Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

मानसून में हेल्‍दी प्रेग्नेंसी के ल‍िए गर्भवती महिलाएं क्या खाएं? डायटीशियन से जानें ऐसी 10 चीजें

मानसून में गर्भवती मह‍िलाओं को डाइट का खास ख्‍याल रखने की सलाह दी जाती है ताक‍ि डेंगू, मलेर‍िया, च‍िकनगुन‍िया जैसी बीमार‍ियों के ख‍िलाफ शरीर की इम्‍यून‍िटी मजबूत हो सके। जानें ऐसे 10 फूड्स के बारे में। 

मानसून में गर्भवती‍ मह‍िलाओं को सेहतमंद रहने के ल‍िए हेल्‍दी डाइट का सेवन करने की सलाह दी जाती है। मानसून में मां और गर्भस्‍थ श‍िशु की पोषण जरूरतें बढ़ जाती है क्‍योंक‍ि मानसून में अध‍िक नमी, पानी की कमी और भोजन से होने वाले इंफेक्‍शन का खतरा अध‍िक होता है। ऐसे में जरूरी है क‍ि डाइट में पौष्टिक और सुरक्ष‍ित चीजों को शाम‍िल क‍िया जाए। मानसून में गर्भवती महि‍लाओं को ऐसे फूड्स का सेवन करना चाह‍िए ज‍िसमें प्रोटीन, आयरन, फोलेट, कैल्शियम, आयोडीन, विटामिन डी जैसे पोषक तत्‍व मौजूद हों। डायटीश‍ियन से जानें ऐसे 10 फूड्स के बारे में ज‍िसे गर्भवती‍ मह‍िलाएं मानसून के दौरान डाइट में शाम‍िल कर सकती है। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

1. लौकी और कद्दू 

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Dietitian Smita Singh ने बताया क‍ि मानसून में लौकी, तोरई, कद्दू जैसी सब्‍जि‍यों का सेवन कर सकती हैं। इन सब्‍ज‍ियों में फाइबर मौजूद होता है। इनका सेवन करने पेट लंबे समय तक भरा रहता है और प्रेग्नेंसी में पाचन समस्‍याओं से बचने में मदद म‍िलती है।

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2. भुट्टा

मानसून के दौरान ताजा भुट्टा खा सकती हैं। इसमें फाइबर की भरपूर मात्रा होती है। गर्भावस्था में भुट्टा सामान्य मात्रा में खाया जा सकता है, लेकिन मानसून में इसकी साफ-सफाई और पकाने के तरीके पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। सड़क किनारे बिकने वाला भुट्टा अगर अस्वच्छ तरीके से तैयार किया गया हो, तो बैक्टीरियल संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है।

3. दही

दही में प्रोटीन और कैल्‍श‍ियम होता है इसे मानसून डाइट का ह‍िस्‍सा बना सकती हैं। दही का सेवन करने से पाचन मजबूत होता है। गर्भवत‍ी मह‍िलाएं घर का ताजा दही खा सकते हैं। दही को फल, ओट्स और भोजन के साथ ले सकते हैं।

4. दालें जैसे मूंग दाल और चना दाल

Dietitian Smita Singh ने बताया क‍ि गर्भवती मह‍िलाएं मानसून में पौष्‍ट‍िक दालें जैसे मूंग दाल या चना दाल का सेवन कर सकती हैं। इनमें प्रोटीन, फाइबर, फोलेट और आयरन जैसे कई पोषक तत्‍व पाए जाते हैं। मूंग दाल को खिचड़ी, दाल या सूप के रूप में लिया जा सकता है।

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5. नट्स

गर्भवती मह‍िलाएं मानसून में नट्स जैसे अखरोट और बादाम का सेवन कर सकती हैं। इसमें हेल्‍दी फैट्स, प्रोटीन, फाइबर जैसे पोषक तत्‍व पाए जाते हैं। इससे मानसून में गर्भवती‍ मह‍िलाओं को थकान और कमजोरी से बचने में मदद म‍िल सकती है। ध्‍यान रहे क‍ि मानसून में नट्स को नमी से बचाने के ल‍िए एयरटाइट कंटेनर का इस्‍तेमाल करें।

