Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Gopal Jee Sharma , Sr. Consultant – Internal Medicine

बीमारी ठीक होने के बाद भी क्यों बनी रहती है कमजोरी? डॉक्टर से जानें पोस्ट-वायरल फटीग के कारण

बीमारी ठीक होने के बाद भी कमजोरी और थकान बने रहना पोस्ट-वायरल फटीग का संकेत हो सकता है। यहां जानिए, ऐसा क्यों होता है और रिकवरी को कैसे तेज किया जा सकता है।

"बुखार तो उतर गया, लेकिन शरीर में पहले जैसी ताकत क्यों नहीं आ रही?" अगर वायरल फीवर, फ्लू या किसी इंफेक्शन से ठीक होने के बाद भी आपको कई दिनों या हफ्तों तक कमजोरी, थकान या काम करने का मन न होने जैसी परेशानी महसूस हो रही है, तो इसे सामान्य नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कैलाश अस्पताल, देहरादून के सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. गोपाल जी शर्मा का कहना है कि इस दौरान शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालने के बजाय धीरे-धीरे सामान्य डेली रूटीन में लौटना बेहतर होता है।

साथ ही यह जानना भी जरूरी है कि कब यह सामान्य रिकवरी का हिस्सा है और कब यह किसी दूसरी स्वास्थ्य समस्या का संकेत बन सकता है। इस लेख में डॉक्टर गोपाल जी शर्मा से जानिए कि पोस्ट-वायरल फटीग क्या है, बीमारी के बाद कमजोरी क्यों बनी रहती है और किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

बीमारी ठीक होने के बाद कमजोरी क्यों बनी रहती है?

इस स्थिति को पोस्ट-वायरल फटीग (Post Viral Fatigue) या पोस्ट वायरल सिंड्रोम कहा जाता है। डॉक्टर गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि यह स्थिति तब होती है, जब इंफेक्शन खत्म हो चुका होता है, लेकिन शरीर और इम्यून सिस्टम पूरी तरह से रिकवर होने में अभी समय ले रहे होते हैं।

डॉक्टर गोपाल जी शर्मा के अनुसार, पोस्ट-वायरल फटीग का मतलब यह नहीं है कि वायरस अभी भी शरीर में मौजूद है। ज्यादातर मामलों में वायरस खत्म हो चुका होता है, लेकिन इंफेक्शन के दौरान शरीर और इम्यून सिस्टम पर जो असर पड़ा, उससे पूरी तरह उबरने में समय लगता है। इसी कारण व्यक्ति को लगातार कमजोरी, थकान और पहले जैसी एनर्जी महसूस नहीं होती। यह रिकवरी का एक सामान्य हिस्सा हो सकता है और हर व्यक्ति में इसकी अवधि अलग-अलग हो सकती है।

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साल 2024 में Canadian Journal of Pain में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, पोस्ट वायरल सिंड्रोम (PVS) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें वायरल इंफेक्शन ठीक होने के बाद भी लंबे समय तक थकान, शरीर में दर्द, नींद की परेशानी और कमजोरी जैसे लक्षण बने रह सकते हैं। अभी तक इसके पीछे के कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, इसलिए इस पर और शोध की जरूरत है। कुछ लोगों में समय के साथ लक्षण ठीक हो जाते हैं, लेकिन कई मरीजों को लंबे समय तक परेशानी बनी रह सकती है। सही समय पर पहचान, डॉक्टर की सलाह और उचित देखभाल से रिकवरी बेहतर हो सकती है।

पोस्ट-वायरल फटीग के लक्षण

डॉक्टर गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि इस समस्या में केवल कमजोरी ही नहीं होती, बल्कि कई अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।

  • मरीज को पर्याप्त नींद लेने के बाद भी थकान महसूस हो सकती है।
  • कई लोगों को ब्रेन फॉग यानी ध्यान लगाने, सोचने या चीजें याद रखने में कठिनाई होती है।
  • इसके अलावा मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, चक्कर आना और छोटी-सी शारीरिक या मानसिक एक्टिविटी के बाद भी ज्यादा थकावट महसूस होना इसके सामान्य संकेत हैं।
  • कुछ लोगों की सहनशक्ति भी पहले की तुलना में काफी कम हो जाती है।

रिकवरी को तेज करने के लिए क्या करें?

डॉक्टर गोपाल जी शर्मा के अनुसार, पोस्ट-वायरल फटीग से उबरने के लिए बैलेंस और पौष्टिक डाइट लेना, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, अच्छी और पूरी नींद लेना तथा धीरे-धीरे फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाना फायदेमंद हो सकता है। शुरुआत में हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग या डॉक्टर की सलाह के अनुसार हल्की एक्सरसाइज की जा सकती है। साथ ही शरीर की क्षमता के अनुसार काम करें और जरूरत महसूस होने पर आराम जरूर करें। रिकवरी में जल्दबाजी करने के बजाय शरीर को समय देना सबसे जरूरी है।

Post Viral Fatigue

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कब डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए?

अगर कमजोरी लगातार बढ़ रही हो, कई हफ्तों तक सुधार न हो रहा हो या इसके साथ बार-बार बुखार, बिना कारण वजन कम होना, सीने में दर्द या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो इसे केवल पोस्ट-वायरल फटीग मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण किसी दूसरी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकते हैं। इसलिए समय पर डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

निष्कर्ष

डॉक्टर गोपाल जी शर्मा के अनुसार, वायरल बीमारी के बाद कुछ समय तक कमजोरी और थकान महसूस होना सामान्य हो सकता है क्योंकि शरीर और इम्यून सिस्टम पूरी तरह ठीक होने की प्रोसेस में होते हैं। इस दौरान पर्याप्त आराम, बैलेंस डाइट, अच्छी नींद और धीरे-धीरे सामान्य एक्टिविटीज शुरू करना रिकवरी में मदद करता है। हालांकि यदि कमजोरी लगातार बनी रहे, बढ़ती जाए या इसके साथ गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।

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FAQ

  • क्या मानसिक तनाव पोस्ट वायरल कमजोरी को बढ़ा सकता है?

    लगातार तनाव, चिंता और पर्याप्त आराम की कमी से रिकवरी की प्रोसेस धीमी हो सकती है।
  • वायरल इंफेक्शन के दौरान क्या खाएं?

    हल्का और पौष्टिक भोजन जैसे दाल, खिचड़ी, ताजे फल, सब्जियां, सूप और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना शरीर की रिकवरी में मदद कर सकता है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 31, 2026 23:25 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Gopal Jee Sharma

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