Fri Oct 23, 2026 | 07:44 AM IST

Medically Reviewed by Dr Gopal Agrawal , Clinical Director – Paediatrics & Neonatology

बच्चे को लगातार उल्टी होने के क्‍या कारण हो सकते हैं? डॉक्टर से जानें कब है चिंता की बात

बच्‍चों में उल्‍टी आने के पीछे खान-पान से जुड़ी गलत‍ियां हो सकती हैं जैसे जरूरत से ज्‍यादा खाना, एलर्जी वाली चीजें खाना वगैरह। हालांक‍ि बच्‍चों में उल्टी आने के कुछ गंभीर कारण भी हो सकते हैं। जानते हैं ऐसे 7 कारणों के बारे में।
बच्चे को लगातार उल्टी होने के क्‍या कारण हो सकते हैं? डॉक्टर से जानें कब है चिंता की बातबच्चे को लगातार उल्टी होने के क्‍या कारण हो सकते हैं? डॉक्टर से जानें कब है चिंता की बात

बच्‍चों का शरीर सेंस‍िट‍िव होता है और उन्‍हें कई तरह की शारीर‍िक चुनौत‍ियों का सामना करना पड़ता है ज‍िसमें से एक है उल्‍टी आना। उल्‍टी आने पर माता-प‍िता दवा की दुकान से दवा खरीदकर बच्‍चे को ख‍िला देते हैं, लेक‍िन उल्‍टी का कारण जाने बगैर ही दवा दे देने से भले ही कुछ समय के ल‍िए राहत म‍िल जाए, लेक‍िन यह समस्‍या दोबारा हो सकती है। ऐसे में बच्‍चे को उल्‍टी क्‍यों आ रही है इसका कारण जानना जरूरी है। आइए जानते हैं बच्‍चों में उल्‍टी के कारण और गंभीर स्‍थि‍त‍ि के संकेत। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Gopal Agrawal, Clinical Director - Department of Paediatrics and Neonatology, Cloudnine Hospitals, Gurugram से बात की।

बच्‍चे को उल्‍टी आने के कारण

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1. गैस्ट्रोएंटेराइटिस

गैस्ट्रोएंटेराइटिस (Gastroenteritis) ज‍िसे पेट का फ्लू भी कहा जा सकता है। यह समस्‍या बच्‍चों में अक्‍सर देखी जाती है ज‍िसके कारण उल्‍टी के साथ-साथ दस्‍त, पेट दर्द या बुखार जैसे लक्षण भी नजर आते हैं।

2. अपेंड‍िसाइट‍िस

अपेंडिक्स में सूजन के कारण कई बच्‍चों में अपेंड‍िसाइट‍िस की समस्‍या होती है ज‍िसके कारण अक्‍सर पेट दर्द, उल्‍टी और बुखार जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।

3. फूड पॉइजनिंग

अगर बच्‍चे ने दूष‍ित खाना या पानी पी ल‍िया है, तो भी उसे उल्‍टी, दस्‍त जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। अक्‍सर बच्‍चे बाहर का स्‍ट्रीट फूड खा लेते हैं या मानसून में फास्‍ट फूड्स का सेवन करते हैं ज‍िसके कारण यह समस्‍या हो सकती है।

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4. मोशन सिकनेस

बच्‍चे जब कार, बस या क‍िसी वाहन में सफर करते हैं, तो उन्‍हें अक्‍सर चक्‍कर, जी म‍िचलाना या उल्‍टी जैसी समस्‍याएं होने लगती हैं। इसे मोशन स‍िकनेस कहा जाता है। इससे बचने के ल‍िए डॉक्‍टर की एडवाइज पर बच्‍चे को दवाएं दे सकते हैं या मोशन स‍िकनेस से बचने वाले पैच भी बाजार में उपलब्‍ध हैं ज‍िसे डॉक्‍टर की सलाह पर इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

5. एसिड रिफ्लक्स

बच्‍चों में भी एस‍िड र‍िफ्लक्‍सजैसी समस्‍या होती है ज‍िसके कारण बच्‍चों में दूध या भोजन बार-बार खाने की नली में आ जाता है और उल्‍टी हो सकती है। इससे बचाव के ल‍िए बच्‍चों को ज्‍यादा तला-भुना खाना न दें और खाने के बाद बच्‍चे को डकार दिलाएं। साल 2020 में Journal Of Education And Teaching In Emergency Medicine में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, बच्‍चों में उल्‍टी के ज्यादातर मामलों में उल्टी अपने आप ठीक हो जाती है और केवल सपोर्टिव ट्रीटमेंट की जरूरत होती है। गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) को भी उल्‍टी का एक कारण बताया है।