6. कद्दू के बीज

कद्दू के बीच में प्रोटीन, मैग्नीशियम, जिंक और हेल्दी फैट्स मौजूद होते हैं। गर्भवती मह‍िलाएं इसे स्नैक के रूप में खा सकती हैं। साथ ही ध्‍यान रखें क‍ि मानसून में बीजों को नमी से बचाकर रखना जरूरी है, क्योंकि नमी से इनमें फफूंद लग सकती है। बाजार से पैक्ड बीज खरीदते समय पैकेजिंग और एक्सपायरी डेट देखें।

7. व‍िटाम‍िन सी र‍िच फूड्स

Dietitian Smita Singh ने कहा, ''मानसून में गर्भवती मह‍िलाएं व‍िटाम‍िन सी र‍िच फूड्स का सेवन कर सकती हैं। संतरा में व‍िटाम‍िन सी और फोलेट जैसे पोषक तत्‍व होते हैं जो गर्भवती मह‍िलाओं की सेहत के ल‍िए जरूरी माने जाते हैं। हालांक‍ि, अगर मह‍िला को एस‍िड‍िटी है, तो खट्टे फलों का सेवन करने से बचें वरना एस‍िड‍िटी बढ़ सकती है।''

8. अंडा

अंडा प्रोटीन और कोलीन का अच्‍छा स्रोत है। कोलीन, भ्रूण के द‍िमाग और तंत्र‍िका तंत्र के व‍िकास में अहम भूम‍िका न‍िभाता है। अंडे को अच्‍छी तरह से पकाकर ही खाएं। कच्‍चे या अधपके अंडे में साल्‍मोनेला जैसे बैक्‍टीर‍िया हो सकते हैं इसल‍िए अंडे को ठीक से पकाना जरूरी है।

9. नारियल पानी

प्रेग्नेंसी में मानसून के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखने के ल‍िए पानी के अलावा नार‍ियल पानी का सेवन कर सकती हैं। उमस भरे मौसम में नार‍ियल पानी पीकर राहत म‍िलेगी और इलेक्‍ट्रोलाइट्स की कमी नहीं होगी। हालांक‍ि, अगर आपको डायबि‍टीज है या आप क‍िडनी की मरीज हैं, तो नार‍ियल पानी का सेवन डॉक्‍टर की सलाह के बगैर न करें।

10. सीजनल फल

  • मानसून में एक से दो केला खा सकते हैं।
  • बेरीज या सेब का सेवन कर सकते हैं।
  • सीजनल फ्रूट्स का सेवन करें।

प्रेग्नेंसी में क‍िन चीजों का सेवन करने से बचें?

  • कोई भी बासी चीजों का सेवन न करें।
  • अगर आप वर्कि‍ंग मह‍िला हैं, तो पहले से पका हुआ खाने से बचें।
  • ऑयली, स्‍पाइसी या गर्म मसाले वाली चीजों से बचें। इससे डाइजेशन धीमा हो जाता है और बइहदमी हो सकती है।
  • प्रेग्नेंसी में डायर‍िया से बचना चाह‍िए इसल‍िए ज्‍यादा हैवी चीजों का सेवन न करें क्‍योंक‍ि इससे दस्‍त का खतरा ज्‍यादा होता है जैसे प्रोसेस्‍ड फूड्स या जंक फूड्स।

न‍िष्‍कर्ष:

गर्भवती मह‍िलाएं मानसून में लौकी, तोरई, भुट्टा, दही, दालें जैसे मूंग दाल, चना दाल, नट्स, कद्दू के बीज, अंडे, व‍िटाम‍िन सी र‍िच फूड्स, नार‍ियल पानी, सीजनल फलों आद‍ि का सेवन कर सकती हैं। मानसून में बासी चीजें, ज्‍यादा ऑयली, म‍िर्च-मसाले वाला भोजन करने से बचें। प्रेग्नेंसी में प्रोसेस्‍ड फूड्स या जंक फूड्स के सेवन से भी बचना चाह‍िए।

FAQ

  • क्या प्रेग्नेंसी में चाय और कॉफी पी सकते हैं?  

    प्रेग्नेंसी में चाय और कॉफी पी सकते हैं, लेक‍िन ब‍िना दूध के पीना बेहतर होता है। प्रेग्नेंसी में अध‍िक मात्रा में कैफीन का सेवन करने से बचना चाह‍िए। इससे एस‍िड‍िटी हो सकती है। 
  • प्रेग्नेंसी में कब्ज होने पर क्या खाना चाहिए?

    प्रेग्नेंसी में कब्ज होने पर दही, केला नाशपाती, दल‍िया, मूंग दाल और पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन करना चाह‍िए।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 14, 2026 20:07 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
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