Fri Sep 11, 2026 | 08:59 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

क्या कॉफी पीने से कमजोर होती हैं हड्डियां? जानें इसमें क‍ितनी सच्‍चाई है?

कई लोगों को लगता है कि‍ ज्‍यादा चाय या कॉफी जैसे कैफीन युक्‍त ड्र‍िंक्‍स का सेवन करने से हड्ड‍ियां कमजोर हो जाती हैं। जानें बोन हेल्‍थ और कॉफी में कोई संबंध है या नहीं?

कई घरों में सुबह की शुरुआत एक कप कॉफी के साथ होती है। नींद दूर करनी हो या सुस्‍ती को भगाना हो, बस एक कप कॉफी पी लो और तरोताजा महसूस होता है, लेक‍िन कुछ लोग मानते हैं क‍ि कॉफी का ज्‍यादा सेवन करने से हड्ड‍ियों की सेहत कमजोर होती है। लोगों का मानना है क‍ि कॉफी में मौजूद कैफीन, हड्डि‍यों की सेहत को प्रभाव‍ित करता है। जानें इस बात में क‍ितनी सच्‍चाई है? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

कॉफी पीने से हड्डि‍यां कमजोर नहीं होतीं

does-coffee-cause-weak-bones

Nutritionist Neha Sinha ने बताया क‍ि कॉफी में कैफीन नाम का तत्‍व पाया जाता है, जो शरीर को एक्‍ट‍िव रखने और थकान को कम करने में मदद करते हैं। हालांक‍ि इसका संबंध हड्ड‍ियों को कमजोर करने या मजबूत करने के साथ नहीं देखा गया है। हालांक‍ि कैफीन का ज्‍यादा सेवन शरीर में कैल्‍श‍ियम एब्‍जॉर्ब होने की प्रक्र‍िया को प्रभाव‍ित कर सकता है। हड्ड‍ियों की मजबूती के ल‍िए कैल्‍श‍ियम एक जरूरी पोषक तत्‍व है।

यह भी पढ़ें- क्या किडनी के मरीजों के लिए सुरक्षित है 'प्रोटीन कॉफी'? पीने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

क्‍या कहती है स्‍टडी?

साल 2022 में Osteoporosis International नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, कैफीन कैल्‍श‍ियम के मेटाबॉल‍िज्‍म और व‍िटाम‍िन डी की क्र‍िया को प्रभाव‍ित कर सकती है। हालांक‍ि इससे हड्ड‍ियों की सेहत प्रभाव‍ित हो, ऐसा कोई तथ्‍य स्‍टडी में नहीं बताया गया है। साथ ही कैफीन से बोन म‍िनरल डेंस‍िटी प्रभाव‍ित होती है, इसका भी कोई फैक्‍ट स्‍टडी में द‍िया नहीं गया है।

यह भी पढ़ें- क्या कॉफी पीने से सिरदर्द में राहत मिलती है? डॉक्टर ने बताए फायदे और नुकसान

क‍ितनी कॉफी पीनी चाह‍िए?

स्‍वस्‍थ वयस्‍क द‍िनभर में करीब 200 से 300 म‍िलीग्राम कैफीन का सेवन कर सकते हैं। यानी एक से दो कप कॉफी का सेवन कर सकते हैं। अगर कोई व्‍यक्‍त‍ि बहुत ज्‍यादा कॉफी पीता है, तो उसके आहार में कैल्‍श‍ियम एब्‍जॉर्ब होने की क्षमता प्रभाव‍ित हो सकती है।

यह भी पढ़ें- ग्रीन टी या ब्लैक कॉफी: सुबह की शुरुआत के लिए क्या है ज्यादा बेहतर? जानें न्यूट्रिशनिस्ट की राय

किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?

  • मेनोपॉज की फेज में चल रही मह‍िलाएं
  • बुजुर्ग लोग
  • ज‍िनके शरीर में कैल्‍शि‍यम या व‍िटाम‍िन डी की कमी हो
  • जो लोग बहुत ज्‍यादा कैफीन का सेवन करते हों

यह भी पढ़ें- क्या खाली पेट कॉफी पीना हार्ट के लिए नुकसानदायक है?

हड्ड‍ियों को मजबूत बनाने के ल‍िए क्‍या करें?

  • हड्ड‍ियों को हेल्‍दी रखने के ल‍िए कैल्‍श‍ियम र‍िच फूड्स का सेवन करें जैसे दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां वगैरह।
  • पर्याप्‍त मात्रा में व‍िटाम‍िन डी लें क्‍योंक‍ि इससे कैल्‍श‍ियम एब्‍जॉर्ब करने में मदद म‍िलती है।
  • न‍ियम‍ित रूप से वॉक करें ओर वेट ब‍ियर‍िंग एक्‍सरसाइज करें।
  • धूम्रपान और ज्‍यादा अल्‍कोहल का सेवन करने से बचें।
  • कैफीन युक्‍त ड्र‍िंक्‍स का सेवन सीमि‍त करें और संतुल‍ित आहार का सेवन करें।

न‍िष्‍कर्ष:

कैफीन का कोई खास कनेक्‍शन हड्ड‍ियों की सेहत के साथ नहीं देखा गया है। ज्‍यादा कैफीन का सेवन कैल्‍श‍ियम एब्‍जॉर्ब होने की प्रक्र‍िया को प्रभाव‍ित कर सकता है, लेक‍िन इसका हड्डि‍यों को कमजोर करने के साथ सीधा कोई संबंध नहीं देखा गया है।

FAQ

  • हड्ड‍ियां कमजोर होने के लक्षण क्‍या हैं?

    हड्ड‍ियोंं में बार-बार दर्द होना, हड्ड‍ियों का कमजोर होना, उम्र बढ़ने के साथ हड्ड‍ियों का जल्‍दी कमजोर होना वगैरह इसके संकेत हो सकते हैं।
  • हड्ड‍ियों को मजबूत बनाने के ल‍िए क्‍या खाएं?

    हड्ड‍ियों को मजबूत बनाने के ल‍िए दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्‍ज‍ियां, बादाम और अंडे का सेवन कर सकते हैं।

Read Next

क्या खाने के साथ फल खाना सही है? न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से जानें सही तरीका

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jun 16, 2026 19:25 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jun 16, 2026 19:25 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content