Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

मानसून में बीमारी से बचने के लिए सिर्फ पानी उबालकर पीना पर्याप्त नहीं, डायटीश‍ियन से जानें 5 जरूरी सावधानियां

क्‍या आप भी मानसून में पानी उबालकर पी लेते हैं और बीमार‍ियों के ख‍िलाफ सुरक्ष‍ित महसूस करते हैं? आपको बता दें क‍ि इतना करना काफी नहीं है। मानसून में बीमार‍ियों से बचने के ल‍िए आसान डाइट ट‍िप्‍स जान लें।

कई शहरों में मानसून ने दस्‍तक दे दी है। मानसून जहां एक तरफ गर्मी से राहत देता है, तो वहीं पानी से फैलने वाली बीमार‍ियों का कारण भी बनता है। इस मौसम में टाइफाइड, डेंगू, डायर‍िया, हैजा जैसी बीमार‍ियों का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को लगता है क‍ि मानसून में बीमार‍ियों से बचने के ल‍िए पानी उबालकर पीना काफी है, लेक‍िन यह केवल एक कदम है। मानसून में हाइजीन और साफ पानी का सेवन करने के साथ कुछ हेल्‍दी डाइट ट‍िप्‍स को भी फॉलो करना जरूरी है ताक‍ि जलज‍न‍ित बीमार‍ियों (Water Borne Diseases) के प्रकोप को रोका जा सके। मानसून में आसान डाइट ट‍िप्‍स को जानने के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

1. एंंटीबैक्‍टीर‍ियल गुणों वाले मसालों को डाइट में एड करें

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मानसून के मौसम में कुछ ऐसे मसालों का सेवन करें ज‍िनमें एंटीबैक्‍टीर‍ियल गुण होते हैं। ये आपको सीजनल इंफेक्‍शन से बचाने में मदद करेंगे। हल्‍दी, अदरक, लहसुन, काली म‍िर्च वगैरह को डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएं।

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2. कच्‍चे सलाद से सावधान रहें

मानसून में लोग अक्‍सर कच्‍चे सलाद का सेवन कर लेते हैं। कच्‍चा सलाद सेहत के ल‍िए हेल्‍दी होता है, लेक‍िन मानसून में इसका सेवन करने से बचना चाह‍िए। पालक, पत्ता गोभी वगैरह में बैक्‍टीर‍िया होते हैं जो मानसून में ग्रो करते हैं इसल‍िए कच्‍चे सलाद से बचें।

साल 2017 में 3 Biotech नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, कच्‍चे सलाद में ई.कोली बैक्‍टीर‍िया हो सकते हैं, जो फूडबॉर्न बीमारियों का खतरा बढ़ सकते हैं। स्‍टडी के मुताब‍िक, 480 सैंपल में से 16.7 प्रत‍िशत सैंपल में ई.कोली पाया गया।

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3. मानसून में सीफूड से परहेज करें

अगर आप भी मछली या अन्‍य सीफूड खाने के शौकीन हैं, तो आपको बता दें क‍ि मानसून के दौरान सीफूड खाने से बचना चाह‍िए। इससे जलजन‍ित रोग जैसे हेपेटाइट‍िस ए होने का खतरा बढ़ जाता है। सीफूड के साथ-साथ मानसून में नॉनवेज के अध‍िक सेवन से बचें। खासतौर पर कच्‍चे मीट को ज्‍यादा समय के ल‍िए स्‍टोर न करें और मीट का सेवन केवल अच्‍छी तरह से पकाकर ही करें।

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4. मानसून में प्रोबायोट‍िक्‍स से परहेज न करें

बहुत से लोग सोचते हैं क‍ि मानसून में प्राेबायोट‍िक्‍स का सेवन नहीं करना चाह‍िए, लेक‍िन यह केवल एक म‍िथक है। मानसून में दही, छाछ वगैरह को डाइट का ह‍िस्‍सा बना सकते हैं, ये गट में गुड बैक्‍टीर‍िया को बढ़ावा देने का काम करते हैं। गले में खराश होने पर दही का सेवन न करें।

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5. बाहर बर्फ का इस्‍तेमाल न करें

अगर आप घर से बाहर हैं, तो ड्र‍िंक्‍स का सेवन बर्फ के बगैर ही करें। अगर बर्फ को टैप वॉटर से जमाया होगा, तो वॉटर-बॉर्न ड‍िजीज होने का खतरा बढ़ सकता है, इसल‍िए मानसून में गले की खराश और दूष‍ित पानी से होने वाले इंफेक्‍शन से बचने के ल‍िए बर्फ का सेवन न करें।

नि‍ष्‍कर्ष:

मानसून में होने वाली बीमार‍ियों से बचने के ल‍िए पानी उबालकर पीने के साथ-साथ एंंटीबैक्‍टीर‍ियल गुणों वाले मसालों को डाइट में शाम‍िल करें, कच्‍चे सलाद का सेवन करने से बचें, मानसून में सीफूड, प्रोबायोट‍िक्‍स और बर्फ से परहेज करें। इस तरह आप मानसून में हेल्‍दी रह सकते हैं और मानसून इंजॉय कर सकते हैं।

FAQ

  • दूष‍ित पानी से कौन कौन सी बीमार‍ियां होती हैं?

    दूष‍ित पानी के संपर्क में आने से डायर‍िया, हैजा, टाइफाइड, हेपेटाइट‍िस ए जैसी बीमार‍ियां हो सकती हैं।
  • मानसून में बीमार‍ियों से बचने के ल‍िए क्‍या करें?

    खाने से पहले और टॉयलेट के इस्‍तेमाल के बाद हाथों को साफ करें, बाजार में ब‍िक रहे कटे फल या सब्‍जी का सेवन न करें, साथ ही घर के आसपास पानी जमा न होने दें।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 18, 2026 17:21 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jun 18, 2026 17:21 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh

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