Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Bharath Kumar Surisetti , Consultant Neurologist | MD, DM (Neurology), PDF Movement Disorders (NIMHANS)

ज्यादा कैफीन पीने से क्या दिमाग स्लो हो सकता है? डॉक्टर से जानें सच

कैफीन एक स्टिमुलेंट है, जो कॉफी, चाय, एनर्जी ड्रिंक्स और कुछ सॉफ्ट ड्रिंक्स में पाया जाता है। सीमित मात्रा में कैफीन फोकस बढ़ा सकता है, लेकिन ज्यादा सेवन नींद, याददाश्त और मेंटल परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकता है।

आज के समय में कई लोग सुबह की शुरुआत से लेकर देर रात तक कैफीन का इस्तेमाल एनर्जी बढ़ाने, नींद भगाने और फोकस बढ़ाने के लिए करते हैं। सीमित मात्रा में कैफीन मेंटल अलर्टनेस और एकाग्रता यानी फोकस को बढ़ाने में मदद कर सकता है, लेकिन जब इसका सेवन जरूरत से ज्यादा होने लगता है, तो यह शरीर और दिमाग दोनों पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या ज्यादा कैफीन वास्तव में दिमाग की कार्यक्षमता यानी फंक्शन को धीमा कर सकता है? इस लेख में यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट, Dr. Bharath Kumar Surisetti से जानिए, ज्यादा कैफीन पीने से क्या दिमाग स्लो हो सकता है?

ज्यादा कैफीन पीने से क्या दिमाग स्लो हो सकता है?

डॉ. भरत कुमार सुरीसेट्टी बताते हैं कि ज्यादा मात्रा में कैफीन लेने से दिमाग में ओवरस्टिमुलेशन हो सकती है। इससे व्यक्ति को शुरुआत में एनर्जी महसूस होती है, लेकिन बाद में बेचैनी, घबराहट और फोकस में गिरावट देखने को मिल सकती है। कुछ मामलों में यह ब्रेन फॉग यानी मानसिक धुंध जैसी स्थिति पैदा कर सकता है, जिसमें सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता धीमी हो जाती है। लगातार ज्यादा कैफीन लेने से नींद की क्वालिटी भी प्रभावित होती है, और खराब नींद सीधे तौर पर याददाश्त और फोकस को कमजोर कर सकती है। यही कारण है कि ज्यादा कैफीन लंबे समय में दिमाग के फंक्शन को अप्रत्यक्ष रूप से धीमा कर सकता है।

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  • ज्यादा कैफीन केवल दिमाग ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है। इससे दिल की धड़कन तेज होना, ब्लड प्रेशर बढ़ना, पेट में जलन, एसिडिटी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • मानसिक रूप से यह चिड़चिड़ापन, चिंता और मूड स्विंग्स का कारण भी बन सकता है।
  • डॉक्टर भरत कुमार सुरीसेट्टी के अनुसार, जब शरीर लगातार कैफीन पर निर्भर हो जाता है, तो बिना कैफीन के थकान और सुस्ती महसूस होने लगती है, जिससे प्रोडक्टिविटी प्रभावित होती है।

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can caffeine slow down brain function

डॉक्टर की सलाह

डॉ. भरत कुमार सुरीसेट्टी के अनुसार, बच्चों, प्रेग्नेंट महिलाओं, हार्ट के पेशेंट और चिंता या नींद की समस्या से जूझ रहे लोगों को कैफीन का सेवन बहुत सीमित मात्रा में करना चाहिए। इन लोगों में कैफीन का प्रभाव ज्यादा तेजी से और ज्यादा तीव्र हो सकता है। इसके अलावा, दिन के अंत में कैफीन लेने से नींद की साइकिल प्रभावित होती है, जिससे अगले दिन ध्यान केंद्रित यानी फोकस करने की क्षमता कमजोर हो सकती है।

निष्कर्ष

ज्यादा कैफीन शुरुआत में एनर्जी और अलर्टनेस बढ़ा सकता है, लेकिन ज्यादा सेवन दिमाग के फंक्शन को प्रभावित कर सकता है। यह ध्यान, याददाश्त और नींद पर नकारात्मक असर डालकर मेंटल परफॉर्मेंस को कमजोर कर सकता है। इसलिए कैफीन का सेवन सीमित और संतुलित मात्रा में करना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।

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FAQ

  • क्या कैफीन तुरंत एनर्जी देता है?

    सीमित मात्रा में कैफीन अस्थायी रूप से एनर्जी बढ़ा सकता है।
  • कैफीन की सुरक्षित मात्रा क्या है?

    आमतौर पर 1-2 कप कॉफी या सीमित चाय को सुरक्षित माना जाता है, लेकिन यह व्यक्ति पर निर्भर करता है।
  • क्या कैफीन नींद को प्रभावित करता है?

    हां, खासकर शाम या रात में कैफीन लेने से नींद की क्वालिटी खराब हो सकती है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 30, 2026 21:09 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jun 30, 2026 21:09 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Bharath Kumar Surisetti

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