आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित खान-पान की आदतों के कारण वजन बढ़ना एक आम समस्या बन गई है। वजन कम करने की कोशिश करने वाले लोग अपनी डाइट में कई तरह के बदलाव करते हैं। इतना ही नहीं, वजन कम करने के लिए लोग अक्सर उपवास भी रखते हैं। व्रत के दौरान कई लोग समा के चावल खाते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि व्रत में खाए जाने वाले समा के चावल वजन कम करने में मदद कर सकते हैं। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida का कहना है कि समा के चावल वजन घटाने में बहुत असरदार होते हैं। समा के चावल एक बेहतरीन, पोषक तत्वों से भरपूर और सुरक्षित विकल्प हैं। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि वजन कम करने के लिए समा के चावल कैसे फायदेमंद होते हैं?
वजन घटाने में समा के चावल क्यों असरदार हैं?
साल 2013 में Asian Journal of Home Science के एक जर्नल में समा के चावल को लेकर हुई इस स्टडी के अनुसार, नियमित रूप से समा के चावल खाने से वजन कम करने और मेटाबॉलिक हेल्थ में सुधार करने में मदद मिलती है। इसमें मौजूद फाइबर, प्रोटीन और कम कैलोरी के कारण 28 दिनों तक लगातार इसे अपनी डाइट में शामिल करने से शरीर के वजन में 2% की कमी और ब्लड शुगर के लेवल में 7% की गिरावट आती है।
Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि जब हम वजन कम करने की बात करते हैं तो हमारा लक्ष्य कैलोरी इनटेक को कंट्रोल करना, मेटाबॉलिज्म को तेज करना और पेट को लंबे समय तक भरा रखना है। समा के चावल इन सभी मानकों पर खरे उतरते हैं।
1. फाइबर से भरपूर
नॉर्मल सफेद चावल की तुलना में समा के चावल में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है। फाइबर हमारे पाचन तंत्र को धीमा करता है, जिससे खाना पेट में धीरे-धीरे पचता है, जिससे आपका पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है और भूख कम लगती है। इसके अलावा, बार-बार अनहेल्दी स्नैक्स या ओवरईटिंग की समस्या से भी राहत मिलती है।
2. लो कैलोरी और लो कार्ब्स
अगर आप कैलोरी डेफिसिट डाइट फॉलो कर रहे हैं तो समा के चावल आपके लिए एक परफेक्ट ऑप्शन हो सकता है। 100 ग्राम समा के चावल में नॉर्मल चावल की तुलना में बहुत कम कैलोरी और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट होते हैं। यह आपके शरीर को बिना ज्यादा फैट दिए जरूरी एनर्जी देने में मदद करता है।
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3. कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स
नॉर्मल सफेद चावल खाने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से स्पाइक होता है, जिससे इंसुलिन हार्मोन बढ़ता है और शरीर में फैट स्टोर होने लगता है। जबकि समा के चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है। यह धीरे-धीरे ग्लूकोज को खून में रिलीज करता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल स्थिर रहता है और शरीर में ज्यादा फैट जमा नहीं होता है।

4. ग्लूटेन-फ्री
वर्तमान में कई लोगों को ग्लूटेन से सेंसिटिविटी या ब्लोटिंग की समस्या होती है, जो वजन बढ़ने का एक कारण बनता है। समा के चावल पूरी तरह ग्लूटेन-फ्री होते है। यह पेट के लिए हल्के होते हैं और पाचन क्रिया को बेहतर रखने में मदद करते हैं।
5. प्रोटीन से भरपूर
वजन कम करते समय मसल मास को बनाए रखना और सिर्फ फैट बर्न करना जरूरी होता है। समा के चावल में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है। प्रोटीन हमारे मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है और कैलोरी बर्न करने की प्रक्रिया को तेज बनाता है।
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समा के चावल का सही तरीके से सेवन कैसे करें?
Dr. Akshay Chugh के अनुसार, लोग व्रत में समा के चावल को बहुत सारे घी, मूंगफली या तलकर पकौड़ों के रूप में खाना पसंद करते हैं। अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो यह तरीका बहुत गलत माना जाता है। वजन कम करने के लिए समा के चावल बनाते समय इन बातों का ध्यान रखें-
- सब्जियों के साथ पकाएं: समा के चावल की खिचड़ी या पुलाव बनाते समय उसमें ढेर सारी हरी सब्जियां जैसे बीन्स, गाजर, शिमला मिर्च, मटर और पालक मिलाएं। इससे फाइबर की मात्रा दोगुनी हो जाएगी।
- कम तेल या घी का इस्तेमाल: खाना बनाते समय सिर्फ आधा से एक चम्मच गाय का शुद्ध देसी घी या ऑलिव ऑयल का ही इस्तेमाल करें, ताकि ऑयल के द्वारा ज्यादा फैट का सेवन करने से बचा जा सके।
- समा डोसा या इडली: आप समा के चावल और थोड़ी सी मूंग दाल को भिगोकर और इसे पीसकर हेल्दी डोसा या इडली भी बना सकते हैं।
- पोर्शन कंट्रोल: भले ही यह वजन कम करने का हेल्दी विकल्प है, लेकिन किसी भी चीज का सेवन बहुत ज्यादा मात्रा में करने से सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। दिन में एक बार एक मध्यम कटोरी समा के चावल का सेवन काफी होता है।
निष्कर्ष
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि समा के चावल वजन कम करने के लिए एक बहुत ही पौष्टिक, नेचुरल और असरदार विकल्प हैं। हालांकि, सिर्फ एक सुपरफूड खाने से वजन कम नहीं होता है। इसके लिए जरूरी है कि आप अपनी डाइट में समा के चावल जैसे मिलेट्स शामिल करें। रोजाना कम से कम 30 से 40 मिनट की वॉक, योग और एक्सरसाइज करें। दिनभर में 8 से 10 गिलास पानी पिएं, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। इसके अलावा रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लें। अगर आपको कोई पुरानी बीमारी, थायराइड या किडनी से जुड़ी समस्या है तो अपनी डाइट में किसी भी तरह का बड़ा बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या डाइटिशियन से कंसल्ट जरूर करें।
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FAQ
समा के चावल की तासीर कैसी होती है?
आयुर्वेद के अनुसार समा के चावल की तासीर ठंडी होती है। यह पचने में बहुत हल्की और शरीर को आराम देने वाला होता है।क्या शुगर में समा के चावल खा सकते हैं?
हां, शुगर के मरीज सीमित मात्रा में समा के चावल खा सकते हैं। यह सफेद चावल की तुलना में एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
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Aug 06, 2026 16:34 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh