शुरुआती प्रेग्नेंसी में हर गर्भवती महिला को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। असल में, इन्हीं दिनों गर्भपात का खतरा सबसे अधिक होता है। इसलिए महिलाओं को सलाह दी जाती है कि इन दिनों अपने खानपान और फिजिकल मूवमेंट का ध्यान रखें। यहां तक कि कई प्रेग्नेंट महिलाएं इस दौरान काॅफी-चाय का सेवन करने से पूरी तरह बचती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें लगता है कि शुरुआती प्रेग्नेंसी में ज्यादा चाय या काॅफी पीने से मिसकैरेज हो सकता है। यहां सवाल उठता है कि क्या वाकई यह सच है? इस संबंध में जानने के लिए हमने Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से बात की है।
क्या वाकई ज्यादा चाय-काॅफी पीने से मिसकैरेज होता है?
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साल 2008 में American Journal of Obstetrics & Gynecology में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, "गर्भावस्था के दौरान कम मात्रा में कैफीन का सेवन करने वाली प्रेग्नेंट महिलाओं की तुलना में अधिक कैफीन लेने वाली महिलाओं में गर्भपात का जोखिम अधिक पाया गया।" इसका मतलब है कि यह सच है कि वाकई ज्यादा चाय या काॅफी पीने से मिकसैरेज का रिस्क हो सकता है। हालांकि, इसी स्टडी में यह भी बताया गया है कि सीमित मात्रा में कैफीन का सेवन करने से इस तरह की समस्या नहीं होती है।
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प्रेग्नेंसी में कितनी मात्रा में पिएं चाय-काॅफी?
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डाॅ. शोभा गुप्ता के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान 200 mg (लगभग 1 से 2 कप कॉफी) तक काॅफी पीना पूरी तरह सेफ होता है। इससे मिसकैरेज का रिस्क नहीं बढ़ता है। हां, अगर 200-300 mg तक रोजाना काॅफी पी जाए, तो यह गर्भवती महिला के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। यहां तक कि मिसकैरेज का रिस्क भी बढ़ जाता है। डाॅ. शोभा गुप्ता आगे सलाह देती हैं कि अगर किसी गर्भवती महिला को बीपी से संबंधित समस्या है, तो उन्हें काॅफी का सेवन करने से पहले अपने एक्सपर्ट से बात करनी चाहिए।
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अधिक मात्रा में कैफीन क्यों रिस्की है?
- अधिक मात्रा में कैफीन पीने से यह प्लेसेंटा को क्राॅस करके सीधे बच्चे तक पहुंच सकता है।
- कैफीन की वजह से मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया बाधित होती है, जिससे गर्भ में पल रहे शिशु को विकसित होने के लिए जो एंजाइम चाहिए, उसमें कमी आने लगती है।
- कैफीन के कारण ब्लड वेसल्स संकुचित हो जाती हैं, जिस वजह से ब्लड फ्लो पर असर पड़ सकता है। यह स्थिति भी भ्रूण के विकास के लिए सही नहीं है।
निष्कर्ष
प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में चाय या काॅफी पीने में कोई बुराई नहीं है। हालांकि, इसकी मात्रा को सीमित रखना जरूरी है। साथ ही, इस बात का ध्यान रखें कि अगर पहले से ही कोई समस्या है, तो इसे अपनी बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बनाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लें।
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FAQ
एक कप चाय या कॉफी में कितना कैफीन होता है?
एक कप कॉफी में 95-100mg और एक कप चाय में 30-50mg कैफीन पाई जाती है।क्या डार्क चॉकलेट या कोल्ड ड्रिंक में भी कैफीन होता है?
हां, सोडा, डार्क चॉकलेट और कुछ एनर्जी ड्रिंक्स में भी कैफीन होता है।क्या कैफीन छोड़ने से गर्भपात का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाता है?
नहीं, गर्भपात के कई अन्य कारण भी होते हैं, जो स्वास्थ्य से जुड़े होते हैं। हालांकि, प्रेग्नेंसी में कैफीन की मात्रा सीमित रखना फायदेमंद है।
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Apr 29, 2026 12:18 IST
Modified By : Meera Tagore Apr 29, 2026 12:18 IST
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Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta