प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को अपनी डाइट का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। गर्मियों में खासतौर पर डाइट पर फोकस करना जरूरी है क्योंकि इस मौसम में डिहाइड्रेशन, थकान, कब्ज और कमजोरी जैसी समस्याएं जल्दी हो सकती हैं। ऐसे में सही आटे का चुनाव मां और होने वाले बच्चे दोनों की सेहत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। आमतौर पर लोग गेहूं के आटे का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आजकल रागी और खपली गेहूं (Emmer Wheat) का आटा भी हेल्दी विकल्प के रूप में काफी पसंद किया जा रहा है। प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए गर्मियों में बेस्ट आटे के बारे में जानने के लिए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।
प्रेग्नेंसी में फायदेमंद है रागी का आटा
रागी का आटा प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए बेहद पौष्टिक माना जाता है। इसमें कैल्शियम, आयरन और फाइबर अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। कैल्शियम बच्चे की हड्डियों के विकास में मदद करता है, जबकि आयरन शरीर में खून की कमी को रोकने में मदद करता है। गर्मियों में रागी शरीर को ठंडक देने में भी मदद कर सकती है। इसका फाइबर डाइजेशन बेहतर रखने और कब्ज की समस्या कम करने में मदद करता है, जो प्रेग्नेंसी में काफी आम होती है।
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गेहूं की जगह खपली गेहूं आटा चुन सकती हैं

Nutritionist Neha Sinha ने बताया कि खपली गेहूं के आटे का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और यह नॉर्मल गेहूं के आटे से ज्यादा पोषण देता है। इसमें ग्लूटेन की मात्रा भी नॉर्मल गेहूं के आटे के मुकाबले कम होती है और डायबिटिक मरीजों के लिए यह आटा ज्यादा फायदेमंद होता है।
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खपली गेहूं आटा क्या होता है?
गेहूंं के आटे की जगह खपली गेहूं का आटा (Khapli Atta or Emmer Wheat Flour) चुन सकते हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान जिन महिलाओं को शुगर लेवल कंट्रोल रखने की सलाह दी जाती है, उनके लिए यह एक बेहतर विकल्प हो सकता है। साल 2017 में Journal Of Central European Agriculture नामक जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुतबिक, खपली गेहूं के आटे में फाइबर, मिनरल्स और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व होते हैं जो गर्भवती महिलाओं की बढ़ी हुई पोषण जरूरतों के लिए असरदार माने जाते हैं। हालांकि स्टडी में सीधे प्रेग्नेंसी के लिए खपली गेहूं आटा के फायदे नहीं बताए गए हैं।
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खपली गेहूं आटा में फाइबर ज्यादा होता है
खपली गेहूं आटा में फाइबर ज्यादा होने के कारण यह पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकता है और कब्ज की समस्या को कम करने में भी मदद करता है। हालांकि, अगर किसी महिला को गेहूं से एलर्जी या ग्लूटेन से जुड़ी समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह के बिना इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
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सिर्फ एक ही आटे पर निर्भर न रहें
प्रेग्नेंसी में सिर्फ एक प्रकार के आटे पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग अनाजों को डाइट में शामिल करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। ज्वार और बाजरा जैसे अनाज शरीर को अलग-अलग पोषक तत्व देते हैं।
निष्कर्ष:
गर्मियों में प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए रागी और खपली गेहूं का आटा दोनों ही फायदेमंद विकल्प हो सकते हैं। रागी कैल्शियम और आयरन का अच्छा स्रोत है, जबकि खपली गेहूं ज्यादा फाइबर और बेहतर डाइजेशन के लिए जाना जाता है। इसके अलावा ज्वार और बाजरा का भी सेवन कर सकती हैं।
FAQ
प्रेग्नेंसी में मल्टीग्रेन आटा खा सकते हैं?
प्रेग्नेंसी में मल्टीग्रेन आटा खाया जा सकता है। यह डाइजेशन बेहतर रखने और लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराने में मदद कर सकता है।केवल गेहूं का आटा खाने के नुकसान क्या हैं?
सिर्फ गेहूं का आटा खाने से शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते। केवल गेहूं खाने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है।
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Current Version
May 29, 2026 16:46 IST
Modified By : Yashaswi Mathur May 29, 2026 16:46 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha