मानसून में अक्सर लोगों को गर्मी से राहत मिलती है, लेकिन इसके साथ लोगों को कई तरह के इंफेक्शन और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिलाओं की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है। इस दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं को अन्य दिनों के मुकाबले अपने स्वास्थ्य और खानपान का खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। बैलेंस डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल न सिर्फ मां के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने बल्कि भ्रूण की ग्रोथ के लिए भी अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में आइए आयुर्वेदा की डायरेक्टर, स्त्री रोग विशेषज्ञ और आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा (Ayurvedic Dr. Chanchal Sharma, Director and Gynecologist, Asha Ayurveda) से जानते हैं कि मानसून के दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं को अपने खाने में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
बरसात में खानपान की किन बातों का ध्यान रखें?
आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, बरसात के मौसम में खानपान और साफ-सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए। ऐसा करने से स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने और बरसात में होने वाले इंफेक्शन और बीमारियों से बचा जा सकता है।
Food and Drug Administration के अनुसार, प्रेग्नेंट महिलाओं को फूड पॉइजनिंग का खतरा ज्यादा होता है, क्योंकि प्रेग्नेंसी उनके इम्यून सिस्टम की खाने से होने वाले इंफेक्शन से लड़ने की क्षमता पर असर डालती है।
ताजा और घर का बना भोजन करें
बारिश के मौसम में लंबे समय तक रखे हुए खाने में बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। ऐसे में इनसे बचने के लिए प्रेग्नेंट महिलाओं को हमेशा ताजा और घर पर बने फूड्स को खाना चाहिए। बाहर का खुला या अनहेल्दी खाना खाने से फूड पॉइजनिंग और पेट के इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। बाहर के खुले खाने में बैक्टीरिया तेजी से और जल्दी पनपते हैं।
साल 2010 में The Official Journal of the College of Family Physicians of Canada में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, अगर खाने को सही तरीके से रखा जाए और संभाला जाए, तो लिस्टेरिया इंफेक्शन का खतरा कम हो जाता है। प्रेग्नेंट महिलाएं सॉफ्ट चीज़, पैकेज्ड मीट और फ्रिज में रखे तुरंत खाने वाले फूड्स का सीमित मात्रा में सेवन कर सकती हैं, लेकिन ध्यान रहे कि ये सामान किसी अच्छी और भरोसेमंद दुकान से खरीदे गए हों और इन्हें खरीदने के तुरंत बाद ही खा लिया जाए।
साफ पानी पिएं
बरसात में अक्सर लोग पानी कम पीते हैं और कई बार दूषित पानी पीने से इंफेक्शन का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे में महिलाओं को इस दौरान उबला हुआ पानी पीना चाहिए। ध्यान रहे कि आप दिन भर में पर्याप्त पानी पी रही हैं। ऐसा करने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती है और पाचन बेहतर रहता है।
इसे भी पढ़ें: मानसून में गर्भवती महिलाओं के लिए इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फूड्स कौन से हैं? डॉक्टर से जानें
-1784473177530.jpg)
साफ-सफाई का ध्यान रखें
बरसात के मौसम में बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं। ऐसे में खाने की साफ-सफाई का खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, खाना खाने से पहले हाथों को भी अच्छे से साफ रखें।
मौसमी फल और सब्जियां अच्छी तरह धोकर खाएं
फल और सब्जियां शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल्स और फाइबर देते हैं। बरसात में इन्हें खाने से पहले अच्छी तरह साफ पानी से धोना जरूरी है ताकि मिट्टी, पेस्टिसाइड्स या अन्य गंदगी हट जाएं। कोशिश करें कि फलों को छीलकर खाएं। ऐसा करने से बीमारियों से बचा जा सकता है।
कच्चा खाना खाने से बचें
बरसात में किसी भी फूड को लंबे समय तक बाहर रखने से बचना चाहिए। इसके अलावा, इस दौरान महिलाओं को कच्ची सब्जियों का खाने से बचें। कच्ची सब्जियों में नमी रहने के कारण बैक्टीरिया की ग्रोथ तेजी से होती है। ऐसे में ताजा फल खाएं और अच्छे से पकी हुई ताजा सब्जियों को खाएं।
इसे भी पढ़ें: मानसून के दौरान लोग ज्यादा बीमार क्यों पड़ते हैं? जानें डॉक्टर से
प्रोटीन और विटामिन सी युक्त डाइट लें
प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को डाइट में प्रोटीन और विटामिन सी जैसे पोषक तत्वों से युक्त दालें, पनीर, दही, दूध, अंडे, अंकुरित अनाज, संतरा और नींबू को डाइट में शामिल करें। इनसे स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है।
फाइबर युक्त फूड खाएं
कई प्रेग्नेंट महिलाओं को कब्ज की समस्या हो सकती है। ऐसे में इस समस्या से राहत के लिए फाइबर से भरपूर साबुत अनाज, दालें, ताजी सब्जियां और फलों को डाइट में शामिल करें। पर्याप्त फाइबर युक्त फूड खाने और पानी का सेवन करने से पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है।
तली-भुनी और अत्यधिक मसालेदार चीजों से बचें
बरसात में अक्सर लोगों को तला-भूना खाना खाने के ज्यादा मन करता है, लेकिन ज्यादा तेल और मसाले वाला खाना खाने से गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याओं को बढ़ावा मिल सकता है। ऐसे में महिलाओं को हल्का, बैलेंस और आसानी से पचने वाला खाना खाना चाहिए।
बाहर का खाना न खाएं
बरसात में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, खासकर खुले खाने में। ऐसे में इस मौसम में प्रेग्नेंट महिलाओं को स्ट्रीट फूड्स खाने से बचना चाहिए। इन फूड्स को खाने से फूड पॉइजनिंग या स्वास्थ्य से जुड़ी कई अन्य समस्याएं हो सकती हैं।
डॉक्टर से कब मिलें?
बरसात के मौसम में अगर प्रेग्नेंट महिला को लगातार उल्टी होने, पेट दर्द, दस्त, बुखार और कमजोरी महसूस होने जैसी स्वास्थ्य समस्याएं महसूस होती हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
निष्कर्ष
बरसात के मौसम में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिसके कारण व्यक्ति को स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में इन समस्याओं से बचने के लिए प्रेग्नेंट महिलाओं को बैलेंस डाइट लेने, ताजा खाना खाने, खाने की साफ-सफाई का खास ध्यान रखने और साफ पानी पीने जैसे सलाह दी जाती है। इसके अलावा, किसी महिलाओं को बुखार, उल्टी, दस्त, पेट दर्द या स्वास्थ्य से जुड़ी कोई और परेशानी महसूस होती है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
All Images Credit- Freepik
FAQ
गर्भवती महिला को सुबह उठकर सबसे पहले क्या खाना चाहिए?
प्रेग्नेंसी में महिलाओं को डाइट में भिगोए हुए बादाम और अखरोट को खाना फायदेमंद होता है। इसके अलावा, शरीर को हाइड्रेट करने के लिए नॉर्मल पानी या डॉक्टर की सलाह अनुसार, नारियल पानी पी सकते हैं।प्रेग्नेंसी की शुरुआत में क्या नहीं करना चाहिए?
प्रेग्नेंसी की शुरुआत में बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा का सेवन करने से बचें, अल्कोहल और स्मोकिंग से दूरी बनाएं, ज्यादा कैफीन न पिएं, भारी वजन न उठाएं, पपीता न खाएं और कच्चे फूड्स को खाने से बचें।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jul 19, 2026 20:29 IST
Modified By : Priyanka Sharma Jul 19, 2026 20:29 IST
Modified By : Priyanka SharmaJul 19, 2026 20:29 IST
Modified By : Priyanka SharmaJul 19, 2026 20:29 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Chanchal Sharma