बारिश का मौसम बच्चों के लिए जितना मजेदार होता है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है। इस दौरान मौसम में नमी बढ़ने के कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस इंफेक्शन फैलने का जोखिम बढ़ जाता है। बच्चों को इस मौसम में सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार, फूड पॉइजनिंग, डायरिया और पेट का इंफेक्शन होने का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में बच्चों को बरसात के मौसम में होने वाली समस्याओं से बचाने के लिए उनकी इम्यूनिटी को बेहतर रखना बहुत जरूरी है। इसलिए, बारिश में बच्चों की डाइट से जुड़ी कुछ जरूरी बातों और सावधानियों को ध्यान में रखकर आप उन्हें बार-बार बीमार पड़ने से रोक सकते हैं। आइए इस लेख में दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा से जानते हैं कि बच्चों की मानसून डाइट में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
मानसून में बच्चों की डाइट में क्या बदलाव करना चाहिए?
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, बारिश के मौसम में पाचन तंत्र थोड़ा सेंसिटिव हो सकता है। खराब फूड्स और पानी के कारण इंफेक्शन का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए, बच्चों को ऐसा भोजन देना चाहिए जो ताजा, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला हो। संतुलित डाइट न सिर्फ बच्चों के शरीर को एनर्जी देती है, बल्कि इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाने में मदद करती है।
1. बच्चों को दें ताजा और घर का बना भोजन
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा बताती हैं कि मानसून में बच्चों को हमेशा ताजा और घर में बना भोजन खिलाना सुरक्षित होता है। लंबे समय तक बाहर रखा हुआ या बासी भोजन करने से उसमें मौजूद बैक्टीरिया बच्चों की सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। अगर खाना पहले से बनाया गया है तो उसे अच्छी तरह गर्म करके ही परोसें। घर पर बनी खिचड़ी. दलिया, दाल-चावल, इडली, उपमा, पोहा और सब्जियों से भरपूर फूड्स बच्चों के लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
इसे भी पढ़ें: 5 मानसून ड्रिंक्स जो इम्यूनिटी बढ़ाकर आपको रखेंगे फिट
2. विटामिन C से भरपूर फल और सब्जियां शामिल करें
विटामिन C शरीर की इम्यूनिटी बूस्ट करने में अहम भूमिका निभाता है। बरसात के मौसम में बच्चों की डाइट में ऐसे फल और सब्जियां शामिल करें जो विटामिन सी से भरपूर हों। आप अपने बच्चे को संतरा, मौसमी, आंवला, कीवी, शिमला मिर्च, टमाटर आदि चीजों को शामिल कर सकते हैं। फल हमेशा अच्छी तरह धोकर और ताजे ही खिलाएं। कटे हुए फल लंबे समय तक खुले में न रखें, क्योंकि उन पर बैक्टीरिया बढ़ सकता है, जो उल्टी, दस्त या डायरिया का कारण बन सकता है। साल 2017 में Nutrients Journals के अनुसार, विटामिन सी हमारे शरीर में बीमारियों से लड़ने वाले न्यूट्रोफिल्स सेल्स को एक्टिव करके इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है।
3. पर्याप्त प्रोटीन देना भी है जरूरी
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, बरसात के मौसम में भी बच्चों की डाइट में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन शामिल करें। प्रोटीन बच्चों के विकास और शरीर को रिपेयर करने में मदद करते हैं। मानसून में बच्चों की डाइट में प्रोटीन से भरपूर फूड्स जैसे दालें, पनीर, दूध और दही, अंडा, सोया प्रोडक्ट्स, चिकन या मछली आदि चीजों को शामिल कर सकते हैं।

4. बच्चों को हाइड्रेट रखें
