Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chanchal Sharma , BAMS-Ayurveda

1 महीने के बच्चे को सर्दी लग जाए तो क्या करना चाहिए? बता रहे हैं डॉक्टर

Home remedies for cough in babies: 1 महीने के बच्चे को सर्दी लग जाए तो माता-पिता अक्सर परेशान हो जाते हैं। ऐसे में एक्सपर्ट के बताए इन टिप्स को आप ट्राई कर सकते हैं जो कि इस स्थिति में बच्चे के लिए कारगर हो सकते हैं। 

Home remedies for cough in babies: एक महीने का बच्चा बहुत छोटा होता है और इस उम्र के बच्चों की इम्यूनिटी बहुत कमजोर होती है। कोई भी मौसमी बदलाव या नए बैक्टीरिया के संपर्क में आना भी बच्चे को बीमार कर सकता है। ऐसी स्थिति में जरूरी ये है कि आप पहले तो अपने इतने छोटे बच्चे की बहुत ज्यादा केयर करें। मौसमी बदलाव से बचाने के लिए अतिरिक्त ध्यान रखें और इसके लिए कोशिश करें कि जिन भी लोगों को सर्दी-जुकाम हो उन लोगों को बच्चे से दूर रखें। हालांकि, इस दौरान माता-पिता के मन में कई सवाल आते हैं कि ऐसा क्या करें कि बच्चे की सर्दी ठीक हो जाए। इस बारे में हमने आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा (Ayurvedic Dr. Chanchal Sharma, Director and Gynecologist, Asha Ayurveda) से बात की और जाना कि इतने छोटे बच्चे के लिए क्या सही हो सकता है?

1 महीने के बच्चे को सर्दी लग जाए तो क्या करना चाहिए?

डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि अगर 1 महीने का बच्चा बीमार पड़ जाए तो डॉक्टर भी दवा नहीं देते। बच्चे को सिर्फ सलाइन नेजल ड्रॉप्स दिए जाते हैं जो कि साधारण नमक और पानी का घोल होता है और छोटे बच्चों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित होता है। हालांकि, घरेलू उपचार में आप बच्चे पर कुछ पुराने घरेलू उपचार ट्राई कर सकते हैं जैसे

सरसों तेल में लहसुन पकाकर पैरों में लगाएं

बच्चे को सर्दी लग जाए तो आप सरसों के तेल में लहसुन पकाकर पैरों की मालिश कर सकते हैं। इस तरीके से पैरों में गर्माहट पैदा होती है और जुकाम कम होता है। ये तरीका बच्चों के लिए हमेशा से प्रभावी बताई गई है जैसे Journal of Tropical Pediatrics के इस शोध में भी बताया गया है कि जिन शिशुओं में जन्म के बाद के 2 हफ्तों में लगभग 99 प्रतिशत नवजात शिशुओं की कम से कम एक बार सरसों के तेल से मालिश की गई और 80 प्रतिशत शिशुओं की दिन में कम से कम दो बार मालिश की गई उनकी सेहत बेहतर हुई। साथ ही स्टडी में ये भी बताया गया है कि सरसों के तेल का इस्तेमाल करने के सबसे आम कारण थे ताकत बढ़ाना, सेहत बनाए रखना और शरीर को गर्माहट देना।

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बच्चे की मालिश अजवाइन के तेल से करें

बच्चे को सर्दी लग जाए तो आप बच्चे की मालिश अजवाइन के तेल से कर सकते हैं। ये काफी प्रभावी तरीका है शरीर में गर्माहट पैदा करके बच्चे की इम्यूनिटी बढ़ाना और संक्रामक रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ना। कुछ लोग अजवाइन की पोटली से भी बच्चे के सीने, पैर और पीठ की सिकाई करते हैं। इससे भी शरीर में गर्माहट पैदा होती है और जुकाम कम होने लगता है।

ह्यूमिडिफायर की मदद लें

ह्यूमिडिफायर, सूखी हवा में नमी लाने में मदद करेगा और गले में सूखापन या खराश की वजह से होने वाली खांसी को कम करने में भी मदद कर सकता है। साथ ही आप पानी में कोई चीज, जैसे कि एसेंशियल ऑयल खासकर कि जिसमें मेंथॉल हो उसे पानी में मिलाकर रख सकते हैं।

