Wed Sep 16, 2026 | 08:08 AM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

उम्र के साथ कुछ लोगों का वजन क्यों बढ़ता जाता है? कारण बता रहे हैं डॉक्टर

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बायोलॉजिकल बदलाव आते हैं, जिससे वजन बढ़ना एक आम समस्या बन जाती है। धीमा मेटाबॉलिज्म, मांसपेशियों का नुकसान, हार्मोनल बदलाव और तनाव इसके मुख्य कारण हैं। 

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के नेचुरल और अंदरूनी बदलाव आने लगते हैं, जिसके कारण वजन बढ़ने की समस्या आम हो जाती है। यह प्रक्रिया सिर्फ खान-पान या लाइफस्टाइल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे उम्र से जुड़ी बायोलॉजिकल और शारीरिक प्रक्रियाएं होती हैं। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, हमारे शरीर की बनावट, हार्मोन्स और काम करने की क्षमता में कई नेचुरल बदलाव आते हैं। उम्र बढ़ने के साथ वजन का बढ़ना आपके खान-पान या आपकी किसी लापरवाही का नतीजा नहीं होता है, बल्कि इसके पीछे मेडिकल और बायोलॉजिकल कारण जिम्मेदार होते हैं। आइए इस लेख में Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida से जानते हैं कि उम्र के साथ कुछ लोगों का वजन बढ़ने के क्या कारण हैं?

उम्र के साथ कुछ लोगों का वजन क्यों बढ़ता जाता है?

Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि शरीर की कार्यप्रणाली में बदलाव आते हैं, जो सीधे तौर पर वजन और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करते हैं। इस शारीरिक बदलाव के पीछे हार्मोनल असंतुलन और लाइफस्टाइल से जुड़े बदलाव जिम्मेदार होते हैं।

1. बेसल मेटाबॉलिक रेट का धीमा होना

मेटाबॉलिज्म वह प्रक्रिया है, जिसके जरिए हमारा शरीर खाने को एनर्जी में बदलता है। जब हम आराम भी कर रहे होते हैं तो भी सांस लेने, दिल धड़कने और खून के फ्लो को बेहतर रखने जैसे जरूरी कामों के लिए शरीर कैलोरी बर्न करता है। इसे बेसल मेटाबॉलिक रेट कहा जाता है। 30 की उम्र के बाद हर दशक में हमारा मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है। अगर आप डाइट में कैलोरी कम नहीं करते, तो बचा हुआ खाना सीधे फैट के रूप में जमा होने लगता है।

साल 2022 में The Journal Of Clinical Investigation के एक स्टडी के अनुसार, 40 से 66 साल की उम्र के दौरान, ज्यादातर लोगों का वजन हर साल थोड़ा-थोड़ा बढ़ने लगता है। इस उम्र में शरीर का फैट जमा होने का तरीका बदल जाता है। हाथ-पैरों के बजाय चर्बी शरीर के बीच के हिस्से जैसे पेट और अंदरूनी अंगों के आस-पास ज्यादा जमा होने लगती है।

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2. मांसपेशियों का नुकसान

जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, शरीर में मांसपेशियों का द्रव्यमान नेचुरल तरीके से कम होने लगता है। इस मेडिकल कंडीशन को सार्कोपेनिया (Sarcopenia) कहा जाता है।

साल 2004 में Current Opinion in Clinical Nutrition & Metabolic Care के एक रिव्यू के अनुसार, 30 साल की उम्र के बाद, मांसपेशियों के द्रव्यमान में हर 10 साल में औसतन 3% से 8% की कमी आती है। 60 साल की उम्र के बाद यह गिरावट और भी तेज हो जाती है। मांसपेशियों में कमी के साथ-साथ शरीर में चर्बी बढ़ने लगती है। मांसपेशियों में होने वाले इन मेटाबॉलिक बदलावों के कारण शरीर की संपूर्ण मेटाबॉलिक रेट में लगभग 10% की कमी आ सकती है।

3. हार्मोन्स का उतार-चढ़ाव

Dr. Akshay Chugh के अनुसार, उम्र के साथ महिला और पुरुष दोनों के ही शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। महिलाओं में शरीर में 40 से 50 की उम्र के आसपास पेरिमेनोपॉज और मेनोपॉज के दौरान महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल तेजी से कम होता है। इसकी वजह से शरीर में फैट जमा होने की जगह बदल जाती है, जिससे फैट हिप्स और जांघों के स्थान पर सीधे कमर और पेट के आसपास जमा होने लगता है। वहीं, पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का लेवल हर साल लगभग 1 प्रतिशत कम होता है। टेस्टोस्टेरोन मांसपेशियों को बनाए रखने और फैट को कंट्रोल करने में मदद करता है। इसलिए, शरीर में इसके कम होने से पेट का घेरा बढ़ने लगता है।

