कहीं आपके मूड स्विंग्स का कारण इन 4 पोषक तत्वों की कमी तो नहीं? जानें कैसे करें आपूर्ति

शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी से मूड में असंतुलन, डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी समस्याएं होने लगती है। इसके लिए पौष्टिक और संतुलित आहार लें।

Priya Mishra
Written by: Priya MishraUpdated at: Oct 10, 2022 16:10 IST
कहीं आपके मूड स्विंग्स का कारण इन 4 पोषक तत्वों की कमी तो नहीं? जानें कैसे करें आपूर्ति

Mood Swings Kyun Hote Hai: पौष्टिक और संतुलित खानपान ना केवल स्वस्थ शरीर, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत जरूरी है। यही वजह है कि हमारे बड़े-बुजुर्ग हमें घर का बना शुद्ध और पौष्टिक भोजन खाने की सलाह देते हैं। डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी ज्यादातर मानसिक समस्याएं दिमाग में सूजन के कारण होती हैं, जिसके कारण ब्रेन सेल्स मर जाती हैं। मूड में असंतुलन और पोषण की कमी के बीच सीधा संबंध है। जब भी किसी मरीज को मूड स्विंग्स या तनाव-डिप्रेशन जैसी शिकायतें होती हैं, तो डॉक्टर उसके शरीर में पोषण की मात्रा की जांच करते हैं। दरअसल, जब हमारे शरीर में विटामिन, मिनरल्स, जिंक्स, प्रोबायोटिक्स और ओमेगा -3 फैटी एसिड जैसे आवश्यक पोषक तत्वों की कमी होती है, तो इससे मूड में असंतुलन, डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी समस्याएं होने लगती है। जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर और संतुलित आहार की मदद से मस्तिष्क को दुरुस्त रखने में मदद मिलती है। तो आइए, जानते हैं कि कौन से पोषक तत्वों की कमी से मूड में बदलाव और असंतुलन हो सकता है - 

इन 4 पोषक तत्वों की कमी से  मूड स्विंग्स हो सकते हैं - 4 Nutritional Deficiencies That Can Cause Mood Swings In Hindi

विटामिन बी6

मानसिक स्वास्थ्य के लिए विटामिन बी6, सबसे महत्वपूर्ण विटामिनों में से एक है। शरीर में विटामिन बी6 की कमी के कारण बेचैनी, चिड़चिड़ापन, कंफ्यूज़न, थकावट, डिप्रेशन और प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (पीएमएस) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विटामिन-बी6 से भरपूर फूड्स, मूड को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। इसके लिए अपनी डाइट में सीफूड, मांस, नट्स, बीन्स और हरी-पत्तेदार सब्जियां शामिल करें।  

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एंटीऑक्सीडेंट्स

ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी गंभीर समस्याएं होती हैं। यह मस्तिष्क में सूजन का कारण बन सकता है, जिससे मूड स्विंग की दिक्क्त हो सकती है। इस समस्या से बचने के लिए अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियों, फलों और नट्स को शामिल करें, क्योंकि इनमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं। इसके अलावा, प्रोसेस्ड कार्ब्स, शुगर और केमिकल्स आदि से दूर रहें। 

जिंक 

जिंक हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरुरी होता है। इसकी कमी से मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। आहार में जिंक की कमी से हमारे मस्तिष्क के कुछ हिस्सों का रूप बदलने लगता है। इसके अलावा जिंक की कमी से पाचन तंत्र पर भी बुरा असर होता है। इससे बचने के लिए अपनी डाइट में जिंक से भरपूर फूड्स जैसे चिकन, बादाम, पालक, ऑइस्टर, शेलफिश और कोको आदि को शामिल करें। 

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कॉपर

शरीर में ना केवल पोषक तत्वों की कमी, बल्कि कुछ पोषक तत्वों की अधिकता के कारण भी मूड में बदलाव हो सकते हैं। शरीर में कॉपर की मात्रा बढ़ने से भी मूड में असंतुलन पैदा हो सकता है। इससे न्यूरोट्रांसमीटर असंतुलन हो सकता है, डोपामाइन का स्तर गिर सकता है और नॉरपेनेफ्रिन बढ़ सकता है। इसके कारण डिलीवरी के बाद डिप्रेशन और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। शरीर में कॉपर की मात्रा अधिक होने के कारण एंग्जायटी और बेचैनी हो सकती है। 

अगर आप भी मूड स्विंग्स या डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी समस्याओं से गुजर रहे हैं तो इसका कारण शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी हो सकता है। शरीर में जिंक, एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन बी6 और कॉपर की कमी से मूड में तेजी से बदलाव आ सकता है। इससे बचने के लिए अपनी डाइट में इन न्यूट्रिएंट्स को जरूर शामिल करें।

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