Fri Sep 11, 2026 | 07:29 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

बारिश के मौसम में कौन-सी गलतियां आपको कर सकती हैं बीमार? डॉक्टर से जानें

बारिश का मौसम गर्मी से राहत देता है, लेकिन दूषित पानी, गंदगी और मच्छरों से कई स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में इस मौसम में आपको कुछ ऐसी गलतियां करने से बचना चाहिए, जो आपको बीमार कर सकती हैं। 

इस पेज पर:-


बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन अपने साथ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं भी लेकर आता है। इस दौरान वातावरण में नमी बढ़ने, दूषित पानी, गंदगी और मच्छरों के प्रकोप के कारण वायरल इंफेक्शन, डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, हैजा और पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कई बार हमारी छोटी-छोटी लापरवाही ही हमें बीमार बना देती हैं। अगर आप मानसून में बीमार होने से बचना चाहते हैं, तो जरूरी है कि अनजाने में होने वाली कुछ गलतियों जैसे खराब पानी पीना, कच्ची सब्जियां खाना आदि आदतों को बदलें। इसलिए, आइए इस लेख में Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida से जानते हैं कि बारिश के मौसम में कौन-सी गलतियों से बचना चाहिए, जो बीमार कर सकती हैं?

बारिश के मौसम में कौन-सी गलतियां बीमार कर सकती हैं?

Dr. Akshay Chugh, का कहना है कि बारिश के मौसम में हमारी कुछ लापरवाहियां हमारे बीमार होने का कारण बन सकती हैं, जिनसे बचना बहुत जरूरी है।

1. बिना उबाला या फिल्टर किया पानी पीना

बरसात के मौसम में पानी के दूषित होने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। बारिश का पानी कई बार जल स्रोतों को इंफेक्टेड कर देता है, जिसके कारण बैक्टीरिया और वायरस तेजी से फैलते हैं। ऐसे में बिना उबाला या बिना फिल्टर किया पानी पीने से पेट में इंफेक्शन, डायरिया, हैजा और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

साल 2025 में Clinical Infection in Practice में प्रकाशित एक रिव्यू के अनुसार, भारी बारिश के कारण पीने के पानी में गंदगी और हानिकारक बैक्टीरिया मिल जाते हैं, जिससे बीमारियां तेजी से फैलती हैं। बारिश के मौसम में ऐसे खतरनाक बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जिनसे पानी से होने वाली बीमारियां और इंफेक्शन आसानी से आपको बीमार कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: मानसून के दौरान लोग ज्यादा बीमार क्यों पड़ते हैं? जानें डॉक्टर से

क्या करना चाहिए?

बरसात के मौसम में बीमारियों से बचाव के लिए हमेशा उबला हुआ या अच्छी तरह फिल्टर किया हुआ पानी ही पीना चाहिए। अगर आप घर से बाहर रहते हैं तो सिर्फ सील पैक या अच्छे ब्रांड का ही पानी पिएं।

2. कच्चा सलाद खाना

सलाद सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन मानसून में कच्ची सब्जियां खाने से इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। खुले में रखी या ठीक तरह से न धुली हुई सब्जियों पर बैक्टीरिया बहुत ज्यादा पाए जाते हैं, जो पेट से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकते हैं।

साल 2017 में 3 Biotech Journal में प्रकाशित भारत के धनबाद में किए गए एक स्टडी में देखा गया कि कच्चे सलाद की सतह पर कई खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक होते हैं। ऐसे में उन सब्जियों का कच्चा सेवन करने से शरीर में बैक्टीरिया सीधे जा सकते हैं, जो सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं।

क्या करना चाहिए?

अगर आपको बरसात के मौसम में सलाद खाना ही है तो उसे अच्छी तरह साफ पानी से धोएं और अगर हो सके तो हल्के गुनगुने पानी से साफ करने के बाद ही खाएं। बाहर के रेस्तरां या ठेलों पर मिलने वाले कटे हुए सलाद खाने से बचने की कोशिश करनी चाहिए।

3. मच्छरों को लेकर लापरवाही करना

बारिश के मौसम में जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। यही मच्छर काटने से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

Mistakes-That-Make-You-Sick-in-Monsoon

क्या करना चाहिए?

इस मौसम में मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें और रात में मच्छरदानी लगाकर सोएं। इसके साथ ही अपने घर के आस-पास की चीजों और गमलों में पानी जमा न होने दें।

इसे भी पढ़ें: बारिश के मौसम में स्किन में होती है खुजली? जानें कब है या चिंता की बात

4. बारिश में भीगने के बाद तुरंत नहाना

बारिश में भीगना कई लोगों को बहुत पसंद होता है, लेकिन लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। गीले कपड़ों के कारण शरीर का तापमान कम हो सकता है, जिससे सर्दी-जुकाम, वायरल इंफेक्शन और स्किन से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

क्या करना चाहिए?

अगर आप बारिश में भीग गए हैं तो घर पहुंचते ही सूखे कपड़े पहनें और साफ पानी से नहाएं। इससे शरीर पर मौजूद गंदगी और बैक्टीरिया साफ हो जाते हैं और इंफेक्शन का खतरा भी कम हो सकता है। इसके बाद शरीर को अच्छी तरह सुखाना भी जरूरी है।

5. स्ट्रीट फूड खाने से करें परहेज

बरसात के मौसम में सड़क किनारे मिलने वाले चाट, गोलगप्पे, कटे फल और अन्य खुले में मिलने वाले फूड्स से बचना चाहिए। बारिश के कारण इन फूड्स में बैक्टीरिया और मक्खियों के जरिए इंफेक्शन फैलने का खतरा भी ज्यादा बढ़ जाता है।

क्या करना चाहिए?

खुले में रखा भोजन करने से फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए, इस मौसम में घर का बना ताजा और गर्म भोजन करना सुरक्षित और फायदेमंद होता है।

डॉक्टर से कब मिलें?

अगर बारिश के मौसम में लगातार तेज बुखार, उल्टी, दस्त, शरीर में तेज दर्द, स्किन पर चकत्ते या कमजोरी जैसी समस्याएं महसूस हो रही हैं तो इसे नॉर्मल वायरल समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण डेंगू, मलेरिया या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकते हैं। इस स्थिति में आपको तुरंत जांच करवाने और इलाज कराने की जरूरत होती है, ताकि किसी भी गंभीर बीमारी से बचाव संभव हो।

निष्कर्ष
बारिश का मौसम मजेदार और ताजगी देने वाला तो होता है, लेकिन आपकी थोड़ी-सी लापरवाही सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं। इसलिए, खराब पानी पीने, कच्चा सलाद खाने, मच्छरों के काटने को नजरअंदाज करने और बारिश में भीगने के बाद देर तक गीले कपड़ों में रहने जैसी आदतों से बचने की कोशिश करें।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • बरसात में कौन सी बीमारी होती है?

    बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है। वातावरण में नमी और पानी जमा होने के कारण इस समय इंफेक्शन तेजी से फैलते हैं।
  • बरसात के मौसम में फंगस से कैसे बचें?

    बारिश के मौसम में फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए शरीर को साफ और सूखा रखें, ढीले कपड़े पहनें और पैरों को नमी से बचाने की कोशिश करें।

Read Next

पित्त की पथरी का दर्द या एसिडिटी? डॉक्टर से जानें दोनों में कैसे पहचानें अंतर

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jul 31, 2026 23:17 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content