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा ने बताया कि बारिश के मौसम में बच्चों को प्यास कम लग सकती है, लेकिन उन्हें हेल्दी रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। बच्चों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में साफ, उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिलाएं। आप बच्चों को नॉर्मल पानी के साथ नारियल पानी, नींबू पानी या घर का बना सूप भी दे सकते हैं। बहुत ज्यादा मीठे और पैकेज्ड ड्रिंक्स बच्चों को देने से बचें।
5. स्ट्रीट फूड से रखें दूर
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के मुताबिक मानसून में सड़क किनारे मिलने वाले फूड्स में इंफेक्शन पनपने का खतरा ज्यादा हो सकता है। गोलगप्पे, चाट. कटे हुए फल, खुले में मिलने वाला जूस और अन्य स्ट्रीट फूड्स बच्चों को खिलाने से बचना चाहिए। अगर बच्चा कुछ टेस्टी खाना चाहता है तो वही चीजें घर पर साफ-सफाई के साथ तैयार करके खाने के लिए दें।
6. कच्ची पत्तेदार सब्जियों से सावधानी
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि बारिश के मौसम में पालक, मेथी और अन्य पत्तेदार सब्जियों में मिट्टी, कीड़े और बैक्टीरिया ज्यादा होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, बच्चों की डाइट में इन्हें सोच समझकर शामिल करने की कोशिश करें। हरी पत्तेदार सब्जियों को अच्छी तरह धोकर और पूरी तरह पकाकर ही बच्चों को खिलाएं।
इसे भी पढ़ें: बारिश में सर्दी-जुकाम और फ्लू से बचने के लिए क्या करना चाहिए? डॉक्टर से जानें
7. साफ-सफाई का ध्यान रखें
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के मुताबिक, बच्चे के लिए सिर्फ हेल्दी खाना ही काफी नहीं है, बल्कि हाइजीन का ध्यान रखना भी जरूरी है। साफ-सफाई का ध्यान रखने से बच्चों को बीमारियों से बचाने में मदद मिल सकती है। इसलिए, भोजन करने से पहले और बाद में उनका हाथ धुलवाएं, फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोने के बाद ही खिलाएं, खाने के बर्तन को साफ रखें, हमेशा साफ और सुरक्षित पानी ही पिलाएं।
किन बातों का रखें विशेष ध्यान?
- इस मौसम में बच्चों को लंबे समय तक खाली पेट न रहने दें
- बाहर खेलने के बाद हाथ-पैर साफ करवाएं
- बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़े तुरंत बदलें
- बच्चों को पर्याप्त और अच्छी नींद लेने दें, क्योंकि यह इम्यूनिटी को सपोर्ट करता है
- अगर बच्चा लगातार सुस्त रहे, खाना न खाए, उल्टी-दस्त या तेज बुखार हो तो डॉक्टर से कंसल्ट करें
निष्कर्ष
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि मानसून के मौसम में बच्चों की सेहत काफी हद तक उनके खानपान और हाइजीन पर निर्भर करती है। इसलिए, बच्चों की डाइट में ताजा और घर का बना भोजन, विटामिन सी से भरपूर फूड्स, पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, साफ पानी और संतुलित आहार शामिल करने की कोशिश करें। ऐसा करने से बच्चों की इम्यूनिटी बूस्ट हो सकती है। साथ ही स्ट्रीट या जंक फूड्स देने से बचें और हाइजीन का भी ध्यान रखें।
Image Credit: Freepik
FAQ
छोटे बच्चे बार-बार बीमार क्यों पड़ जाते हैं?
छोटे बच्चों के बार-बार बीमार पड़ने का मुख्य कारण उनकी कमजोर या अविकसित इम्यून सिस्टम, बैक्टीरिया के संपर्क में आना और साफ-सफाई की आदतें न होना है।बारिश के मौसम में कौन-कौन सी बीमारी होती है?
बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। वातावरण में नमी और पानी जमा होने के कारण इस समय इंफेक्शन तेजी से फैलते हैं, जो इन बीमारियों को बढ़ा सकते हैं।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jul 31, 2026 19:19 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dt Rakshita Mehra