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4. शारीरिक गतिविधियों में कमी

Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ हमारी जिम्मेदारियां भी बढ़ती रहती है, ऑफिस की डेस्क जॉब, परिवार की जिम्मेदारी और मानसिक थकावट। इसके अलावा, उम्र के साथ जोड़ों में हल्का दर्द या सुस्ती की वजह से चलना-फिरना, खेलना या दौड़ना-भागना काफी कम हो जाता है। वर्कआउट न करने और दिनभर एक ही जगह बैठे रहने से हमारे शरीर में एनर्जेटिक आउटपुट कम हो जाता है। अगर इनपुट उतना ही रहे और आउटपुट कम हो जाए तो वजन बढ़ने लगता है।

5. तनाव और नींद की कमी

Dr. Akshay Chugh ने बताया कि 40 और 50 की उम्र में करियर, परिवार और सेहत से जुड़ी परेशानियां बढ़ जाती हैं। इसके कारण मानसिक तनाव बढ़ता है और नींद की क्वालिटी खराब होती है। तनाव के दौरान शरीर में कोर्टिसोल नाम का स्ट्रेस हार्मोन रिलीज होता है। बढ़ा हुआ कोर्टिसोल सीधे भूख बढ़ाता है और मीठा या जंक फूड खाने की क्रेविंग को बढ़ाता है। इसके अलावा पर्याप्त नींद न लेने से घ्रेलिन हार्मोन बढ़ता है, जो भूख को ट्रिगर करता है।

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उम्र के साथ बढ़ते वजन को कैसे रोकें?

Dr. Akshay Chugh के अनुसार, उम्र बढ़ना एक नेचुरल प्रक्रिया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप बढ़ते वजन को रोक नहीं सकते हैं। इसलिए, आप अपने रूटीन में इन बदलावों को अपना सकते हैं-

  1. स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शुरू करें: हफ्ते में कम से कम 2 से 3 दिन लाइठ डंबल्स, रेजिस्टेंस बैंड या बॉडीवेट एक्सरसाइज करें, ताकि मांसपेशियां सुरक्षित रह सके।
  2. प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं: अपनी डाइट में दालें, पनीर, अंडा, दही, सोयाबीन या लीन मीट शामिल करें। यह मांसपेशियों को बनाए रखता है और लंबे समय तक पेट भरा रखता है।
  3. कैलोरी का ध्यान रखें: 30 की उम्र के बाद पोर्शन कंट्रोल पर थोड़ी कमी करने या बैलेंस करने की कोशिश करें। मीठा, प्रोसेस्ड फूड और जंक फूड का सेवन सीमित मात्रा में करें।
  4. रात को 7-8 घंटे की नींद: अच्छी नींद हमारे हार्मोन्स को संतुलित करने में मदद करती है और कोर्टिसोल को बढ़ाने से रोकती है। इसलिए, रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेने की कोशिश करें।

निष्कर्ष

उम्र बढ़ने के साथ वजन बढ़ना आपके शरीर का एक स्वाभाविक बायोलॉजिकल रिस्पॉन्स होता है। इसे लेकर तनाव के बजाय अपने शरीर की जरूरतों को समझें। Dr. Akshay Chugh कहते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ सही पोषण, नियमित हल्की एक्सरसाइज और हेल्दी दिमाग शरीर को फिट रखने और वजन बढ़ने से रोक सकता है।

Image Credit: Freepik

FAQ

  • अचानक वजन बढ़ने के क्या कारण हैं?

    अचानक वजन बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसमें हार्मोनल असंतुलन, कुछ दवाएं और शरीर में पानी रुकना शामिल हैं। 
  • सबसे ज्यादा वजन क्या खाने से बढ़ता है?

    सबसे ज्यादा वजन अनहेल्दी फैट, चीनी और रिफाइंड कार्ब्स से भरपूर जंक फूड खाने से बढ़ता है, जिनमें फास्ट फूड, तली हुई चीजें और मीठी चीजें शामिल हैं। 

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 01, 2026 14:37 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh

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