Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Prof Dr Smriti Agrawal , Professor & Gynaecologist - Department of Obstetrics & Gynaecology

गर्मी के कारण प्रेग्नेंसी में चिड़चिड़ापन और उदासी? डॉक्टर से जानें स्ट्रेस-फ्री प्रेग्नेंसी के 5 टिप्स

गर्मि‍यों में ज्‍यादा तापमान, नमी और पसीने की वजह से गर्भवती मह‍िलाओं का शारीर‍िक और मानस‍िक स्‍वास्‍थ्‍य प्रभाव‍ित हो सकता है। अच्‍छी सेहत के ल‍िए कुछ आसान ट‍िप्‍स के बारे में इस लेख के माध्यम से आगे जानेंगे।

प्रेग्नेंसी के दौरान मह‍िलाओं के शरीर का तापमान सामान्‍य से ज्‍यादा होता है। ऐसे में गर्मि‍यों का मौसम उन्‍हें ज्‍यादा परेशान करता है। गर्मि‍योंं में ड‍िहाइड्रेशन, हीटस्‍ट्रोक, ह्यूम‍िड‍िटी जैसे कारकोंं की वजह से नींंद ड‍िस्‍टर्ब हो सकती है, भूख कम हो सकती है, स्‍ट्रेस महसूस हो सकता है, ज्‍यादा थकान जैसी समस्‍याएं भी हो सकती हैं। गर्मियों में प्रेग्नेंसी को स्‍ट्रेस फ्री बनाने वाले आसान ट‍िप्‍स जानने के ल‍िए हमने डॉ. स्मृति अग्रवाल, प्रोफेसर एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ, प्रसूति एवं स्त्रीरोग विभाग, केजीएमयू, यूपी लखनऊ (Dr. Smriti Agrawal, Professor & Gynaecologist At Department Of Obstetrics & Gynaecology, King George's Medical University, Lucknow) से बात की।

1. गर्मि‍यों में ह्यूम‍िड‍िटी से बचें

साल 2023 में Frontiers In Public Health नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, मौसम और ह्यूमिडिटी जैसे फैक्टर्स प्रेग्नेंसी से जुड़ी समस्‍याओं में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ज्यादा नमी और गर्म मौसम प्रेग्नेंसी में शरीर के तापमान कंंट्रोल करने वाली प्रणाली और ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकते हैं। गर्मि‍योंं में ह्यूम‍िड‍िटी के कारण असहजता महसूस हो सकती है। इससे बचने के ल‍िए हल्‍के और आरामदायक सूती कपड़े पहनें। साथ ही हाइड्रेशन का ख्‍याल रखें, पर्याप्‍त मात्रा में पानी प‍िएं और खुलेदार ख‍िड़की वाले कमरे में रहें ताक‍ि ताजी हवा म‍िलती रहे। प्रेग्नेंसी में गर्मी को कंंट्रोल करके तनावमुक्‍त रहने में मदद मि‍लेगी।

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2. गर्मि‍यों में अन‍िद्रा से बचें

गर्म‍ियों में पसीना और ज्‍यादा तापमान के कारण सोने में परेशानी होती है। अन‍िद्रा के कारण स्‍ट्रेस भी महसूस होता है। गर्भवती मह‍िलाएं सोने से पहले डीप ब्रीद‍िंग एक्‍सरसाइज और मेड‍िटेशन की मदद ले सकती हैं। साथ ही दोपहर के समय थोड़ी देर सोने का प्रयास करें ताक‍ि नींंद पूरी हो सके।

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3. गर्म‍ियों में भूख न लगने की समस्‍या से कैसे न‍िपटें?

गर्मि‍यों के मौसम में सामान्‍य व्‍यक्‍त‍ि को भी पसीना और गर्मी के कारण ज्‍यादा कुछ खाने का मन नहीं करता, लेक‍िन गर्भवती मह‍िलाओं के ल‍िए पोषक तत्‍वों से भरपूर आहार लेना जरूरी है। होने वाली मांं और गर्भस्‍थ श‍िशु की अच्‍छी सेहत के ल‍िए न्‍यूट्र‍िएंट्स का सेवन जरूरी है। ताजे फल और सब्‍ज‍ियोंं को अपनी डाइट में शाम‍िल करें, हर्बल टी, प्रोटीन, कैल्‍श‍ियम, आयरन जैसे पोषक तत्‍वों से भरपूर चीजों का सेवन करें। हेल्‍दी डाइट लेने से शारीर‍िक और मानस‍िक सेहत भी अच्‍छी रहती है।

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4. गर्मि‍योंं में द‍िनचर्या सुधारें

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गर्मि‍यों के मौसम में गर्भवती मह‍िलाओं को स्‍ट्रेस फ्री रहना है, तो गर्मी को कंट्रोल करना जरूरी है। इसके ल‍िए अपनी द‍िनचर्या को सूरज के समय के मुताब‍िक बनाएं। देर तक सोने के बजाय सुबह जल्‍दी उठें, बाहर टहलें, हल्‍की एक्‍सरसाइज करें और तापमान बढ़ने से पहले नाश्‍ता कर लें। इसी तरह 12 से 2 के बीच लंच, 4 से 5 के बीच ईवन‍िंग स्नैक्स और रात को को 8 बजे तक ड‍िनर खत्‍म कर लें। इस तरह पूरे द‍िन को मैनेज करने में आसानी होगी।

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5. असामान्‍य लक्षणों से बचें

प्रेग्नेंसी में तनावमुक्‍त रहने के ल‍िए इस बात पर गौर करना जरूरी है क‍ि कहींं आपके शरीर में कुछ असामान्‍य तो नहींं हो रहा है? चक्‍कर, असामान्‍य हार्टबीट, गहरे रंग का यूर‍िन, आंखों से धुंंधला द‍िखना, लगातार स‍िर दर्द जैसे लक्षण नजर आने पर डॉक्‍टर से संंपर्क करें। हाई-र‍िस्‍क प्रेग्नेंसी के मामले में लगातार डॉक्‍टर के संंपर्क में रहें।

न‍िष्‍कर्ष:

गर्म‍ियों में गर्भवती मह‍िलाएं स्‍ट्रेस फ्री रहने के ल‍िए असामान्‍य लक्षणों से बचें, अपनी द‍िनचर्या सुधारें, भूख न लगने की समस्‍या से बचें, गर्मि‍यों में अन‍िद्रा और ह्यूम‍िड‍िटी से बचें।

FAQ

  • गर्म‍ियोंं में गर्भवती मह‍िलाओंं को कौन सी समस्‍याएंं होती हैं?

    गर्म‍ियों में गर्भवती महि‍लाओं को ड‍िहाइड्रेशन, ज्‍यादा थकान, कमजोरी, सूजन, लो बीपी, स्‍क‍िन रैशेज जैसी समस्‍याएंं हो सकती हैं।
  • गर्म‍ियों में गर्भवती मह‍िलाएं ड‍िहाइड्रेशन से कैसे बचें?

    पर्याप्‍त मात्रा में पानी प‍िएं, नार‍ियल पानी, छाछ, हर्बल टी, पानी से भरपूर फल जैसे तरबूज और खरबूजा खाएंं और कैफीन एवं मीठे ड्र‍िंक्‍स से बचें।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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