बारिश का मौसम गर्मी से राहत देता है, लेकिन इसके साथ कई स्वास्थ्य समस्याएं भी लेकर आता है। इस मौसम में नमी बढ़ने के कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपने लगते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग, पेट में इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार जैसी समस्याओं का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इस मौसम में ये बीमारियां अक्सर खान-पान से जुड़ी समस्याओं के कारण होती हैं। बरसात में नमी और उमस का असर भोजन पर भी पड़ता है। इस कारण खाने में थोड़ी सी लापरवाही भी सेहत पर बुरा असर डाल सकती है। इसलिए, इस मौसम में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, आइए दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा से जानते हैं।
मानसून में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?
साल 2022 में Food Safety Measures for Monsoon के एक रिव्यू के अनुसार बारिश के मौसम में उच्च आर्द्रता के कारण बैक्टीरिया और खासकर फंगस बहुत तेजी से पनपते हैं। इस मौसम में फूड पॉइजनिंग, दस्त, पेचिश और हैजा जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, खान-पान का खास ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
रिव्यू में यह भी बताया गया है कि सड़क किनारे बिकने वाले स्ट्रीट फूड, पहले से कटे हुए फलों, ठंडे भोजन, तले-भुने और जंक फूड से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। मानसून में होने वाले इंफेक्शन से बचने के लिए सिर्फ सुरक्षित और ताजा भोजन ही करना चाहिए।
मानसून में क्या खाएं?
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, मानसून में हेल्दी रहने के लिए आप इन फूड्स का सेवन कर सकते हैं-
1. विटामिन C से भरपूर फूड्स
बारिश के मौसम में इम्यूनिटी मजबूत रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए विटामिन सी से भरपूर फूड्स जैसे आंवला, अमरूद, संतरा, मौसमी, नींबू और कीवी का सेवन करना फायदेमंद होता है। यह शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाता है, जिससे इंफेक्शन से लड़ने में मदद मिलती है।
साल 2023 में Cureus के एक रिव्यू के अनुसार शरीर की इम्यूनिटी को बेहतर बनाए रखने के लिए खट्टे फलों, सब्जियों या सप्लीमेंट के जरिए मिलने वाला विटामिन सी की पर्याप्त मात्रा वायरस के संपर्क में आने के कारण होने वाले इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है।
2. ताजे फल
फल शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल्स और फाइबर देते हैं। इसलिए, आप अपनी डाइट में ताजे और अच्छी तरह धुले हुए फल ही खाएं। लंबे समय तक कटे हुए या खुले में रखे फलों को खाने से बचें, क्योंकि इनमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं।
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3. पकी हुई सब्जियां
बारिश के मौसम में कच्ची सब्जियों या सलाद के स्थान पर अच्छी तरह पकी हुई सब्जियां खाना ही बेहतर होता है। लौकी, तोरी, कद्दू, बीन्स और शिमला मिर्च जैसी सब्जियां अपनी डाइट में शामिल करें, क्योंकि ये आसानी से पच जाती हैं।
4. नट्स और बीज
बादाम, अखरोट, अलसी के बीज, कद्दू के बीज और चिया सीड्स जैसे नट्स और सीड्स शरीर को हेल्दी फैट, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। इन चीजों को सीमित मात्रा में खाने से शरीर को एनर्जी मिलती है और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद मिलती है।
5. हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन
मानसून में पाचन तंत्र थोड़ा कमजोर हो सकता है। इसलिए, अपने खाने में खिचड़ी. दलिया, पोहा, सादा चावल और मूंग दाल जैसे हल्के और आसानी से पचने वाले भोजन को अपनी डाइट में शामिल करें। इन फूड्स को खाने से पाचन बेहतर रहता है और पेट से जुड़ी समस्याएं होने का जोखिम कम होता है।
6. दाल और सूप
दालें प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स माना जाता है। इसलिए, इस मौसम में मूंग दाल, मसूर दाल और अलग-अलग तरह की सब्जियों से बने गर्मागर्म सूप को अपनी डाइट में शामिल करें। ये सूप शरीर को पोषण देने और पाचन को भी बेहतर रखने में मदद करते हैं। गर्म सूप बारिश के मौसम में आराम और शरीर को एनर्जी देने का काम करते हैं।

मानसून में क्या न खाएं?
