Fri Sep 11, 2026 | 07:29 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

चाय-कॉफी की ज्यादा आदत कहीं पैनिक अटैक की वजह तो नहीं? एक्सपर्ट से जानें सच्चाई

आज के समय में चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक और सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन आम हो गया है। सुबह की शुरुआत कॉफी के बिना अधूरी लगती है, तो कई लोग दिनभर एनर्जी बनाए रखने के लिए कैफीन का सहारा लेते हैं लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही कैफीन आपके पैनिक अटैक की वजह बन सकता है?

आज के समय में सुबह की शुरुआत अगर चाय या कॉफी से न हो, तो दिन अधूरा-सा लगता है। ऑफिस की थकान हो, देर रात तक काम करने की मजबूरी या फिर दोस्तों के साथ गपशप, हर मौके पर कैफीन हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। एक कप कॉफी हमें तुरंत एनर्जी और फोकस का एहसास कराती है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही एनर्जी देने वाला कैफीन कभी-कभी हमारे दिमाग और दिल के लिए खतरे की घंटी भी बन सकता है? बीते कुछ सालों में युवाओं और वर्किंग प्रोफेशनल्स के बीच अचानक घबराहट, बेचैनी और पैनिक अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं। इस लेख में जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन (Archana Jain, Dietitian and Nutritionist, Director, Angelcare-A Nutrition and Wellness Center, Jaipur) से जानिए, क्या कैफीन पैनिक अटैक का कारण बन सकता है?

क्या कैफीन पैनिक अटैक का कारण बन सकता है? - Can caffeine cause panic attacks

डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, ''कैफीन शरीर में स्ट्रेस हार्मोन यानी कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन को बढ़ाता है। जिन लोगों को पहले से एंग्जायटी या पैनिक डिसऑर्डर की समस्या होती है, उनमें कैफीन पैनिक अटैक को ट्रिगर कर सकता है।'' कैफीन दिमाग को यह सिग्नल देता है कि शरीर खतरे की स्थिति में है, जिससे नर्वस सिस्टम ओवरएक्टिव हो जाता है। यही स्थिति पैनिक अटैक जैसी लग सकती है, खासकर उन लोगों में जो कैफीन के प्रति सेंसिटिव होते हैं।

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  • कैफीन एक नेचुरल स्टिमुलेंट है, जो सेंट्रल नर्वस सिस्टम को एक्टिव करता है। यह दिमाग को अलर्ट बनाता है, नींद दूर करता है और थकान कम महसूस कराता है।
  • चाय, कॉफी, चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक्स और कई पेनकिलर्स में कैफीन मौजूद होता है।
  • सीमित मात्रा में कैफीन फोकस और परफॉर्मेंस बढ़ा सकता है, लेकिन जब इसका सेवन जरूरत से ज्यादा हो जाए तो यह घबराहट, बेचैनी और दिल की धड़कन बढ़ने जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
  • पैनिक अटैक के दौरान दिल की धड़कन तेज हो जाती है, सांस लेने में दिक्कत होती है, पसीना आता है, हाथ-पैर कांपने लगते हैं और कई बार मौत का डर तक महसूस होने लगता है।
  • कुछ लोगों में यह समस्या कुछ मिनटों में खत्म हो जाती है, जबकि कुछ को बार-बार पैनिक अटैक का सामना करना पड़ता है।

डाइटिशियन की सलाह

एक स्वस्थ वयस्क के लिए दिन में 200-300 मिलीग्राम कैफीन सुरक्षित माना जाता है, जो लगभग 2 कप कॉफी के बराबर है लेकिन कई लोग अनजाने में इससे कहीं ज्यादा कैफीन ले लेते हैं। डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं, ''अगर दिनभर में चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक और चॉकलेट सब मिलाकर कैफीन की मात्रा बढ़ जाती है, तो यह नींद, हार्ट रेट और मानसिक संतुलन को बिगाड़ सकता है।'' खासतौर पर खाली पेट कॉफी पीना या देर रात कैफीन लेना पैनिक अटैक का खतरा बढ़ा सकता है।

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can caffeine cause panic attac

पैनिक अटैक से बचने के लिए क्या करें? - How to get rid of panic attack

अगर आपको लगता है कि कैफीन आपके पैनिक अटैक का कारण बन रहा है, तो इसे धीरे-धीरे कम करें। अचानक बंद करने से सिरदर्द और चिड़चिड़ापन हो सकता है। हर्बल टी, ग्रीन टी या डिकैफ कॉफी का विकल्प चुनें। पर्याप्त पानी पिएं और बैलेंस डाइट लें। योग, प्राणायाम और मेडिटेशन भी नर्वस सिस्टम को शांत करने में मदद करते हैं। डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, ''मैग्नीशियम और B-विटामिन से भरपूर डाइट मानसिक तनाव को कम करने में सहायक होती है।''

निष्कर्ष

कैफीन पूरी तरह से खराब नहीं है, लेकिन इसकी ज्यादा मात्रा मानसिक स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है। अगर आपको बार-बार घबराहट, बेचैनी या पैनिक अटैक जैसी समस्या हो रही है, तो अपने कैफीन सेवन पर ध्यान देना जरूरी है। सही मात्रा, सही समय और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर डाइटिशियन या मानसिक स्वास्थ्य एक्सपर्ट से सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प होता है।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • क्या खाली पेट कैफीन लेना नुकसानदायक है?

    खाली पेट चाय या कॉफी पीने से एसिडिटी, बेचैनी और दिल की धड़कन तेज हो सकती है, जिससे पैनिक अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
  • कैफीन का असर शरीर में कितनी देर तक रहता है?

    कैफीन का असर आमतौर पर 4 से 6 घंटे तक रहता है, लेकिन कुछ लोगों में यह ज्यादा समय तक भी प्रभाव डाल सकता है।
  • किन लोगों को कैफीन से बचना चाहिए?

    एंग्जायटी, पैनिक डिसऑर्डर, हार्ट प्रॉब्लम, थायराइड, नींद न आने की समस्या और प्रेग्नेंसी में कैफीन का सेवन सीमित करना चाहिए।

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Akanksha Tiwari

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Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 05, 2026 16:31 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jan 05, 2026 16:31 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Archana Jain

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