Fri Sep 11, 2026 | 08:19 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

अचानक वजन बढ़ना केवल गलत डाइट नहीं बल्‍क‍ि हो सकता है कफ दोष, डॉक्‍टर से जानें दोनों का संंबंध

आयुर्वेद के मुताब‍िक अगर आपके शरीर में कफ दोष (Kapha Dosha) का संतुल‍िन नहीं है, तो वजन कम करने में मुश्‍क‍िल हो सकती है। हेल्‍दी वेट मेनटेन करने के ल‍िए कफ दोष को बैलेंस करने के उपाय जान लें।

क्‍या आपका वजन भी अचानक बढ़ता हुआ नजर आ रहा है? इसका कारण गलत डाइट या एक्‍सरसाइज की कमी नहीं बल्‍क‍ि कफ दोष हो सकता है। आयुर्वेद के अनुसार हर व्‍यक्‍त‍ि के शरीर में वात, पित्त और कफ दोष होता है। अगर ये तीनों संतुल‍ित नहीं है, तो बीमार‍ियां हो सकती हैं। इसी तरह ऐसा माना जाता है क‍ि अगर कफ दोष असंतुल‍ित है, तो वजन बढ़ सकता है। कफ दोष पृथ्‍वी और पानी दो तत्‍वों से म‍िलकर बना है और अच्‍छी सेहत के ल‍िए दोनों का संतुलन जरूरी है। Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana ने बताया क‍ि गलत डाइट के कारण कफ दोष बढ़ सकता है और व्‍यक्‍त‍ि मोटापे का श‍िकार हो जाता है। इस लेख में समझेंगे क‍ि वजन बढ़ने और कफ दोष के बीच आख‍िर क्‍या संबंध है और कफ दोष को कैसे संतुलि‍त कर सकते हैं?

कफ दोष असंतुलन से बढ़ता है वजन- Kapha Dosha Disbalance Cause Weight Gain

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  • Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि कफ दोष और मोटापे का गहरा संबंध है। अगर आप बाहर का खाना बहुत ज्‍यादा खा रहे हैं, तो कफ दोष बढ़ जाएगा और आप मोटापे का श‍िकार हो सकते हैं।
  • अगर आप बाहर का तला या ज्‍यादा मसालों के साथ बना खाना खाते हैं, तो भी कफ दोष बढ़ सकता है।
  • दही, लस्‍सी, दूध, पनीर खाने से भी वजन बढ़ सकता है।
  • आलू, मैदे वाली चीजें या ज्‍यादा कैलोरी वाली चीजों के सेवन से भी बचना चाह‍िए।

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द‍िनभर में आठ हेल्‍दी मील्‍स का सेवन करें- Eat Eight Healthy Meals In A Day

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेड‍िस‍िन के एक शोध में बताया गया है क‍ि ज‍िन लोगों की प्रकृति‍ में कफ दोष ज्‍यादा होता है उनका वजन और बीएमआई भी सामान्‍य लोगों की तुलना में ज्‍यादा होता है। ज‍िन लोगों में कफ दोष ज्‍यादा होता है, उनका मेटाबॉल‍िज्‍म हल्‍का होता है। Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि कफ दोष को संतुल‍ित करने के ल‍िए द‍िनभर में आठ मील्‍स लें। दो वॉटर मील्‍स यानी कुछ ल‍िक्‍व‍िड प‍िएं जैसे सूप या हर्बल चाय, दो सलाद मील्‍स लें, दो फ्रूट मील्‍स लें और दो सीरि‍यल्‍स जैसे ओट्स, बाजरा, ज्‍वार, रागी वाले मील्‍स लें। इस तरह बढ़ते वजन को कंंट्रोल करने में मदद म‍िलेगी और कैलोरी इंटेक ठीक से मैनेज हो जाएगा।

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पानी की कमी से कफ दोष बढ़ सकता है- Kapha Dosha Increase With Low Water Intake

Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि अगर आप पानी का सेवन कम करते हैं, तो कफ दोष असंतुल‍ित हो सकता है। सर्दि‍यों में हमें प्‍यास लगती है और द‍िमाग उसे भूख समझ लेता है जि‍सके कारण व्‍यक्‍त‍ि ज्‍यादा खाने लगता है। इस वजह से मोटापा बढ़ सकता है। कफ दोष को संतुल‍ित रखने के लि‍ए सर्दि‍यों में भी पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन करना चाह‍िए। सर्दि‍यों में हल्‍के गुनगुने पानी का सेवन करें साथ ही डाइट में सूप और फ्रूट सलाद जैसे हेल्‍दी व‍िकल्‍पों को शाम‍िल करना न भूलें।

न‍िष्‍कर्ष:

सर्दि‍यों में कफ दोष को संतुल‍ित करने के ल‍िए पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन करें, सूप और फ्रूट सलाद को डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएं। साथ ही बाहर का जंक फूड खाने के बजाय द‍िनभर में आठ हेल्‍दी मील्‍स का सेवन करें ज‍िनमें वॉटर मील, फ्रूट मील्‍स, होल ग्रेन्‍स मील्‍स और सलाद मील को शाम‍िल करें।

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image credit: kairalicenters.com

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 09, 2026 17:12 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jan 09, 2026 17:12 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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