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा ने बताया कि मानसून में हेल्दी रहने के लिए आप इन चीजों को खाने से बचें-
1. स्ट्रीट फूड
बारिश के मौसम में सड़क किनारे मिलने वाले चाट, गोलगप्पे, पकौड़े और अन्य खुले में मिलने वाले फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए। दूषित पानी औऱ खराब वातावरण के कारण इनमें इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है।
2. तला-भुना भोजन
बरसात के मौसम में लोगों को पकौड़े और फ्राइज जैसी चीजों को खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है। ज्यादा तला-भुना और ऑयली फूड खाने से पाचन क्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याएं होना काफी आम है। इसलिए, इनका सेवन हमेशा सीमित मात्रा में करना चाहिए।
3. सीफूड का सीमित सेवन
बारिश का मौसम कई समुद्री जीवों के प्रजनन का समय माना जाता है। साथ ही, इस मौसम में ताजा सीफूड मिलना भी मुश्किल हो सकता है। इसलिए, सीफूड का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए या सिर्फ अच्छी क्वालिटी वाले सीफूड को ही चुनना चाहिए।
4. कच्ची पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी, धनिया और अन्य पत्तेदार सब्जियों में बारिश के मौसम में मिट्टी, कीड़े और बैक्टीरिया होने की संभावना बढ़ जाती है। इन्हें कच्चा खाने के स्थान पर अच्छी तरह धोकर और पकाकर ही खाना चाहिए।
5. ज्यादा मसालेदार भोजन
बरसात में बहुत ज्यादा मसालेदार भोजन करने से पेट में जलन, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए, मानसून में हल्का और कम मसाले वाला भोजन करना ही बेहतर माना जाता है।
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मानसून में स्वस्थ रहने के लिए जरूरी टिप्स
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के मुताबिक मानसून में हेल्दी रहने के लिए खाने से जुड़े इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं-
- हमेशा ताजा और घर का बना भोजन खाएं
- फल और सब्जियों को हमेशा अच्छी तरह धोकर ही खाएं
- सिर्फ साफ, उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीने से बचें
- बासी और लंबे समय तक बाहर रखा भोजन करने से बचें
- हेल्दी खाने के साथ हाइजीन का भी ध्यान रखें
निष्कर्ष
मानसून में हेल्दी रहने का सबसे आसान तरीका है संतुलित, ताजा और साफ-सुथरा भोजन करना। विटामिन सी से भरपूर फूड्स, पकी सब्जियां, नट्स, हल्का भोजन और दाल का सूप आपकी इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं। वहीं स्ट्रीट फूड, तला-भुना भोजन, ज्यादा नमक, कच्ची पत्तेदार सब्जियां और बहुत मसालेदार भोजन से बचने से मानसून में होने वाली कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।
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FAQ
बरसात में कौन सी सब्जी खानी चाहिए?
बरसात के मौसम में लौकी, तोरई और करेला जैसी हल्की और बेल वाली मौसमी सब्जियां खाना सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि ये आसानी से पच जाती हैं और पेट को हेल्दी रखती हैं।बरसात में कौन से फल नहीं खाने चाहिए?
बरसात के मौसम में तरबूज, खरबूज, अंगूर और स्ट्रॉबेरी जैसे फलों को खाने से बचना चाहिए। बारिश में नमी और उमस के कारण इन फलों पर बैक्टीरिया और फंगस बहुत जल्दी पनपने लगते हैं, जिससे पेट खराब होना या फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है।
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Jul 31, 2026 21:17 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dt Rakshita Mehra