Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में स्मोकिंग और अल्कोहल क्यों खतरनाक, डॉक्टर से जानें मां और शिशु पर असर

प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में स्मोकिंग और अल्कोहल दोनों ही खतरनाक है, क्योंकि इसकी वजह से शिशु का विकास बाधित होता है, नर्वस सिस्टम पर असर पड़ता है और गर्भपात का जोखिम भी बढ़ता है। जानें, मां और गर्भस्थ शिशु पर इसका और क्या-क्या प्रभाव पड़ता है।

प्रेग्नेंसी के दिनों में हर महिला को स्वास्थ्य और खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। शराब और स्मोकिंग जैसी बुरी आदतों से पूरी तरह दूर रहना चाहिए। क्या आप जानती हैं कि आखिर ऐसा क्यों कहा जाता है कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में स्मोकिंग और अल्कोहल खतरनाक है? दरअसल, शराब और स्मोकिंग के कारण मिसकैरेज का जोखिम बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। आइए, जानते हैं वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से इसके तमाम नुकसानों के बारे में।

क्या कहती है स्टडी?

how dangerous is smoking and alcohol consumption in early pregnancy 01 (25)

साल 2020 में American Journal of Obstetrics & Gynecology में प्रकाशित शोध अध्ययन के निष्कर्ष से पता चलता है कि पहली तिमाही (First Trimester) के शुरुआती 5 से 10 हफ्तों के दौरान, गर्भवती महिला द्वारा शराब का सेवन करने से हर आने वाले नए हफ्ते में गर्भपात का जोखिम औसतन 8% बढ़ जाता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि शराब का प्रकार (जैसे बियर, वाइन या हार्ड लिकर) चाहे जो भी हो, गर्भपात का जोखिम हर स्थिति में बना रहता है। अध्ययन में पाया गया कि गर्भावस्था के 5वें से 10वें हफ्ते के बीच शराब पीना सबसे अधिक हानिकारक होता है और 9वें हफ्ते के आस-पास इसका जोखिम सबसे ज्यादा होता है।

शुरुआती प्रेग्नेंसी में शराब पीना क्यों खतरनाक है?

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प्लेसेंटा पर असरः शुरुआती प्रेग्नेंसी में शराब पीना बहुत घातक है और इसका सीधा असर प्लेसेंटा पर पड़ता है। दरअसल, शराब पीते ही यह खून में घुल जाती है और प्लेसेंटा से होते हुए भ्रूण तक पहुंच जाती है। डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं कि शराब पीने के बाद यह मां की तुलना में शिशु के शरीर में अधिक समय तक बना रहता है। इससे शिशु को नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है।

ब्रेन डेवेलपमेंट पर असरः अगर कोई महिला प्रेग्नेंसी की शुरुआती दिनों में काफी ज्यादा मात्रा में शराब पीती है, तो यह गर्भस्थ शिशु का ब्रेन डेवलपमेंट पर बुरा प्रभाव नजर आने लगता है। डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "गर्भावस्था के पहले 3 से 8 हफ्ते तक बच्चे के मुख्य अंग, तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क का निर्माण होता है। इस दौरान गर्भवती महिला द्वारा शराब पीना शिशु के ब्रेन और तंत्रिका तंत्र के निर्माण को बाधित कर सकता है।"

डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "कई बार महिलाओं को शुरुआती हफ्तों में अपनी प्रेग्नेंसी का पता भी नहीं होता। ऐसे समय में शराब का सेवन नए न्यूरॉन्स (मस्तिष्क की कोशिकाओं) के बनने की प्रक्रिया को नष्ट या धीमा कर देता है। यह शिशु के विकास के लिए सही नहीं है।"

गर्भपात का खतराः NHS के अनुसार, शराब पीने के कारण गर्भपात का खतरा भी बढ़ जाता है। दरअसल, शराब के कारण प्लेसेंटा को ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाने में मुश्किलें आती हैं, जिससे भ्रूण की मृत्यु का जोखिम बढ़ जाता है। यही नहीं, भ्रूण के विकास पर असर पड़ता है, जिससे वह अंडरवेट भी हो सकता है।

शुरुआती प्रेग्नेंसी में स्मोकिंग क्यों खतरनाक है?

  • ऑक्सीजन की कमीः गर्भावस्था के किसी भी चरण में स्मोकिंग करना सेफ नहीं है। यह जानलेवा हो सकता है और इससे मां के साथ-साथ शिशु भी प्रभावित होता है। बहरहाल, शुरुआती चरण की बात करें, तो प्रेग्नेंसी में स्मोकिंग करने से गर्भस्थ शिशु जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड और निकोटिन के संपर्क में आ जाता है, जिससे बच्चे तक ऑक्सीजन की पहुंच रुकने लगती है।
  • प्लेसेंटा में ब्लड फ्लो की कमीः गर्भस्थ शिशु तक सभी जरूरी पोषक तत्व पहुंचने का एकमात्र जरिया प्लेसेंट है। शुरुआती प्रेग्नेंसी में स्मोक करने से निकोटिन और केमिकल्स के कारण प्लेसेंटा में ब्लड फ्लो धीमा पड़ जाता है। 
  • जन्मजात बीमारियों का जोखिमः ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की कमी के कारण शिशु के फेफड़े, हृदय और मस्तिष्क जैसे महत्वपूर्ण अंग सही तरीके से विकसित नहीं हो पाते हैं। ऐसे में शिशु में जन्मजात बीमारियों का रिस्क बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

डॉक्टर की सलाह

प्रेग्नेंसी के दौरान किसी भी महिला के लिए शराब पीना या स्मोकिंग करना किसी भी स्तर में सही नहीं है। डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "शराब पीने या धूम्रपान करने के लिए न तो कोई सुरक्षित मात्रा तय है और न ही कोई सुरक्षित समय। प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिन बहुत नाजुक और महत्वपूर्ण होते हैं। इन्हीं दिनों गर्भस्थ शिशु के मुख्य अंग, मस्तिष्क और चेहरे की बनावट बहुत तेजी से विकसित हो रही होती है। स्मोकिंग करने या शराब पीने से शिशु और गर्भवती महिला, दोनों के लिए हानिकारक है।"

निष्कर्ष

गर्भावस्था के दौरान किसी भी महिला को शराब नहीं पीनी चाहिए और न ही स्मोकिंग करनी चाहिए। अगर कोई महिला इस तरह के नशीले पदार्थों का सेवन करती है, तो उन्हें कंसीव करने से काफी पहले इन आदतों को पूरी तरह छोड़ देना और अपनी सेहत में सुधार करने चाहिए। इसके अलावा, प्रेग्नेंसी के दौरान इस तरह के पदार्थों से पूरी तरह दूरी बनाए रखनी चाहिए ताकि शिशु का विकास अच्छे तरीके से हो सके।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या पैसिव स्मोकिंग भी गर्भस्थ शिशु के लिए हानिकारक है?

    गर्भवती महिलाओं को किसी भी रूप में स्मोकिंग नहीं करनी चाहिए, फिर वो पसीवे स्मोकिंग ही क्यों न हो।
  • अगर प्रेग्नेंसी का पता न हो और महिला अनजाने में स्मोकिंग या शराब का सेवन कर ले, तो इसके बाद उन्हें तुरंत क्या करना चाहिए?

    ऐसी स्थिति में महिला को घबराने के बजाय तुरंत अपनी गायनेकोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए और डॉक्टर द्वारा बताए गए जरूरी प्रीनेटल टेस्ट, अल्ट्रासाउंड आदि करवा लेने चाहिए।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 14, 2026 12:43 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta

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