। इससे बच्चे की नाक और सांस की नली में जलन हो सकती है। तेल को नाक में डालना सुरक्षित तरीका भी नहीं माना जाता है।
कपूर का इस्तेमाल
कई लोग खांसी के घरेलू उपाय में कपूर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बच्चे को इससे दूर रखें। इसके इस्तेमाल से बच्चे को बेचैनी या सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
मसालेदार काढ़ा
अक्सर खांसी के लिए इस्तेमाल होने वाला काढ़ा अदरक, हल्दी, काली मिर्च, लौंग वगैरह को मिलाकर बनाया जाता है। हालांकि, इसकी अधिक मात्रा से बच्चे के गले और पेट में जलन हो सकती है।
धुआं देकर इलाज करना
खांसी के लिए कपूर, पत्ते या अजवाइन को जलाकर धुआं दिया जाता है। यह उपाय बच्चों के साथ-साथ बड़ों के लिए भी सुरक्षित नहीं माना जाता है। इससे खांसी और बढ़ सकती है और सांस की समस्या हो सकती है।
खुद से सिरप या एंटीबायोटिक देने से बचें
बच्चे को खांसी होने पर डॉक्टर के पास जाएं। बाजार में मिलने वाले सिरप या एंटीबायोटिक्स को एक्सपर्ट एडवाइज के बगैर बच्चे को न खिलाएं क्योंकि खांसी का कारण हमेशा बैक्टीरियल इंफेक्शन नहीं होता है।
नोट: इन घरेलू उपायों पर सीमित साइंटिफिक रिसर्च की गई है इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को बच्चों के लिए अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना न भूलें।
निष्कर्ष:
बच्चे को खांसी होने पर भाप दिलाएं। गुनगना दूध, चिकन या वेजिटेबल सूप, शहद और नींबू का सेवन करा सकते हैं। साथ ही बच्चे को भाप दिला सकते हैं। खांसी होने पर अदरक, काली मिर्च के इस्तेमाल से बचें, नाक में तेल डालना, कपूर का इस्तेमाल, मसालेदार काढ़ा पिलाना, धुएं का प्रयोग, कपूर का इस्तेमाल करने से भी बचना चाहिए। बच्चे को खुद से सिरप या एंटीबायोटिक भी नहीं देना चाहिए क्योंकि हर बार खांसी का कारण बैक्टीरियल इंफेक्शन नहीं होता है।
FAQ
क्या बच्चे के लिए सुरक्षित है सलाइन नेजल ड्रॉप्स?
हां, सलाइन नेजल ड्रॉप्स नाक के अंदर जमा म्यूकस को ढीला और पतला करता है। इससे बच्चा आसानी से नाक साफ कर सकता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह पर ही सही ड्रॉप्स चुनना चाहिए।बच्चे को खांसी होने पर क्या न खिलाएं?
खांसी होने पर बच्चे को दही, मीठी चीजें, सॉफ्ट ड्रिंक्स, ठंडी तासीर वाली चीजें जैसे केला, मौसमी वगैरह का सेवन नहीं करना चाहिए।
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Aug 31, 2026 13:41 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Shrey Sharma