6. फूड एलर्जी

कि‍सी खास क‍िस्‍म के खाद्य पदार्थ से एलर्जी के कारण बच्‍चे को उल्‍टी, पेट दर्द, दस्‍त या त्‍वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। अगर उल्‍टी के साथ सांस लेने में परेशानी हो, गले में सूजन हो, तो तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करें।

7. बदहजमी

कभी-कभी बच्‍चे जरूरत से ज्‍यादा खाना खा लेते हैं या तली-भुनी चीजों का अध‍िक सेवन कर लेते हैं और इस वजह से अपच या पेट में परेशानी होने लगती है और उल्‍टी भी हो सकती है। इससे बचने के ल‍िए बच्‍चे को शारीर‍िक रूप से एक्‍ट‍िव रखने का प्रयास करें और सीम‍ित मात्रा में भोजन दें।

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बच्‍चे को उल्‍टी आना कब च‍िंता की बात बन जाती है?

  • अगर बच्‍चे को तेज स‍िर दर्द के साथ उल्‍टी हो, तो इसके पीछे माइग्रेन या न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में डॉक्‍टर की सलाह लेना जरूरी है।
  • उल्‍टी के साथ गर्दन में अकड़न और तेज बुखार है, तो इसके पीछे मेन‍िनजाइटि‍स हो सकता है। इसमें बच्‍चे को उल्‍टी, बुखार, स‍िर दर्द, गर्दन में अकड़न जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।
  • अगर बच्‍चे को उल्‍टी में ब्‍लड न‍िकले, तो सतर्क हो जाएं। इसके पीछे पेट में अल्‍सर, पेट में सूजन, दवाओं का असर या गंभीर इंफेक्‍शन हो सकता है।

बच्‍चे को उल्‍टी आने पर क्‍या करें?

  • बच्‍चे को उल्‍टी आने पर आराम करने दें।
  • अगर श‍िशु स्‍तनपान पर न‍िर्भर है, तो उल्‍टी आने के कुछ समय बाद जरूरत पड़ने पर कम मात्रा में फीड कराएं, लेक‍िन दूध प‍िलाना पूरी तरह से बंद न करें।
  • जब बच्चा तरल पदार्थ आसानी से ले पा रहा हो और भूख लगे, तो उसे हल्का भोजन दे सकते हैं।

बच्‍चे को उल्‍टी आने पर क्‍या न करें?

  • बच्‍चे को उल्‍टी आने पर कुछ द‍िनों तक तला-भुना और मसालेदार भोजन न ख‍िलाएं।
  • बच्‍चे को बहुत मीठे ड्र‍िंक्‍स न दें।
  • बच्‍चे को जबरदस्‍त खाना न ख‍िलाएं।
  • बच्‍चे को एक साथ ज्‍यादा मात्रा में पानी न प‍िलाएं। इससे दोबारा उल्‍टी हो सकती है।

डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

  • अगर बार-बार उल्‍टी हो रही है।
  • बच्‍चा पानी या दूध नहीं पी पा रहा है।
  • बच्‍चे को उल्‍टी के साथ-साथ बुखार भी है।
  • उल्‍टी में खून आने पर तुरंत डॉक्‍टर से सलाह लें।

न‍िष्‍कर्ष:

गैस्ट्रोएंटेराइटिस, अपेंड‍िसाइट‍िस, फूड पॉइजनिंग, मोशन सिकनेस, एसिड रिफ्लक्स, फूड एलर्जी, बदहजमी जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। उल्‍टी के साथ स‍िर दर्द, बुखार, उल्‍टी में ब्‍लड दिखे, तो तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करें। बच्‍चे को उल्‍टी आने पर पर्याप्‍त मात्रा में तरल और हल्‍का भोजन दें। उल्‍टी आने पर तला-भुना, मीठा और मसालेदार भोजन बच्‍चे को देने से बचें।

FAQ

  • बच्चे को हरे रंग की उल्‍टी क्‍यों होती है?

    छोटे बच्‍चों में आंतों की समस्‍या के कारण हरे रंग की उल्‍टी हो सकती है। हरा रंग पित्त (bile) के कारण नजर आता है। ऐसे में डॉक्‍टर से जल्‍द से जल्‍द संपर्क करना चाह‍िए।
  • बच्‍चे को उल्‍टी आने पर खुद से दवाएं देना ठीक है?

    छोटे बच्‍चे को उल्‍टी आने पर ओवर-द-काउंटर दवाएं भी डॉक्‍टर की सलाह के बगैर नहीं देना चाह‍िए। कुछ दवाओं की सही डोज अगर न दी जाए, तो स्‍थ‍ित‍ि गंभीर हो सकती है।

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    Aug 25, 2026 13:26 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Aug 25, 2026 13:26 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Gopal Agrawal