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इन टिप्स को जरूर फॉलो करें

  • डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि 1 महीने के बच्चे के लिए मां का दूध ही सबकुछ होता है इसलिए आपको कोशिश करनी चाहिए कि आप बच्चे को ज्यादा से ज्यादा ब्रेस्ट मिल्क पिलाएं।
  • अगर बच्चा ब्रेस्ट मिल्क नहीं पीता है तो फॉर्मूला वाला दूध दें।
  • सलाइन ड्रॉप्स और सक्शन बल्ब का इस्तेमाल करके नाक से बलगम निकाल सकते हैं। हालांकि, मां का दूध ही बच्चे के लिए बेस्ट है। ये शरीर में तरह पदार्थ की कमी को रोकता है जिससे जुकाम में मदद मिल सकती है।

कब है चिंता की बात?

6 महीने से कम उम्र के बच्चों में पहले 3 दिनों के अंदर खांसी की जांच करवाएं। इन छोटे बच्चों में मामूली सर्दी-जुकाम भी गंभीर रूप ले सकता है इसलिए कोशिश करें जैसे ही जुकाम हो डॉक्टर के पास जाएं। 3 महीने से कम उम्र के बच्चों में 100.4℉ से ज्यादा बुखार है तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं। इसके अलावा सांस लेने में तकलीफ या सांस फूलना, कुछ भी निगलने में दिक्कत हो रही है तो ये भी चिंता की बात हो सकती है। ऐसे में अपॉइंटमेंट लेने में समय बर्बाद न करें, सीधे इमरजेंसी में जाएं।

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अगर खांसी भी आ रही है और इसी के साथ बलगम खासकर पीला या हरे रंग का आ रहा है तो थोड़ा ज्यादा ध्यान दें। यह आमतौर पर इस बात का संकेत है कि कोई इन्फेक्शन पनप रहा है और डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेने का समय आ गया है। डिहाइड्रेशन के लक्षण जैसे बच्चे का मुंह सूखना, त्वचा का सूखापन, पेशाब कम आना, रोना लेकिन आंसू न आना परेशानी की बात हो सकते हैं। ऐसेमें बच्चे को हाइड्रेटेड रखने की पूरी कोशिश करें और इसके लिए उसे बार-बार अपना दूध पिलाएं लेकिन अगर इससे कोई फायदा न हो, तो डॉक्टर को दिखाएं। जब कोई भी उपाय काम न करे। अगर आप घर पर बच्चे को आराम दिलाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं लेकिन उससे कोई फायदा नहीं हो रहा है तो बच्चों के डॉक्टर को दिखाएं।

निष्कर्ष:

अंत में डॉ, चंचल शर्मा का इतना ही कहना है कि 1 महीने के बच्चे को पहले तो सर्दी-जुकाम या किसी भी इंफेक्शन से बचाकर रखें। अगर जुकाम हो भी जाता है तो उस पर कोई भी ऐसा घरेलू उपचार इस्तेमाल न करें जिसमें कि उसे दूध के अलावा कुछ भी खिलाना पिलाना हो। एक साल से छोटे उम्र के बच्चे को विक्स या बाम भी नहीं लगाना चाहिए हां आप इससे उनके पीठ और पैरों की मालिश कर सकते हैं जिससे उन्हें आराम महसूस हो सकता है।

FAQ

  • 0 महीने के बच्चे को सर्दी जुकाम हो जाए तो क्या करें?

    आप सबसे पहले तो डॉक्टर को दिखाएं और जो भी ट्रीटमेंट दी जाए उसे फॉलो करें। अपने मन से कोई दवा या घरेलू उपचारों को न आजमाएं क्योंकि इससे बच्चे की सेहत बहुत ज्यादा प्रभावित हो सकती है।
  • नवजात शिशु में सर्दी के क्या लक्षण होते हैं?

    नवजात शिशु को सर्दी होने पर नाक से पानी आने लगता है या नाक बंद रहती है। इसके अलावा बार-बार छींक आ सकती है या खांसी आ सकती है। कई बार सर्दी की वजह से बच्चे को बुखार आ सकता है।

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Disclaimer

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Pallavi Kumari

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चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 29, 2026 05:43 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Chanchal Sharma

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